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अपनी सुरक्षा के लिए खुद लड़ना चाहती हैं छात्राएं
Yamuna Nagar
Updated Wed, 11 Sep 2013 05:38 AM IST
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यमुनानगर। स्कूल से कॉलेज पहुंचीं छात्राओं के सपने बड़े ही नहीं, बल्कि तर्कपूर्ण भी हैं। कोई आईएएस बनकर सोसाइटी को सुधारना चाहती है तो कोई सीए बनकर माता-पिता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहती है। कोई टीचर बनकर समाज को शिक्षित करना चाहती है, ताकि पढ़कर सब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और देश तरक्की हो। इसी तरह से कोई पुलिस अधिकारी बन क्राइम पर लगाम लगाने के सपने पाल रही है।
शिक्षक बन समाज को शिक्षित करना लक्ष्य
हिंदू गर्ल्स कॉलेज में बीए में एडमिशन लेने वाली वंदना व अनुपमा सैनी पढ़ाई पूरी करने के बाद टीचर बनना चाहती हैं, ताकि समाज का हर व्यक्ति को शिक्षित हो सके। उनका कहना है कि अच्छा शिक्षक बच्चों को अच्छे संस्कार देता है। टीचर बनने के बाद वह युवाओं को अच्छे संस्कार और शिक्षा देकर सही दिशा दिखा सकती हैं। शिक्षक का कर्तव्य होता है कि वह बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दे।
आईएएस बनना चाहती हूं
महक के अपने तो आसमान से भी ऊंचे हैं। वह आईएएस बना चाहती हैं। उसने बताया कि आईएएस बनने के सपने के पीछे उसकी सोच लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वह मानती हैं कि अगर जिले में एक आईएएस अधिकारी लड़कियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील हो तो दिन या रात के समय किसी भी लड़की के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती।
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सरकारी जॉब हासिल करना लक्ष्य
बीएसई की छात्रा शबिया कहती हैं कि स्कूल से पास होने के बाद जब कॉलेज में कदम रखा, तो एक दम खुला माहौल मिला। कॉलेज में एक तरह से पूरी आजादी है। जरूरी है कि इस आजादी को सही तरीके से इस्तेमाल कर अच्छी शिक्षा इस्तेमाल की जाए। कॉलेज में टीचर एक दोस्त की तरह से पढ़ाते हैं। उसने बताया कि उसे तो सरकारी जॉब करनी है। वह यह साबित करना चाहती है कि लड़कियाें किसी क्षेत्र में पीछे नहीं है। इसके लिए उसे चाहे कितनी भी मेहनत करनी पड़े।
पुलिस अधिकारी बनना सपना
बीए की छात्रा वंदना अपने पिता की तरह ही पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। उसका कहना है कि हर दिन क्राइम बढ़ रहा है। पुलिस अधिकारी बनने के बाद क्राइम कम करना ही उसका पहला लक्ष्य होगा। उसका कहना है कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं, पुलिस अधिकारी बन इन घटनाओं पर लगाम लगाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
अक्षिता की नजर सीए पर
बीकॉम की छात्रा अक्षिता का सपना है कि वह सीए बने। उसका कहना है कि सीए बनकर वह देश को आगे ले जाने का काम करेंगी। उसके माता-पिता के भी कुछ सपने हैं, जिन्हें वह सीए बनकर पूरा करना चाहती है।
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शिक्षक बन समाज को शिक्षित करना लक्ष्य
हिंदू गर्ल्स कॉलेज में बीए में एडमिशन लेने वाली वंदना व अनुपमा सैनी पढ़ाई पूरी करने के बाद टीचर बनना चाहती हैं, ताकि समाज का हर व्यक्ति को शिक्षित हो सके। उनका कहना है कि अच्छा शिक्षक बच्चों को अच्छे संस्कार देता है। टीचर बनने के बाद वह युवाओं को अच्छे संस्कार और शिक्षा देकर सही दिशा दिखा सकती हैं। शिक्षक का कर्तव्य होता है कि वह बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दे।
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आईएएस बनना चाहती हूं
महक के अपने तो आसमान से भी ऊंचे हैं। वह आईएएस बना चाहती हैं। उसने बताया कि आईएएस बनने के सपने के पीछे उसकी सोच लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वह मानती हैं कि अगर जिले में एक आईएएस अधिकारी लड़कियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील हो तो दिन या रात के समय किसी भी लड़की के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती।
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सरकारी जॉब हासिल करना लक्ष्य
बीएसई की छात्रा शबिया कहती हैं कि स्कूल से पास होने के बाद जब कॉलेज में कदम रखा, तो एक दम खुला माहौल मिला। कॉलेज में एक तरह से पूरी आजादी है। जरूरी है कि इस आजादी को सही तरीके से इस्तेमाल कर अच्छी शिक्षा इस्तेमाल की जाए। कॉलेज में टीचर एक दोस्त की तरह से पढ़ाते हैं। उसने बताया कि उसे तो सरकारी जॉब करनी है। वह यह साबित करना चाहती है कि लड़कियाें किसी क्षेत्र में पीछे नहीं है। इसके लिए उसे चाहे कितनी भी मेहनत करनी पड़े।
पुलिस अधिकारी बनना सपना
बीए की छात्रा वंदना अपने पिता की तरह ही पुलिस अधिकारी बनना चाहती है। उसका कहना है कि हर दिन क्राइम बढ़ रहा है। पुलिस अधिकारी बनने के बाद क्राइम कम करना ही उसका पहला लक्ष्य होगा। उसका कहना है कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही हैं, पुलिस अधिकारी बन इन घटनाओं पर लगाम लगाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
अक्षिता की नजर सीए पर
बीकॉम की छात्रा अक्षिता का सपना है कि वह सीए बने। उसका कहना है कि सीए बनकर वह देश को आगे ले जाने का काम करेंगी। उसके माता-पिता के भी कुछ सपने हैं, जिन्हें वह सीए बनकर पूरा करना चाहती है।