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फैक्टरियों के धुएं के खिलाफ उठी आवाज
Yamuna Nagar
Updated Sat, 16 Mar 2013 05:32 AM IST
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यमुनानगर। कैंप क्षेत्र में प्लाइवुड की फैक्टरियों के धुएं और राख से परेशान होकर कैंप क्षेत्र की जैन कालोनी के सैकड़ों लोगों और आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने शुक्रवार को हरियाणा राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। उसके बाद उन्होंने हरियाणा राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण अभियंता को शिकायत देकर क्षेत्र की सात प्लाइवुड फैक्टरियों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।
कैंप क्षेत्र की जैन कालोनी की पश्चिम दिशा में जोड़ियों गांव स्थित सात मुख्य प्लाइवुड फैक्टरियां हैं। इनके धुएं से कैंप क्षेत्र के लगभग सैकड़ों घरों में रहने वाले हजारों लोग प्रभावित हैं। फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं इतना जहरीला है कि क्षेत्र के लोगों को सांस और फेफड़ों की बीमारियों हो गई है। इस बारे में कालोनी के लोगों ने कई बार संबंधित फैक्टरी संचालकों को फैक्टरी की चिमनियों से निकलने वाली राख को बंद करने के बारे में कहा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कालोनी के लोगों ने इस बारे में प्रशासन का भी इसकी जानकारी दी। लेकिन न फैक्टरी संचालक ने इसमें सुधार किया और न ही प्रशासन ने इसकी सुध ली। हारकर कालोनी के सैकड़ों लोग शुक्रवार को हुडा सेक्टर -17 स्थित हरियाणा राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। उसके बाद उन्होंने पर्यावरण अभियंता को इसकी शिकायत देकर संबंधित फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
अस्पतालों का वेस्ट होता है प्रयोग
कालोनी वासी रामपाल, सेठपाल, नरेंद्र, राजबीर, सविता और सुदेश कालड़ा ने बताया कि रबड, पालीथिन, कोयला और अस्पतालों का वेस्ट फैक्टरियों में बॉयलरों में ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है। जिनके जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं कालोनियों में आता है, जो कालोनी वासियों के लिए बहुत खतरनाक साबित होता है।
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कालोनी वासियों का कहना है इन फैक्टरियों में न तो कोई साई क्लोन और न चिमनी से राख को इकट्ठा करने के लिए कोई यंत्र रखा हुआ है। फैक्टरियों की चिमनियों की ऊंचाई भी बहुत कम है। फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले धुएं और राख के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। कालोनी के कुछ बच्चों और कालोनीवासियों को धुएं और राख के कारण सांस और फेफड़ों की बीमारियों हो रही है। कालोनीवासियों ने बताया कि फैक्टरियों ने निकलने वाली राख का कचरा आंख में चले जाने पर आंख में दर्द होती है। इससे आंखों के खराब होने का भय होता है।
नहीं बैठ सकते घर के प्रांगण में
कालोनीवासी दीपक, सुखविंद्र कौर, राशि, प्रेमलता, सोनिया, बिंदू, अभिषेक, कुलविंद्र सिंह फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं और राख सीधी कालोनी में आकर गिरती है। इस कारण कोई भी अपने घर के प्रागण और छत पर नहीं बैठ सकता है। ना ही कोई अपने कपड़ों को बाहर धूप में नहीं सुखा सकता है। इसके अलावा पीना का पानी में राख गिरने से पेयजल भी दूषित हो जाता है। इसके अलावा लगातार राख गिरने से कुछ देर में ही घर का आगन में राख ही राख जमा होती है।
नहीं मिला सार्थक जवाब
कालोनीवासी आजाद, सुशील, पिंकी, शशि, नेहा, मोहित कुमार, रोहित सिंह ने बताया कि फैक्टरियों ने निकलने वाले धुएं और राख को बंद करने के लिए उन्होंने क्षेत्र की सातों फैक्टरियों के संचालकों से बात की। लेकिन फैक्टरियों संचालकों की ओर से कोई सार्थक जवाब नहीं मिला।
सार्वजनिक रूप से जांच करने की मांग
कालोनी वासियों ने पर्यावरण अभियंता को शिकायत देकर क्षेत्र की सभी फैक्टरियों की सार्वजनिक रूप से जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस समय फैक्टरियों की जांच की जाए उसकी सूचना कालोनी के मनोनीत सदस्यों को भी दी जाए। उसके बाद जांच उनके सामने सार्वजनिक रूप से की जाए।
इन्हें भी भेजी शिकायत कॉपी
कालोनीवासियों ने फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड पंचकूला के चेयरमैन, उपायुक्त यमुनानगर और जिला स्वास्थ्य अधिकारी यमुनानगर को भेजी है।
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कैंप क्षेत्र की जैन कालोनी की पश्चिम दिशा में जोड़ियों गांव स्थित सात मुख्य प्लाइवुड फैक्टरियां हैं। इनके धुएं से कैंप क्षेत्र के लगभग सैकड़ों घरों में रहने वाले हजारों लोग प्रभावित हैं। फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं इतना जहरीला है कि क्षेत्र के लोगों को सांस और फेफड़ों की बीमारियों हो गई है। इस बारे में कालोनी के लोगों ने कई बार संबंधित फैक्टरी संचालकों को फैक्टरी की चिमनियों से निकलने वाली राख को बंद करने के बारे में कहा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसके बाद कालोनी के लोगों ने इस बारे में प्रशासन का भी इसकी जानकारी दी। लेकिन न फैक्टरी संचालक ने इसमें सुधार किया और न ही प्रशासन ने इसकी सुध ली। हारकर कालोनी के सैकड़ों लोग शुक्रवार को हुडा सेक्टर -17 स्थित हरियाणा राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। उसके बाद उन्होंने पर्यावरण अभियंता को इसकी शिकायत देकर संबंधित फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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अस्पतालों का वेस्ट होता है प्रयोग
कालोनी वासी रामपाल, सेठपाल, नरेंद्र, राजबीर, सविता और सुदेश कालड़ा ने बताया कि रबड, पालीथिन, कोयला और अस्पतालों का वेस्ट फैक्टरियों में बॉयलरों में ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है। जिनके जलने से निकलने वाला जहरीला धुआं कालोनियों में आता है, जो कालोनी वासियों के लिए बहुत खतरनाक साबित होता है।
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कालोनी वासियों का कहना है इन फैक्टरियों में न तो कोई साई क्लोन और न चिमनी से राख को इकट्ठा करने के लिए कोई यंत्र रखा हुआ है। फैक्टरियों की चिमनियों की ऊंचाई भी बहुत कम है। फैक्टरियों से निकलने वाले जहरीले धुएं और राख के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। कालोनी के कुछ बच्चों और कालोनीवासियों को धुएं और राख के कारण सांस और फेफड़ों की बीमारियों हो रही है। कालोनीवासियों ने बताया कि फैक्टरियों ने निकलने वाली राख का कचरा आंख में चले जाने पर आंख में दर्द होती है। इससे आंखों के खराब होने का भय होता है।
नहीं बैठ सकते घर के प्रांगण में
कालोनीवासी दीपक, सुखविंद्र कौर, राशि, प्रेमलता, सोनिया, बिंदू, अभिषेक, कुलविंद्र सिंह फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं और राख सीधी कालोनी में आकर गिरती है। इस कारण कोई भी अपने घर के प्रागण और छत पर नहीं बैठ सकता है। ना ही कोई अपने कपड़ों को बाहर धूप में नहीं सुखा सकता है। इसके अलावा पीना का पानी में राख गिरने से पेयजल भी दूषित हो जाता है। इसके अलावा लगातार राख गिरने से कुछ देर में ही घर का आगन में राख ही राख जमा होती है।
नहीं मिला सार्थक जवाब
कालोनीवासी आजाद, सुशील, पिंकी, शशि, नेहा, मोहित कुमार, रोहित सिंह ने बताया कि फैक्टरियों ने निकलने वाले धुएं और राख को बंद करने के लिए उन्होंने क्षेत्र की सातों फैक्टरियों के संचालकों से बात की। लेकिन फैक्टरियों संचालकों की ओर से कोई सार्थक जवाब नहीं मिला।
सार्वजनिक रूप से जांच करने की मांग
कालोनी वासियों ने पर्यावरण अभियंता को शिकायत देकर क्षेत्र की सभी फैक्टरियों की सार्वजनिक रूप से जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस समय फैक्टरियों की जांच की जाए उसकी सूचना कालोनी के मनोनीत सदस्यों को भी दी जाए। उसके बाद जांच उनके सामने सार्वजनिक रूप से की जाए।
इन्हें भी भेजी शिकायत कॉपी
कालोनीवासियों ने फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत की एक कॉपी हरियाणा राज्य पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड पंचकूला के चेयरमैन, उपायुक्त यमुनानगर और जिला स्वास्थ्य अधिकारी यमुनानगर को भेजी है।