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Yamuna Nagar News: इंश्योरेंस कंपनी पर लगाया 15 हजार का जुर्माना
Tue, 27 Feb 2024 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 27 Feb 2024 02:07 AM IST
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यमुनानगर। उपभोक्ता फोरम ने अस्पताल में उपचार पर हुए खर्च का क्लेम नहीं देने पर निवा बूपा इंश्योरेंस कंपनी पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं कंपनी को पीड़िता के उपचार पर हुआ सारा खर्च देने के भी आदेश दिए।
अंसल टाउन निवासी रेनू ने उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई थी कि उसने निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की एक हेल्थ पॉलिसी ली थी। वह पॉलिसी 11 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2023 के लिए थी। कंपनी की पॉलिसी के अनुसार वह पांच लाख रुपये तक का इलाज इसके तहत करवा सकती थी। दो जुलाई 2023 को उसे पेट में दर्द हुआ। इलाज कराने के लिए इमरजेंसी में सिविल अस्पताल जगाधरी गई। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिख दिया। अल्ट्रासाउंड कराने के बाद उसने प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया। डॉक्टर ने फैटी लीवर और पित्त की बीमारी बताते हुए सर्जरी कराने को कहा। उसकी सर्जरी पर 46784 रुपये खर्च आया। परंतु इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। वह कंपनी के प्रतिनिधियों से बात करती तो वह कोई न कोई बहाना बना देते। उसने उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई। जिस पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को उपचार पर खर्च हुए 46784 रुपये देने के आदेश दिए। वहीं 15 हजार रुपये का जुर्माना भी इंश्योरेंस कंपनी पर लगाया है।
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अंसल टाउन निवासी रेनू ने उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई थी कि उसने निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की एक हेल्थ पॉलिसी ली थी। वह पॉलिसी 11 नवंबर 2022 से 10 नवंबर 2023 के लिए थी। कंपनी की पॉलिसी के अनुसार वह पांच लाख रुपये तक का इलाज इसके तहत करवा सकती थी। दो जुलाई 2023 को उसे पेट में दर्द हुआ। इलाज कराने के लिए इमरजेंसी में सिविल अस्पताल जगाधरी गई। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिख दिया। अल्ट्रासाउंड कराने के बाद उसने प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया। डॉक्टर ने फैटी लीवर और पित्त की बीमारी बताते हुए सर्जरी कराने को कहा। उसकी सर्जरी पर 46784 रुपये खर्च आया। परंतु इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। वह कंपनी के प्रतिनिधियों से बात करती तो वह कोई न कोई बहाना बना देते। उसने उपभोक्ता फोरम में याचिका लगाई। जिस पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को उपचार पर खर्च हुए 46784 रुपये देने के आदेश दिए। वहीं 15 हजार रुपये का जुर्माना भी इंश्योरेंस कंपनी पर लगाया है।
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