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एक करोड़ से ज्यादा के बर्तन बिके
Yamuna Nagar
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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जगाधरी। धनतेरस पर रविवार को जगाधरी का बर्तन बाजार गुलजार नजर आया। सुबह से शुरू हुआ बर्तनों की खरीद का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। विशेषज्ञों के मुताबिक धनतेरस पर शहर में बर्तनों की दुकानों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा के बर्तनों की खरीद हुई। धनतेरस पर बर्तन व्यापारियों के चेहरों पर रौनक नजर आई। दुकानदारों ने कहा कि दिवाली व कपालमोचन मेले में भी इसी तरह से खरीद होने की उम्मीद है।
बिलासपुर सैनी मोहल्ला के पंडित मेघनाथ शर्मा ने बताया धनतेरस पर कुबेर की पूजा होती है। जब समुंद्र मंथन हुआ था, तो देवताओं के वैद्य धनवंतरी कलश लेकर उपस्थित हुए थे। यही वजह है कि इस दिन बर्तनों की खरीददारी सबसे ज्यादा होती है। पुरानी मान्यता के मुताबिक इस दिन बर्तन खरीदने से घर में 13 गुणा धन की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि दिवाली से पहले आने वाली त्रियोदशी को खरीददारी के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन लोग पीतल, चांदी, सोने के बर्तन व आभूषण खरीद कर घर ले जाते हैं। ताकि लक्ष्मी प्रसन्न हो सकें। त्रियोदशी का संबंध धन अर्थात लक्ष्मी से है। शास्त्रों के मुताबिक धनतेरस पर बर्तन व आभूषण खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
द जगाधरी मैटल एंड मैन्युफैक्चर एसोसिएशन महासचिव सुंदर लाल बतरा ने बताया कि धनतेरस के मद्देनजर रविवार को दुकानदारों ने अलसुबह ही अपनी दुकानों को खोल दिया। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिहाज से दुकानदारों ने बर्तनों को दुकानों के बाहर सजा दिया। सुबह से ही खरीददारों को जमावड़ा बर्तन की दुकानों पर लगना शुरू हो गया। जो देर रात तक जारी रहा। उन्होंने बताया कि जगाधरी शहर में बर्तन की 100 से ज्यादा दुकानें हैं। जहां एक करोड़ से ज्यादा रुपयों के बर्तनों की खरीद हुई।
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मुंबई के आइटम्स की रही सबसे ज्यादा डिमांड
बतरा ने बताया कि धनतेरस पर सबसे ज्यादा डिमांड मुंबई के आइटम्स की रही। ग्राहकों ने जहां डिजाइनिंग को तवज्जो दी, वहीं उन्होंने मुबंई से आए आइटम्स को हाथों हाथ लिया। सबसे ज्यादा खरीददारी आरती की थाली, फैंसी गिलास, बरनी, प्लेट कटोरी, परांत इत्यादि बर्तनों की रही। उन्होंने बताया कि खरीददारी के मामले में पिछले कुछ सालों से ग्राहकों का टेस्ट बदल रहा है। यही वजह है कि अब वे डिजाइनदार बर्तनों की ज्यादा डिमांड करते हैं। हालांकि जगाधरी में बनाए जाने वाले बर्तन भी खूब बिकते हैं, लेकिन ज्यादा डिमांड मुंबई के आइटम्स की रहती है। जगाधरी निवासी सुमन, कविता और प्रेरणा का कहना है कि उन्होंने धनतेरस पर आरती की थाली खरीदी है। दिवाली के दिन उस थाली में पूजन की सामग्री रखकर वे लक्ष्मी का पूजन करेंगी। वहीं श्रवण मोहल्ला निवासी सलोनी व सृष्टि ने बताया कि उन्होंने धनतेरस पर कुकर खरीदे हैं। दुकानदार संजीव मित्तल, हर्ष, हीरालाल ने बताया कि धनतेरस पर इंडक्शन चूल्हा, नॉनस्टिक पैन, बर्तर रैक व डिजाइनदार गिलास की सबसे ज्यादा डिमांड रही।
घंटों जाम में फंसे रहे लोग
जगाधरी के बर्तन बाजार, खेड़ा बाजार, पंसारी बाजार, चौक बाजार के अलावा अन्य बाजारों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। पार्किंग की व्यवस्था ठीक प्रकार से न होने की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतें राहगीरों को उठानी पड़ी। धनतेरस पर सबसे ज्यादा भीड़ खेड़ा बाजार, देवी भवन बाजार, चौक बाजार, बर्तन बाजार में देखी गई। इन बाजारों में एक किलोमीटर का रास्ता तय करने में लोगों को 30 से 40 मिनट का समय लगा। हालांकि पुलिस ने कई बार जाम को खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन शाम के समय स्थिति बद से बदतर हो गई। खरीददारी करने आए लोगों ने बाजार में ही दुकानों के बाहर अपने वाहनों को टेढे़ मेढे़ ढंग से पार्क कर दिया। जिस कारण सड़क पर जाम लग गया। इसके अलावा दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर लगाए गए सामान की वजह से सड़क संकरी नजर आई।
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बिलासपुर सैनी मोहल्ला के पंडित मेघनाथ शर्मा ने बताया धनतेरस पर कुबेर की पूजा होती है। जब समुंद्र मंथन हुआ था, तो देवताओं के वैद्य धनवंतरी कलश लेकर उपस्थित हुए थे। यही वजह है कि इस दिन बर्तनों की खरीददारी सबसे ज्यादा होती है। पुरानी मान्यता के मुताबिक इस दिन बर्तन खरीदने से घर में 13 गुणा धन की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि दिवाली से पहले आने वाली त्रियोदशी को खरीददारी के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन लोग पीतल, चांदी, सोने के बर्तन व आभूषण खरीद कर घर ले जाते हैं। ताकि लक्ष्मी प्रसन्न हो सकें। त्रियोदशी का संबंध धन अर्थात लक्ष्मी से है। शास्त्रों के मुताबिक धनतेरस पर बर्तन व आभूषण खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
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द जगाधरी मैटल एंड मैन्युफैक्चर एसोसिएशन महासचिव सुंदर लाल बतरा ने बताया कि धनतेरस के मद्देनजर रविवार को दुकानदारों ने अलसुबह ही अपनी दुकानों को खोल दिया। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिहाज से दुकानदारों ने बर्तनों को दुकानों के बाहर सजा दिया। सुबह से ही खरीददारों को जमावड़ा बर्तन की दुकानों पर लगना शुरू हो गया। जो देर रात तक जारी रहा। उन्होंने बताया कि जगाधरी शहर में बर्तन की 100 से ज्यादा दुकानें हैं। जहां एक करोड़ से ज्यादा रुपयों के बर्तनों की खरीद हुई।
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मुंबई के आइटम्स की रही सबसे ज्यादा डिमांड
बतरा ने बताया कि धनतेरस पर सबसे ज्यादा डिमांड मुंबई के आइटम्स की रही। ग्राहकों ने जहां डिजाइनिंग को तवज्जो दी, वहीं उन्होंने मुबंई से आए आइटम्स को हाथों हाथ लिया। सबसे ज्यादा खरीददारी आरती की थाली, फैंसी गिलास, बरनी, प्लेट कटोरी, परांत इत्यादि बर्तनों की रही। उन्होंने बताया कि खरीददारी के मामले में पिछले कुछ सालों से ग्राहकों का टेस्ट बदल रहा है। यही वजह है कि अब वे डिजाइनदार बर्तनों की ज्यादा डिमांड करते हैं। हालांकि जगाधरी में बनाए जाने वाले बर्तन भी खूब बिकते हैं, लेकिन ज्यादा डिमांड मुंबई के आइटम्स की रहती है। जगाधरी निवासी सुमन, कविता और प्रेरणा का कहना है कि उन्होंने धनतेरस पर आरती की थाली खरीदी है। दिवाली के दिन उस थाली में पूजन की सामग्री रखकर वे लक्ष्मी का पूजन करेंगी। वहीं श्रवण मोहल्ला निवासी सलोनी व सृष्टि ने बताया कि उन्होंने धनतेरस पर कुकर खरीदे हैं। दुकानदार संजीव मित्तल, हर्ष, हीरालाल ने बताया कि धनतेरस पर इंडक्शन चूल्हा, नॉनस्टिक पैन, बर्तर रैक व डिजाइनदार गिलास की सबसे ज्यादा डिमांड रही।
घंटों जाम में फंसे रहे लोग
जगाधरी के बर्तन बाजार, खेड़ा बाजार, पंसारी बाजार, चौक बाजार के अलावा अन्य बाजारों में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। पार्किंग की व्यवस्था ठीक प्रकार से न होने की वजह से सबसे ज्यादा दिक्कतें राहगीरों को उठानी पड़ी। धनतेरस पर सबसे ज्यादा भीड़ खेड़ा बाजार, देवी भवन बाजार, चौक बाजार, बर्तन बाजार में देखी गई। इन बाजारों में एक किलोमीटर का रास्ता तय करने में लोगों को 30 से 40 मिनट का समय लगा। हालांकि पुलिस ने कई बार जाम को खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन शाम के समय स्थिति बद से बदतर हो गई। खरीददारी करने आए लोगों ने बाजार में ही दुकानों के बाहर अपने वाहनों को टेढे़ मेढे़ ढंग से पार्क कर दिया। जिस कारण सड़क पर जाम लग गया। इसके अलावा दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर लगाए गए सामान की वजह से सड़क संकरी नजर आई।