{"_id":"6441b0d0cdfb463c4c08d164","slug":"admission-process-entangled-in-the-flaws-of-mis-portal-yamuna-nagar-news-c-18-knl1031-97273-2023-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: एमआईएस पोर्टल की खामियों में उलझी दाखिला प्रक्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: एमआईएस पोर्टल की खामियों में उलझी दाखिला प्रक्रिया
विज्ञापन
करनाल। एक ओर शिक्षक जहां सरकारी स्कूलों में नया सत्र शुरू होने के साथ विद्यार्थियों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, वहीं पोर्टल में खामियों के कारण भी दाखिले नहीं हो पा रहे हैं। यही नहीं स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में नए दाखिले कैसे होंगे, ये सोचकर अभिभावक और विद्यार्थी दोनों परेशान हैं। एमआईएस पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह से उलझी हुई है।
हालात यह हैं कि पोर्टल से विद्यार्थियों का डाटा गायब है। ऐसे में एसएलसी नहीं कट रहे हैं। वहीं यदि नया दाखिला करते हैं तो 10 अंक की बजाय आठ या नौ अंक का एसआरएन जनरेट हो रहा है। खामी के कारण शिक्षक भी पोर्टल पर दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए सुबह से ही विद्यालय पहुंच रहे अभिभावकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। खासकर उन विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है जिन्हें स्कूल बदलना है या फिर जिनका स्कूल में पहली बार यानी पहली कक्षा में दाखिला हो रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि वे गेहूं फसल के सीजन में से समय निकाल कर बच्चों के दाखिले के लिए स्कूल में आए थे लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि एमआईएस पोर्टल बंद है या दिक्कतें दाखिले में अड़चन पैदा कर रही हैं, आखिरकार नौनिहाल दाखिले के लिए जाए तो कहां जाए। यहीं नहीं दाखिलों के लिए पोर्टल बंद होने का अधिकारियों के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है। जिसके कारण अभिभावकों को स्कूलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विदित हो कि दाखिले की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होता है। पोर्टल ठप होने के कारण स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र भी न मिल पाने से भी विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण वे दूसरे स्कूलों में जाकर दाखिला नहीं ले सकते। जिले में 781 राजकीय और 375 निजी स्कूल हैं, जहां ढाई लाख विद्यार्थी पिछले सत्र में पढ़ाई कर रहे थे, इनका अगली कक्षाओं में दाखिला होना है। ब्यूरो
विज्ञापन
पोर्टल न चलने से यह है दुविधा
- पोर्टल से ये भी पता चलता है कि जो बच्चा दाखिला लेने आया। उसके पिछले स्कूल की फीस का भुगतान हुआ है या नहीं।
- स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट अधिकतर बच्चे साथ नहीं ला रहे हैं। पोर्टल सही काम नहीं कर रहा है, उनको पता नहीं लग पा रहा है कि किसके ड्यूज रुके है।
- पोर्टल पर निजी स्कूलों को भी डाटा देना होता है। इसलिए बाद में एडमिशन रद न करना पड़ जाए।
फोटो-- 103
20 दिन बाद भी पोर्टल न चलना लापरवाही
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के पूर्व महासचिव दीपक गोस्वामी का कहना है कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए 20 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में अभी तक पोर्टल का दुरुस्त न होना या तकनीकी खामी आना लापरवाही है। अधिकारियों को इस पर सत्र की शुरुआत से पहले ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने बताया कि खामी के कारण न तो विद्यार्थियों को सेक्शन आवंटित हो पा रहे हैं और न ही नया दाखिला। कुछ स्कूलों के 40 प्रतिशत विद्यार्थियों का डाटा भी लैप्स हो गया है।
फोटो-- 104
वर्जन
सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन चल रहे हैं, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण पोर्टल कभी-कभी बंद भी हो जाता है। पोर्टल की खामियों के बारे में निदेशालय को भी अवगत करा चुके हैं। सभी विद्यार्थियों का दाखिला होगा। किसी को भी दिक्कत नहीं आने देंगे। फिलहाल आवेदन ऑफलाइन लेकर भी रखे जा रहे हैं। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
-- -- -
विज्ञापन
हालात यह हैं कि पोर्टल से विद्यार्थियों का डाटा गायब है। ऐसे में एसएलसी नहीं कट रहे हैं। वहीं यदि नया दाखिला करते हैं तो 10 अंक की बजाय आठ या नौ अंक का एसआरएन जनरेट हो रहा है। खामी के कारण शिक्षक भी पोर्टल पर दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे है। ऐसे में स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए सुबह से ही विद्यालय पहुंच रहे अभिभावकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। खासकर उन विद्यार्थियों को परेशानी आ रही है जिन्हें स्कूल बदलना है या फिर जिनका स्कूल में पहली बार यानी पहली कक्षा में दाखिला हो रहा है।
विज्ञापन
अभिभावकों का कहना है कि वे गेहूं फसल के सीजन में से समय निकाल कर बच्चों के दाखिले के लिए स्कूल में आए थे लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि एमआईएस पोर्टल बंद है या दिक्कतें दाखिले में अड़चन पैदा कर रही हैं, आखिरकार नौनिहाल दाखिले के लिए जाए तो कहां जाए। यहीं नहीं दाखिलों के लिए पोर्टल बंद होने का अधिकारियों के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है। जिसके कारण अभिभावकों को स्कूलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विदित हो कि दाखिले की प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होता है। पोर्टल ठप होने के कारण स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र भी न मिल पाने से भी विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण वे दूसरे स्कूलों में जाकर दाखिला नहीं ले सकते। जिले में 781 राजकीय और 375 निजी स्कूल हैं, जहां ढाई लाख विद्यार्थी पिछले सत्र में पढ़ाई कर रहे थे, इनका अगली कक्षाओं में दाखिला होना है। ब्यूरो
विज्ञापन
पोर्टल न चलने से यह है दुविधा
- पोर्टल से ये भी पता चलता है कि जो बच्चा दाखिला लेने आया। उसके पिछले स्कूल की फीस का भुगतान हुआ है या नहीं।
- स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट अधिकतर बच्चे साथ नहीं ला रहे हैं। पोर्टल सही काम नहीं कर रहा है, उनको पता नहीं लग पा रहा है कि किसके ड्यूज रुके है।
- पोर्टल पर निजी स्कूलों को भी डाटा देना होता है। इसलिए बाद में एडमिशन रद न करना पड़ जाए।
फोटो
20 दिन बाद भी पोर्टल न चलना लापरवाही
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के पूर्व महासचिव दीपक गोस्वामी का कहना है कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए 20 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में अभी तक पोर्टल का दुरुस्त न होना या तकनीकी खामी आना लापरवाही है। अधिकारियों को इस पर सत्र की शुरुआत से पहले ध्यान देना चाहिए था। उन्होंने बताया कि खामी के कारण न तो विद्यार्थियों को सेक्शन आवंटित हो पा रहे हैं और न ही नया दाखिला। कुछ स्कूलों के 40 प्रतिशत विद्यार्थियों का डाटा भी लैप्स हो गया है।
फोटो
वर्जन
सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन चल रहे हैं, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण पोर्टल कभी-कभी बंद भी हो जाता है। पोर्टल की खामियों के बारे में निदेशालय को भी अवगत करा चुके हैं। सभी विद्यार्थियों का दाखिला होगा। किसी को भी दिक्कत नहीं आने देंगे। फिलहाल आवेदन ऑफलाइन लेकर भी रखे जा रहे हैं। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी