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Yamuna Nagar News: हथिनियों की सुरक्षा के लिए 84 एकड़ में बनेगी दीवार
Mon, 12 Jan 2026 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 12 Jan 2026 12:24 AM IST
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बनसंतौर क्षेत्र में हथिनियों को सैर कराते महावत। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। 84 एकड़ में हरियाणा के पहले चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र, बनसंतौर में रह रही चार हथिनियों की सुरक्षा को लेकर वन्य प्राणी विभाग गंभीर है। इनकी सुरक्षा कैसे हो विभाग ने बनसंतौर के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाने की योजना है। इसका दो करोड़ रुपये प्रस्ताव विभाग ने मुख्यालय बनाकर भेजा है।
कलेसर जंगल से सटे इस क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही के चलते यहां रह रही हथिनियों और स्टाफ पर संभावित खतरा बना हुआ है। इसी को देखते हुए बनसंतौर पुनर्वास केंद्र के चारों ओर मजबूत बाउंड्री वॉल बनाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में केंद्र में चंचल, लिली, लक्ष्मी-वन और लक्ष्मी-टू नाम की चार हथिनियां रह रही हैं, जिन्हें अलग-अलग स्थानों से रेस्क्यू कर यहां लाया गया था।
हालांकि अभी तक किसी जंगली हाथी ने इन हथिनियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन कलेसर जंगल नजदीक होने के कारण कई बार जंगली हाथियों का झुंड विचरण करते हुए बनसंतौर तक पहुंच चुका है। फिलहाल सड़क की ओर लोहे की जाली और कांटेदार तार लगे हुए हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से नाकाफी माने जा रहे हैं।
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इसके अलावा पुनर्वास केंद्र परिसर में महावतों के क्वार्टर, स्टाफ आवास और वन्य प्राणी विभाग का कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में केवल हथिनियों ही नहीं, बल्कि यहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। बता दें चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र की स्थापना वर्ष 2008 में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से 50 एकड़ भूमि पर की गई थी।
उस समय घरौंडा से बिना परमिट लाई गई दो मादा हथिनियों लक्ष्मी और चंचल को यहां छोड़ा गया था। बाद में सिरसा चुनाव के दौरान बीएसपी प्रत्याशी के जुलूस से मुक्त कराई गई हथिनी लिली को भी बनसंतौर लाया गया। वहीं हथिनी लक्ष्मी-टू को दिल्ली सरकार के माध्यम से यहां भेजा गया था।
बाउंड्री वॉल के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा हुआ है। सोमवार को इसमें अपडेट लिया जाएगा। यदि बाउंड्री वॉल बन जाए तो चारों हथिनियों की सुरक्षा अच्छी हो जाएगी। -लीलूराम, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।
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छछरौली। 84 एकड़ में हरियाणा के पहले चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र, बनसंतौर में रह रही चार हथिनियों की सुरक्षा को लेकर वन्य प्राणी विभाग गंभीर है। इनकी सुरक्षा कैसे हो विभाग ने बनसंतौर के चारों तरफ बाउंड्री वॉल बनाने की योजना है। इसका दो करोड़ रुपये प्रस्ताव विभाग ने मुख्यालय बनाकर भेजा है।
कलेसर जंगल से सटे इस क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही के चलते यहां रह रही हथिनियों और स्टाफ पर संभावित खतरा बना हुआ है। इसी को देखते हुए बनसंतौर पुनर्वास केंद्र के चारों ओर मजबूत बाउंड्री वॉल बनाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में केंद्र में चंचल, लिली, लक्ष्मी-वन और लक्ष्मी-टू नाम की चार हथिनियां रह रही हैं, जिन्हें अलग-अलग स्थानों से रेस्क्यू कर यहां लाया गया था।
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हालांकि अभी तक किसी जंगली हाथी ने इन हथिनियों पर हमला नहीं किया है, लेकिन कलेसर जंगल नजदीक होने के कारण कई बार जंगली हाथियों का झुंड विचरण करते हुए बनसंतौर तक पहुंच चुका है। फिलहाल सड़क की ओर लोहे की जाली और कांटेदार तार लगे हुए हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से नाकाफी माने जा रहे हैं।
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इसके अलावा पुनर्वास केंद्र परिसर में महावतों के क्वार्टर, स्टाफ आवास और वन्य प्राणी विभाग का कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में केवल हथिनियों ही नहीं, बल्कि यहां कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। बता दें चौ. सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र की स्थापना वर्ष 2008 में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से 50 एकड़ भूमि पर की गई थी।
उस समय घरौंडा से बिना परमिट लाई गई दो मादा हथिनियों लक्ष्मी और चंचल को यहां छोड़ा गया था। बाद में सिरसा चुनाव के दौरान बीएसपी प्रत्याशी के जुलूस से मुक्त कराई गई हथिनी लिली को भी बनसंतौर लाया गया। वहीं हथिनी लक्ष्मी-टू को दिल्ली सरकार के माध्यम से यहां भेजा गया था।
बाउंड्री वॉल के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा हुआ है। सोमवार को इसमें अपडेट लिया जाएगा। यदि बाउंड्री वॉल बन जाए तो चारों हथिनियों की सुरक्षा अच्छी हो जाएगी। -लीलूराम, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।