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Yamuna Nagar News: बिना लाइसेंसी गोदाम में मिला कृषि ग्रेड यूरिया के 876 कट्टे
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यमुनानगर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम ने शुक्रवार को दुसानी गांव में यूरिया के गोदाम पर दबिश दी। बिना लाइसेंस के यह गोदाम अवैध रूप से चल रहा था। जांच में गोदाम से कृषि ग्रेड यूरिया के 876 बैग मिले। इससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाली बात यह है कि गोदाम से बड़ी संख्या में तकनीकी ग्रेड यूरिया के नए खाली कट्टे और नमक के कट्टे मिले हैं।
अधिकारियों को शक है कि इन कट्टों में कृषि ग्रेड यूरिया को भर कर तस्करी की जाती थी। विभाग ने बरामद यूरिया के सात सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। थाना सदर यमुनानगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मैं. सिंह फर्टिलाइजर कंपनी दुसानी के प्रोपराइटर मोनू चौहान व गोदाम के मालिक विरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जगाधरी के एसडीओ अजय कुमार ने दी शिकायत में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव दुसानी में कृषि योग्य यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया व नमक के कट्टों की आड़ में कृषि विभाग व सरकार से टैक्स की धोखाधड़ी करके व सब्सिडी हड़प कर बेचा जा रहा है। वह विभाग के विषय विशेषज्ञ (शस्य) हरीश पांडे, सहायक पौधा सरंक्षण अधिकारी सतीश कुमार के साथ दुसानी में मैं. सिंह फर्टिलाइजर कंपनी के गोदाम पर पहुंचे। गोदाम में कृषि ग्रेड यूरिया के 876 बैग मिले जो कि आरसीएफ कंपनी के हैं।
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रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला है कि जिस नाम से फर्म बनाई गई है उसने विभाग से खाद बिक्री का लाइसेंस नहीं ले रखा है। बिना लाइसेंस यूरिया की अवैध बिकी व काला बजारी भी की जा रही थी। गोदाम में कृषि ग्रेड यूरिया के विभिन्न कंपनियों के 270 खाली बैग भी मिले।
साथ ही गोदाम से जीएनएफसी मार्का के तकनीकी ग्रेड यूरिया के नए खाली 1100 कट्टे भी मिले जबकि तकनीकी ग्रेड यूरिया व कृषि यूरिया को एक साथ नहीं रखा जा सकता। कृषि ग्रेड यूरिया पर सरकार सब्सिडी देती है। तकनीकी ग्रेड यूरिया का बैग 2400 रुपये और कृषि ग्रेड यूरिया का बैग 264 रुपये का है। अधिकारियों का कहना है कि कृषि ग्रेड यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैग में भरकर धोखाधड़ी से बेचा जा रहा था।
यूरिया के गोदाम में नमक के कट्टे क्यों :
एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि गोदाम में स्पेशल श्याम नमक के 500 खाली कट्टे भी मिले हैं। यूरिया के गोदाम में नमक के कट्टों का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। नमक की आड़ में कृषि ग्रेड यूरिया बेचा जा रहा था या फिर इन कट्टों में यूरिया भर कर फैक्टि्रयों तक सप्लाई किया जा रहा था। ऐसा कृषि विभाग व प्रशासन को धोखा दिया जा सके। फर्म द्वारा कृषि ग्रेड यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के बैग व नमक के खाली कट्टों में भरकर अधिक मुनाफा लेने के लिए धोखाधड़ी की जा रही थी।
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उपलब्ध नहीं करवा सके दस्तावेज: अजय कुमार
एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि मौके पर फर्म का प्रॉपराइटर मोनू चौहान नहीं मिला। गोदाम का मालिक विरेंद्र सिंह मौके पर मिला। वह 876 बैग यूरिया के खरीद बिल व अन्य रिकार्ड उपलब्ध नहीं करवा सका। वह नहीं बता सका कि नमक व तकनीकी यूरिया के खाली कट्टों को एक साथ क्यों रखा हुआ था। उन्होंने जांच के दौरान टीम का सहयोग भी नहीं किया। इसके अतिरिक्त खाद गोदाम में पहली बार नमक के खाली कट्टे मिले है जो कि जांच का विषय है। इस संबंध में थाने में केस दर्ज करवा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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अधिकारियों को शक है कि इन कट्टों में कृषि ग्रेड यूरिया को भर कर तस्करी की जाती थी। विभाग ने बरामद यूरिया के सात सैंपल लिए हैं जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। थाना सदर यमुनानगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मैं. सिंह फर्टिलाइजर कंपनी दुसानी के प्रोपराइटर मोनू चौहान व गोदाम के मालिक विरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग जगाधरी के एसडीओ अजय कुमार ने दी शिकायत में बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव दुसानी में कृषि योग्य यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया व नमक के कट्टों की आड़ में कृषि विभाग व सरकार से टैक्स की धोखाधड़ी करके व सब्सिडी हड़प कर बेचा जा रहा है। वह विभाग के विषय विशेषज्ञ (शस्य) हरीश पांडे, सहायक पौधा सरंक्षण अधिकारी सतीश कुमार के साथ दुसानी में मैं. सिंह फर्टिलाइजर कंपनी के गोदाम पर पहुंचे। गोदाम में कृषि ग्रेड यूरिया के 876 बैग मिले जो कि आरसीएफ कंपनी के हैं।
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रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला है कि जिस नाम से फर्म बनाई गई है उसने विभाग से खाद बिक्री का लाइसेंस नहीं ले रखा है। बिना लाइसेंस यूरिया की अवैध बिकी व काला बजारी भी की जा रही थी। गोदाम में कृषि ग्रेड यूरिया के विभिन्न कंपनियों के 270 खाली बैग भी मिले।
साथ ही गोदाम से जीएनएफसी मार्का के तकनीकी ग्रेड यूरिया के नए खाली 1100 कट्टे भी मिले जबकि तकनीकी ग्रेड यूरिया व कृषि यूरिया को एक साथ नहीं रखा जा सकता। कृषि ग्रेड यूरिया पर सरकार सब्सिडी देती है। तकनीकी ग्रेड यूरिया का बैग 2400 रुपये और कृषि ग्रेड यूरिया का बैग 264 रुपये का है। अधिकारियों का कहना है कि कृषि ग्रेड यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैग में भरकर धोखाधड़ी से बेचा जा रहा था।
यूरिया के गोदाम में नमक के कट्टे क्यों :
एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि गोदाम में स्पेशल श्याम नमक के 500 खाली कट्टे भी मिले हैं। यूरिया के गोदाम में नमक के कट्टों का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। नमक की आड़ में कृषि ग्रेड यूरिया बेचा जा रहा था या फिर इन कट्टों में यूरिया भर कर फैक्टि्रयों तक सप्लाई किया जा रहा था। ऐसा कृषि विभाग व प्रशासन को धोखा दिया जा सके। फर्म द्वारा कृषि ग्रेड यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के बैग व नमक के खाली कट्टों में भरकर अधिक मुनाफा लेने के लिए धोखाधड़ी की जा रही थी।
उपलब्ध नहीं करवा सके दस्तावेज: अजय कुमार
एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि मौके पर फर्म का प्रॉपराइटर मोनू चौहान नहीं मिला। गोदाम का मालिक विरेंद्र सिंह मौके पर मिला। वह 876 बैग यूरिया के खरीद बिल व अन्य रिकार्ड उपलब्ध नहीं करवा सका। वह नहीं बता सका कि नमक व तकनीकी यूरिया के खाली कट्टों को एक साथ क्यों रखा हुआ था। उन्होंने जांच के दौरान टीम का सहयोग भी नहीं किया। इसके अतिरिक्त खाद गोदाम में पहली बार नमक के खाली कट्टे मिले है जो कि जांच का विषय है। इस संबंध में थाने में केस दर्ज करवा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।