फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   A different board was found in the chemical factory, the name in the case was different

Yamuna Nagar News: केमिकल फैक्ट्री में बोर्ड मिला दूसरा, केस में नाम कुछ और

Fri, 19 Jul 2024 04:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 19 Jul 2024 04:42 AM IST
विज्ञापन
A different board was found in the chemical factory, the name in the case was different
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। खुंडेवाला गांव में जिस केमिकल फैक्ट्री में 13 जुलाई को आग लगी थी उसके नाम पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। थाना छप्पर पुलिस ने फैक्ट्री संचालक पर जो एफआईआर दर्ज की है उसमें फैक्ट्री का नाम रुकन्द आयल एंङ पैट्रो कैमिकल्स अंकित किया गया है। वहीं जिस दिन आग लगी थी तो फैक्ट्री के अंदर इसका बोर्ड रखा हुआ था। जिस पर गणेशा केमिकल्स लिखा हुआ था।
फैैक्ट्री के दो-दो नाम रखे जाने से मामला और भी ज्यादा पेचिदा हो गया है। क्योंकि पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि फैक्ट्री में आग कैसे लगी। कैसे अंदर खड़े लाखों रुपये के दो ट्रक व एक टैंक और ड्रम जल गए। फैक्ट्री के अंदर कहीं मिलावटी केमिकल तो तैयार नहीं किया जा रहा था, पुलिस अब इस एंगल से भी जांच करेगी।
विज्ञापन

ऐसा इसलिए क्योंकि जिस दिन आग लगी थी उस दिन फैक्ट्री में कई नामी कंपनियों के सील बंद ड्रम मिले थे। वहीं जो ड्रम आग में जल गए थे उन पर भी इन्हीं नामी कंपनियों का नाम लिखा हुआ था। एक तरफ तो यह कहा जा रहा है कि गुजरात से केमिकल लाकर उसे छोटी पैकिंग में बेचा जा रहा था। यदि इसे सच भी मान लिया जाए तो फैक्ट्री में नामी कंपनियों के ऑयल से भरे सील बंद ड्रम किसलिए रखे गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

केमिकल फैक्ट्री के अंदर निगरानी रखने के लिए संचालकों ने कई सीसीटीवी लगाए थे। उनकी डीवीआर इस वक्त थाना छप्पर पुलिस के कब्जे में है। पुलिस का कहना है कि यह डीवीआर खुद फैक्ट्री संचालकों ने पुलिस को सौंपी थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री में आग लगने पर संचालक अपनी कारों में बैठकर फरार हो गए थे।
ग्रामीणों ने तो फैक्ट्री संचालकों पर ही इसमें आग लगाने के आरोप लगाए थे। पुलिस मौके पर काफी देर बाद पहुंची।आग को देख कर खुद पुलिसकर्मी भी फैक्ट्री के पास नहीं जा सके थे। पुलिस ग्रामीणों को भी फैक्ट्री की तरफ जाने से रोक रही थी। ऐसे में फैक्ट्री संचालक पुलिस को कब मिले।
यदि फैक्ट्री संचालकों ने ही डीवीआर सौंपी थी तो पुलिस दो दिन तक यह क्यों कहती रही की अभी तक इसके संचालकों का पता नहीं चल पाया है। वहीं पुलिस जब भी किसी घटनास्थल पर जाती है तो सबसे पहले जिसके साथ घटना होती है उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखती है। इसके अलावा आसपास के लोगों के नाम भी बतौर गवाह दर्ज किए जाते हैं।

मिलावट के पहलू जांच का विषय : जगदीप सिंह
मामले की जांच कर रहे जगदीप सिंह ने बताया कि फैक्ट्री रुकन्द आयल एंड पैट्रो कैमिकल्स का नाम शिकायत में दिया गया था। इस पर एफआईआर में यह नाम लिखा गया है। फैक्ट्री में मिलावटी ऑयल तैयार किया जा रहा था या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी। फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी की डीवीआर फैक्ट्री के संचालकों ने ही उस दिन पुलिस को सौंपी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed