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Yamuna Nagar News: जिले में कैंसर के 902 मरीज, रेडियोथेरेपी के लिए अंबाला की दौड़
Tue, 04 Feb 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 04 Feb 2025 01:05 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में हर साल कैंसर के नए मरीज मिल रहे हैं। कैंसर के मरीजों की कुल संख्या 902 तक पहुंच गई है। इनमें 510 मरीज ऐसे हैं, जिनका अभी उपचार चल रहा है। मरीजों में सबसे अधिक मुंह-गला व पेट का कैंसर के केस सामने आ रहे हैं। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट व बच्चादानी का कैंसर सबसे अधिक मिल रहा है। मरीजों को रेडियोथेरेपी के लिए अंबाला की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर के मरीजों को सरकार से उपलब्ध हो रही सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। अस्पताल में ही मरीजों के लिए कैंसर वार्ड बनाया गया है। कैंसर भले ही जानलेवा बीमारी है, लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो चौथी स्टेज में हैं और कई सालों से सामान्य जीवन जी रहे हैं।
कैंसर 50 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को ज्यादा हो रहा है। काफी केस ऐसे भी हैं जिनमें इसकी चपेट में आने वालों की संख्या 30 साल से कम हैं। वहीं बच्चे भी कैंसर से ग्रस्त हो रहे हैं। जिनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ या फिर अन्य अस्पतालों से चल रहा है। जो लोग बीड़ी व शराब दोनों का सेवन कर रहे हैं उनमें कैंसर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। कैंसर के मरीजों को रेडियोथेरेपी की सुविधा के लिए अभी भी अंबाला की दौड़ लगानी पड़ रही है। रेडियोथेरेपी मशीन लगवाने की कवायद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है। यहां पर मशीन लगाए जाने का प्रस्ताव सरकार को भिजवाया गया है।
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कैंसर की स्टेज तीन और चार के दर्द से जूझ रहे मरीजों को सरकार 3000 रुपये मासिक एडिशनल पेंशन दे रही है। जिले में कुल 169 लोग यह पेंशन ले रहे हैं। कैंसर असामान्य कोशिकाओं के कारण होता है। यह काफी तेजी से बढ़ती हैं। शरीर के लिए कोशिकाएं बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन कुछ कोशिकाएं बेहद तेजी से बढ़ती हैं, जो ट्यूमर में बदल जाती है।
यदि शुरुआती लक्षणों में इस बीमारी का पता लग जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। सभी कैंसर कोशिकाओं को पकड़ना या खत्म करना मुश्किल होता है। कोशिकाओं के उत्परिवर्तित होने और बदलने के कारण कैंसर विकसित होता रहता है। कैंसर 10 साल के बाद दोबारा हो सकता है।
कैंसर के डॉक्टर की 2019 में हुई थी तैनाती ः सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि जिले में डॉक्टर आशुतोष कैंसर के मरीजों की ओपीडी देखते हैं। उनकी तैनाती 26 नवंबर 2019 को जिले में हुई थी। उनके पास हर माह कीमो के लिए 35 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। उनसे पहले जिले में कोई कैंसर रोग विशेषज्ञ ही नहीं था।
पहले मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई जाना पड़ता था। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी परेशानी होती थी। अब यहीं पर इन मरीजों की पूरी जांच व इलाज हो रहा है। डे केयर की सुविधा शुरू होने से सबसे ज्यादा उन मरीजों को फायदा होगा जिनकी कीमो पूरी होने से पांच से आठ घंटे लगते हैं। कीमो पूरी होने पर उन्हें तब तक इसमें रखा जाएगा जब तक वह सामान्य नहीं हो जाते।
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यमुनानगर। जिले में हर साल कैंसर के नए मरीज मिल रहे हैं। कैंसर के मरीजों की कुल संख्या 902 तक पहुंच गई है। इनमें 510 मरीज ऐसे हैं, जिनका अभी उपचार चल रहा है। मरीजों में सबसे अधिक मुंह-गला व पेट का कैंसर के केस सामने आ रहे हैं। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट व बच्चादानी का कैंसर सबसे अधिक मिल रहा है। मरीजों को रेडियोथेरेपी के लिए अंबाला की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर के मरीजों को सरकार से उपलब्ध हो रही सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। अस्पताल में ही मरीजों के लिए कैंसर वार्ड बनाया गया है। कैंसर भले ही जानलेवा बीमारी है, लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो चौथी स्टेज में हैं और कई सालों से सामान्य जीवन जी रहे हैं।
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कैंसर 50 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को ज्यादा हो रहा है। काफी केस ऐसे भी हैं जिनमें इसकी चपेट में आने वालों की संख्या 30 साल से कम हैं। वहीं बच्चे भी कैंसर से ग्रस्त हो रहे हैं। जिनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ या फिर अन्य अस्पतालों से चल रहा है। जो लोग बीड़ी व शराब दोनों का सेवन कर रहे हैं उनमें कैंसर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। कैंसर के मरीजों को रेडियोथेरेपी की सुविधा के लिए अभी भी अंबाला की दौड़ लगानी पड़ रही है। रेडियोथेरेपी मशीन लगवाने की कवायद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है। यहां पर मशीन लगाए जाने का प्रस्ताव सरकार को भिजवाया गया है।
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कैंसर की स्टेज तीन और चार के दर्द से जूझ रहे मरीजों को सरकार 3000 रुपये मासिक एडिशनल पेंशन दे रही है। जिले में कुल 169 लोग यह पेंशन ले रहे हैं। कैंसर असामान्य कोशिकाओं के कारण होता है। यह काफी तेजी से बढ़ती हैं। शरीर के लिए कोशिकाएं बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन कुछ कोशिकाएं बेहद तेजी से बढ़ती हैं, जो ट्यूमर में बदल जाती है।
यदि शुरुआती लक्षणों में इस बीमारी का पता लग जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। सभी कैंसर कोशिकाओं को पकड़ना या खत्म करना मुश्किल होता है। कोशिकाओं के उत्परिवर्तित होने और बदलने के कारण कैंसर विकसित होता रहता है। कैंसर 10 साल के बाद दोबारा हो सकता है।
कैंसर के डॉक्टर की 2019 में हुई थी तैनाती ः सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि जिले में डॉक्टर आशुतोष कैंसर के मरीजों की ओपीडी देखते हैं। उनकी तैनाती 26 नवंबर 2019 को जिले में हुई थी। उनके पास हर माह कीमो के लिए 35 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। उनसे पहले जिले में कोई कैंसर रोग विशेषज्ञ ही नहीं था।
पहले मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई जाना पड़ता था। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी परेशानी होती थी। अब यहीं पर इन मरीजों की पूरी जांच व इलाज हो रहा है। डे केयर की सुविधा शुरू होने से सबसे ज्यादा उन मरीजों को फायदा होगा जिनकी कीमो पूरी होने से पांच से आठ घंटे लगते हैं। कीमो पूरी होने पर उन्हें तब तक इसमें रखा जाएगा जब तक वह सामान्य नहीं हो जाते।