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Yamuna Nagar News: गुरु रविदास के प्रकाश पर्व पर निकाला नगर कीर्तन
Sun, 01 Feb 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 01 Feb 2026 12:17 AM IST
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नगर कीर्तन में मुख्यातिथि को सम्मानित करते संस्था पदाधिकारी। संस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 649वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य पर शहर की अशोक विहार कॉलोनी के डॉ. बीआर आंबेडकर समिति व संत रविदास मंदिर सभा की ओर से नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन में उपजिला शिक्षा अधिकारी केएस संधावा व शशि संधावा मुख्यातिथि रहीं।
मुख्यातिथि केएस संधावा ने कहा कि गुरु रविदास महाराज भक्ति काल के महान संत हुए। उन्होंने 600 वर्ष पूर्व अपनी वाणी से समाज में व्याप्त उच्च नीच का कड़ा विरोध किया था और समाज को नई दिशा दी थी। संत रविदास की वाणी व संदेश आज भी संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का समर्थन किया था।
अपनी वाणी से ऐसा चाहूं राज में जहां मिले शबन को अन्न छोट-बड़े सब सम बसे रविदास रहे प्रश्न से सत्ता का मूल कार्य बताया था। संधावा ने कहा कि विश्व शांति के लिए आज गुरु रविदास की शिक्षाओं की आवश्यकता है। नगर कीर्तन में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और संत रविदास की वाणी का स्मरण किया। डॉ. बीआर आंबेडकर समिति प्रधान व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और बाबा साहेब का चित्र देकर सम्मानित किया।
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जगाधरी। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 649वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य पर शहर की अशोक विहार कॉलोनी के डॉ. बीआर आंबेडकर समिति व संत रविदास मंदिर सभा की ओर से नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन में उपजिला शिक्षा अधिकारी केएस संधावा व शशि संधावा मुख्यातिथि रहीं।
मुख्यातिथि केएस संधावा ने कहा कि गुरु रविदास महाराज भक्ति काल के महान संत हुए। उन्होंने 600 वर्ष पूर्व अपनी वाणी से समाज में व्याप्त उच्च नीच का कड़ा विरोध किया था और समाज को नई दिशा दी थी। संत रविदास की वाणी व संदेश आज भी संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का समर्थन किया था।
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अपनी वाणी से ऐसा चाहूं राज में जहां मिले शबन को अन्न छोट-बड़े सब सम बसे रविदास रहे प्रश्न से सत्ता का मूल कार्य बताया था। संधावा ने कहा कि विश्व शांति के लिए आज गुरु रविदास की शिक्षाओं की आवश्यकता है। नगर कीर्तन में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और संत रविदास की वाणी का स्मरण किया। डॉ. बीआर आंबेडकर समिति प्रधान व अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और बाबा साहेब का चित्र देकर सम्मानित किया।
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