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Yamuna Nagar News: गन्ने की 70 प्रतिशत फसल पर गर्मी की मार

Fri, 28 Jun 2024 05:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 28 Jun 2024 05:12 AM IST
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70 percent of sugarcane crop affected by heat
राजेश कुमार
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यमुनानगर।
जिले में गन्ने की फसल को गर्मी व लू लग गई है। लू व गर्मी की चपेट में करीब 70 प्रतिशत गन्ने की फसल आ चुकी है। इससे गन्ने की पत्तियां सूखने लगी हैं। ऊपर से मौसम की बेरुखी ने कमी पूरी कर दी है। जून माह में हर बार जो बारिश होती थी वह भी इस बार नहीं हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि गन्ने की फसल का जो हाल हो रहा है उसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। ऐसे में यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो गन्ने की फसल ग्रोथ नहीं कर पाएगी। ऐसे में किसान अब बार-बार आसमान की तरफ देख रहे हैं। तीन-चार दिन से आसमान में बादल तो उमड़ कर आते हैं लेकिन बरस नहीं रहे।
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इस बार जिले में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू होकर देर रात तक लू चलती रही। आमजन के साथ-साथ फसलों व जीव जंतुओं पर भी गर्मी का असर पड़ा। गन्ने की फसल भी इससे बच नहीं पाई। गन्ने के पौधों की पत्तियां पीली होकर सूख गई हैं। इससे पौधों की ग्रोथ उस गति से नहीं हो रही जितनी होनी चाहिए थी।
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इस बार जिले में गन्ने का रकबा पिछले साल की अपेक्षा काफी घट गया है। एक तो रकबा घट गया और अब गर्मी की वजह से गन्ने का उत्पादन भी कम होने का खतरा मंडराने लगा है। गत वर्षों की बात करें तो जून में बारिश होती रही है। इससे फसलों को प्राकृतिक तरीके से पानी मिलता रहता था। वहीं इस बार किसानों ने धान की रोपाई समय से पहले शुरू कर दी। इसका नुकसान यह हुआ कि इस दौरान जिस पानी से गन्ने की फसल की सिंचाई की जाती थी वह धान के खेत में चला गया।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला के समन्वयक संदीप रावल ने बताया कि इस बार तापमान अधिक रहा और लू भी बहुत ज्यादा चली। वहीं जून माह में होने वाली बारिश भी नहीं हुई। इससे गन्ने की पत्तियां सूख गई हैं। जिले में 60 से 70 प्रतिशत फसल इससे प्रभावित हुई है। यह समय पौधे की ग्रोथ का होता है। अब पौधे को इसकी रिकवरी के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ेगा। किसान गन्ने में किसी दवा का छिड़काव न करें। बारिश होने पर यह अपने आप ठीक हो जाएगा। संवाद
25 दिन पहले बंद हो गई थी शुगर मिल
गन्ने की कमी का सीधा असर सरस्वती शुगर मिल पर भी पड़ रहा है। शुगर मिल में वर्ष 2022-23 में कुल 166 लाख 36 हजार क्विंटल गन्ना की पेराई की गई थी। इस साल शुगर मिल मैनेजमेंट ने 175 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा था। वहीं 146 लाख 63 हजार क्विंटल गन्ने की ही पेराई हो सकी, जो पिछले साल से भी 20 लाख 27 हजार क्विंटल कम है। पिछले साल शुगर मिल 182 दिन चली थी, वहीं इस बार केवल 157 दिन ही चल पाई।

किसानों को नुकसान होगा : संजू गुंदियाना
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि गर्मी की वजह से गन्ने की फसल पर बुरा असर पड़ा है। गन्ने की बढ़ोतरी रूक गई है। अब पौधे पर नए सिरे से पत्तियां आएंगी। इस बार ज्यादा गर्मी होने से किसान को काफी नुकसान हुआ है। अब केवल बारिश से ही उम्मीद है।
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