{"_id":"145-46407","slug":"Yamuna-Nagar-46407-145","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
Yamuna Nagar
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
यमुनानगर। शाही स्नान के साथ शनिवार को कपाल मोचन मेला शुरू हो गया। अंबाला मंडल के आयुक्त आरपी गुप्ता ने कपाल मोचन मेले का शुभारंभ किया। पहले दिन लगभग सवा लाख श्रद्धालु मेला क्षेत्र में पहुंचे। सबसे अधिक संख्या पंजाब के श्रद्धालुओं की है। मेले की मान्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां स्नान के लिए दस लाख तक श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक होती है।
कपाल मोचन तीर्थ यमुनानगर जिले में सिंधुवन में बिलासपुर के पास स्थित है। देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा के अवसर पर यहां लगने वाले विशाल मेले में पहुंचते हैं। मोक्ष की कामना से तीन पवित्र सरोवरों क्रमश: कपाल मोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर में स्नान करते हैं। श्रद्धालु ट्रेनों, बसों और निजी वाहनाें से मेले में पहुंच रहे हैं। ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगाधरी रेलवे स्टेशन के बाहर रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुआें की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकस
पुलिस अधीक्षक मितेश जैन ने बताया कि मेले में आने वाले मार्गों पर असामाजिक तत्वों की चैकिंग के लिए 12 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं। हर नाके पर एक अराजपत्रित पुलिस अधिकारी इंचार्ज नियुक्त किया गया है। मेला क्षेत्र में आने वाले वाहनों के लिए पांच स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हर पार्किंग का इंचार्ज एक निरीक्षक स्तर का अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेला क्षेत्र में मार्गों पर गश्त के लिए सात मोटरसाइकिल राइडर, तीन पीसीआर वैन, घोड़ा पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। कपाल मोचन मेले के लिए बिलासपुर के पुलिस उप अधीक्षक बिजेंद्र कुमार को पर्यवेक्षण अधिकारी लगाया गया है। इसके अलावा पांच पुलिस उपाधीक्षक, 18 निरीक्षक, 128 अराजपत्रित अधिकारी, 290 प्रधान सिपाही, 880 सिपाही तथा महिला पुलिस की 10 अराजपत्रित अधिकारी, 30 प्रधान सिपाही, 95 सिपाही व पांच सौ हरियाणा होम गार्डों को नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
तीनों लोकों के पाप से मुक्ति दिलाने वाला है तीर्थ
कपाल मोचन तीर्थ स्वयं में प्राचीन इतिहास समेटे है। पुराणों के अनुसार कपाल मोचन तीर्थ तीनों लोकों के पाप से मुक्ति दिलाने वाला स्थल है। इसके पवित्र सरोवरों में स्नान करने से ब्रह्म हत्या जैसे महापाप का निवारण होता है। आदि काल में कार्तिक पूर्णिमा की अर्धरात्रि के समय ही भगवान शिव की ब्रह्म कपाली इसी कपाल मोचन सरोवर में स्नान करने से दूर हुई थी।
दो करोड़ से संवरेंगे धार्मिक स्थल
कपाल मोचन और आदिबद्री क्षेत्र का होगा जीर्णोद्धार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अंबाला मंडल के आयुक्त आरपी गुप्ता ने बिलासपुर के तीर्थराज कपाल मोचन मेला-2012 का शुभारंभ मेला क्षेत्र में गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट म्यूजियम के मुख्य द्वार के पास लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया। उन्होंने मेला कपाल मोचन-2012 नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसके बाद उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट म्यूजियम का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि कपाल मोचन व आदिबद्री क्षेत्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्घार के लिए दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस दौरान उपायुक्त अशोक सांगवान ने कहा कि श्राइन बोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा आदिबद्री क्षेत्र के साथ-साथ कपाल मोचन में सुधार के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके तहत कपाल मोचन क्षेत्र में बडे़ स्तर पर शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही आदिबद्री क्षेत्र में सरकार द्वारा ढाई करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी और इस क्षेत्र को पर्यटन के रूप में बढ़ा दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीपी दताना, पुलिस अधीक्षक मितेश जैन, अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी, बिलासपुर के उपमंडलाधीश एवं कपाल मोचन मेला प्रशासक अश्वनी मैंगी, पुलिस उप अधीक्षक विजेंद्र सिंह, मेला अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बिलासपुर जोगेश कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह केअतिरिक्त मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
प्रदर्शनी स्थल पर लगाए 36 स्टाल
मेला क्षेत्र के प्रदर्शनी स्थल में सरकारी विभागाें सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 36 स्टाल लगाए गए हैं। इसमें वन विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, बागवानी विभाग, मत्स्य विभाग, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, जिला शहरी विकास एजेंसी, जिला उद्योग केंद्र, हरियाणा राज्य परिवहन, हरियाणा बीज विकास निगम, स्वास्थ्य विभाग, जिला रेडक्रास सोसाइटी, भारत संचार निगम लिमिटेड, पंजाब नेशनल बैंक, जिला पुनर्वास केंद्र, शिक्षा विभाग, वीटा मिल्क प्लांट, सर्वशिक्षा अभियान, हैफेड, उपमंडल विविध सेवाएं प्राधिकरण सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाए गए हैं।
विज्ञापन
कपाल मोचन तीर्थ यमुनानगर जिले में सिंधुवन में बिलासपुर के पास स्थित है। देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर वर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा के अवसर पर यहां लगने वाले विशाल मेले में पहुंचते हैं। मोक्ष की कामना से तीन पवित्र सरोवरों क्रमश: कपाल मोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर में स्नान करते हैं। श्रद्धालु ट्रेनों, बसों और निजी वाहनाें से मेले में पहुंच रहे हैं। ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जगाधरी रेलवे स्टेशन के बाहर रोडवेज बसों की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
श्रद्धालुआें की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकस
पुलिस अधीक्षक मितेश जैन ने बताया कि मेले में आने वाले मार्गों पर असामाजिक तत्वों की चैकिंग के लिए 12 पुलिस नाके स्थापित किए गए हैं। हर नाके पर एक अराजपत्रित पुलिस अधिकारी इंचार्ज नियुक्त किया गया है। मेला क्षेत्र में आने वाले वाहनों के लिए पांच स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हर पार्किंग का इंचार्ज एक निरीक्षक स्तर का अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेला क्षेत्र में मार्गों पर गश्त के लिए सात मोटरसाइकिल राइडर, तीन पीसीआर वैन, घोड़ा पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। कपाल मोचन मेले के लिए बिलासपुर के पुलिस उप अधीक्षक बिजेंद्र कुमार को पर्यवेक्षण अधिकारी लगाया गया है। इसके अलावा पांच पुलिस उपाधीक्षक, 18 निरीक्षक, 128 अराजपत्रित अधिकारी, 290 प्रधान सिपाही, 880 सिपाही तथा महिला पुलिस की 10 अराजपत्रित अधिकारी, 30 प्रधान सिपाही, 95 सिपाही व पांच सौ हरियाणा होम गार्डों को नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
तीनों लोकों के पाप से मुक्ति दिलाने वाला है तीर्थ
कपाल मोचन तीर्थ स्वयं में प्राचीन इतिहास समेटे है। पुराणों के अनुसार कपाल मोचन तीर्थ तीनों लोकों के पाप से मुक्ति दिलाने वाला स्थल है। इसके पवित्र सरोवरों में स्नान करने से ब्रह्म हत्या जैसे महापाप का निवारण होता है। आदि काल में कार्तिक पूर्णिमा की अर्धरात्रि के समय ही भगवान शिव की ब्रह्म कपाली इसी कपाल मोचन सरोवर में स्नान करने से दूर हुई थी।
दो करोड़ से संवरेंगे धार्मिक स्थल
कपाल मोचन और आदिबद्री क्षेत्र का होगा जीर्णोद्धार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अंबाला मंडल के आयुक्त आरपी गुप्ता ने बिलासपुर के तीर्थराज कपाल मोचन मेला-2012 का शुभारंभ मेला क्षेत्र में गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट म्यूजियम के मुख्य द्वार के पास लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया। उन्होंने मेला कपाल मोचन-2012 नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसके बाद उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह मार्शल आर्ट म्यूजियम का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि कपाल मोचन व आदिबद्री क्षेत्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्घार के लिए दो करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस दौरान उपायुक्त अशोक सांगवान ने कहा कि श्राइन बोर्ड के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा आदिबद्री क्षेत्र के साथ-साथ कपाल मोचन में सुधार के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इसके तहत कपाल मोचन क्षेत्र में बडे़ स्तर पर शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही आदिबद्री क्षेत्र में सरकार द्वारा ढाई करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी और इस क्षेत्र को पर्यटन के रूप में बढ़ा दिया जाएगा। उद्घाटन समारोह में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीपी दताना, पुलिस अधीक्षक मितेश जैन, अतिरिक्त उपायुक्त डा. सतबीर सिंह सैनी, बिलासपुर के उपमंडलाधीश एवं कपाल मोचन मेला प्रशासक अश्वनी मैंगी, पुलिस उप अधीक्षक विजेंद्र सिंह, मेला अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बिलासपुर जोगेश कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह केअतिरिक्त मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
प्रदर्शनी स्थल पर लगाए 36 स्टाल
मेला क्षेत्र के प्रदर्शनी स्थल में सरकारी विभागाें सहित अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा 36 स्टाल लगाए गए हैं। इसमें वन विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, बागवानी विभाग, मत्स्य विभाग, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, जिला शहरी विकास एजेंसी, जिला उद्योग केंद्र, हरियाणा राज्य परिवहन, हरियाणा बीज विकास निगम, स्वास्थ्य विभाग, जिला रेडक्रास सोसाइटी, भारत संचार निगम लिमिटेड, पंजाब नेशनल बैंक, जिला पुनर्वास केंद्र, शिक्षा विभाग, वीटा मिल्क प्लांट, सर्वशिक्षा अभियान, हैफेड, उपमंडल विविध सेवाएं प्राधिकरण सहित कई स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाए गए हैं।