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Yamuna Nagar News: हादसे में चालक को फर्जी फंसाने का आरोप, साढौरा थाने पर हंगामा
Sat, 17 Jan 2026 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:43 AM IST
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साढौरा थाना में एसएचओ से शिकायत करते मृतक के परिजन।
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। दोसड़का चौक पर पांच जनवरी को हुए सड़क हादसे पर साढौरा थाना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। लोगों ने हादसे में दूसरे चालक को फंसाने आरोप लगाकर साढौरा थाने में हंगामा किया। साथ ही वीडियो सौंपकर आरोपी चालक पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई।
लोगों ने थाना पुलिस पर डंपर मालिक से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एसपी को भी शिकायत सौंपी है। हादसे में गांव रामगढ़ माजरा निवासी बाइक सवार विकास की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया गया कि डंपर चालक गलत दिशा में अचानक मुड़ गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। उस समय मौके पर मौजूद लोगों ने डंपर को तो रोक लिया था, लेकिन चालक मौके से भाग गया था।
इस मामले में पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए उसका नाम हरिद्वार निवासी जनकराज बताया था।
हालांकि शुक्रवार को मृतक के भाई सन्नी और भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रदीप गौतम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में हंगामा किया।
उनका कहना है कि पुलिस ने असली आरोपी डंपर चालक को बचाने के लिए किसी फर्जी व्यक्ति को चालक बताकर केस दर्ज कर दिया। सन्नी और प्रदीप गौतम का आरोप है कि पुलिस ने डंपर मालिक से मिलीभगत कर असली चालक को संरक्षण दिया।
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आरोप यह भी है कि डंपर को जल्दबाजी में सुपरदारी पर छोड़ दिया गया और कथित फर्जी चालक को जमानत पर रिहा कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद असली डंपर चालक को पकड़ते समय उसकी वीडियो बनाई गई थी, जिसमें वह अपना जुर्म स्वीकार करता नजर आ रहा है। यह वीडियो ग्रामीणों ने एसएचओ को सौंपी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने असली चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले में मिलीभगत करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी है। वहीं, थाना प्रभारी मनजीत ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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साढौरा। दोसड़का चौक पर पांच जनवरी को हुए सड़क हादसे पर साढौरा थाना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। लोगों ने हादसे में दूसरे चालक को फंसाने आरोप लगाकर साढौरा थाने में हंगामा किया। साथ ही वीडियो सौंपकर आरोपी चालक पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग उठाई।
लोगों ने थाना पुलिस पर डंपर मालिक से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए एसपी को भी शिकायत सौंपी है। हादसे में गांव रामगढ़ माजरा निवासी बाइक सवार विकास की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया गया कि डंपर चालक गलत दिशा में अचानक मुड़ गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। उस समय मौके पर मौजूद लोगों ने डंपर को तो रोक लिया था, लेकिन चालक मौके से भाग गया था।
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इस मामले में पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए उसका नाम हरिद्वार निवासी जनकराज बताया था।
हालांकि शुक्रवार को मृतक के भाई सन्नी और भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष प्रदीप गौतम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में हंगामा किया।
उनका कहना है कि पुलिस ने असली आरोपी डंपर चालक को बचाने के लिए किसी फर्जी व्यक्ति को चालक बताकर केस दर्ज कर दिया। सन्नी और प्रदीप गौतम का आरोप है कि पुलिस ने डंपर मालिक से मिलीभगत कर असली चालक को संरक्षण दिया।
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आरोप यह भी है कि डंपर को जल्दबाजी में सुपरदारी पर छोड़ दिया गया और कथित फर्जी चालक को जमानत पर रिहा कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद असली डंपर चालक को पकड़ते समय उसकी वीडियो बनाई गई थी, जिसमें वह अपना जुर्म स्वीकार करता नजर आ रहा है। यह वीडियो ग्रामीणों ने एसएचओ को सौंपी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने असली चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले में मिलीभगत करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी है। वहीं, थाना प्रभारी मनजीत ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।