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Yamuna Nagar News: ट्विनसिटी में 47 एमएम बारिश राहत संग लाई लाई आफत
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यमुनानगर। ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में बुधवार सुबह हुई 47 एमएम बारिश गर्मी से राहत संग जलभराव की आफत भी लाई। कम समय में ज्यादा बारिश के आगे जल निकासी के इंतजाम बौने साबित होते दिखे। बारिश के साथ नालों व सीवरेज का पानी भी ओवरफ्लो होकर बहने लगा। हालांकि बारिश दस बजे रुक गई, पर शहर में गलियां-सड़के 12 बजे तक जलमग्न नजर आईं।
बारिश से न सिर्फ निचले इलाके बल्कि मॉडल टाउन से सटे शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी में भी तीन फीट जलभराव हुआ। गांधीनगर व जमना गली में बने अंडरपास में तीन फीट तक पानी भरने से दोपहर तक आवाजाही ठप रही, वहीं पुराने एनएच-73 व अन्य सड़कों पर भी एक-डेढ़ फीट पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। दिनभर लोगों को जलभराव फिर कीचड़ की परेशानी झेलनी पड़ी।
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शहरी में अधिक, ग्रामीण इलाकों में नाममात्र
जिले में सुबह पांच बजे से बारिश हुई, जो अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर दस बजे तक होती रही। शहरी क्षेत्र में अधिक तो ग्रामीण इलाकों में नाममात्र बारिश रही। जिले में औसत 10 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में 47 एमएम और सबसे कम रादौर में एक एमएम बारिश हुई। ऐसे ही प्रतापनगर में दो, व्यासपुर में तीन, सरस्वती नगर में चार, छछरौली में सात, साढौरा में आठ एमएम बारिश हुई। यमुनानगर व जगाधरी शहरों में अधिक बारिश से लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत पाई, वहीं ग्रामीण इलाकों में नाममात्र बारिश ने उमस बढ़ाने का काम किया। दिनभर उमस से लोग बेहाल नजर आए।
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शहर की इन कॉलोनियों में भरा पानी
गुरु अर्जुन नगर, दुर्गा गार्डन, जगाधरी रेलवे बाजार, बूड़िया गेट रोड, पथरावाला बाजार, टाउन हाल, सिविल रोड, प्रकाश चौक रोड, देवी भवन बाजार रोड, आजाद नगर, शांति कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, मॉडल टाउन के साथ शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, गुलाबनगर व कैंप जैसे इलाकों में एक-डेढ़ फीट जलभराव रहा। सुबह नींद खुलते ही लोग घरों व गलियों से पानी की निकासी करने में लग गए।
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जिनकी सफाई पर 72 लाख खर्चे, वहीं नाले ओवरफ्लो-
पूर्व पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, नीरज राणा ने कहा कि जिन नालों की सफाई पर नगर निगम की ओर से 72 लाख रुपये खर्चे गए, उन्हीं नालों का पानी बारिश में ओवरफ्लो होकर जलभराव कर रहा है। चूंकि नालों की सफाई सही तरीके से नहीं हो पाई। अभी भी नालों में गंदगी साफ देखी जा सकती है, पर निगम अफसरों को नहीं दिखी। यही हाल सीवरेज की पाइप लाइनों के है, जो जगह-जगह जाम पड़ी हैं। जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के अफसरों ने भी सीवरेज सफाई के दावे गलत साबित हो रहे हैं। चूंकि बारिश होने पर सीवरेज के मेन होल के ढक्कनों से ही पानी निकलने लगता है। नगर निगम व जनस्वास्थ्य मानसून में लगातार बारिश में स्थिति बिगड़ सकती है। नालों-सीवरेज की सफाई में बरती गई लापरवाही का खामियाजा पूरे मानसून शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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वर्जन-
जलभराव के हालात न हों, इसके लिए नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग अफसरों को सभी काम गंभीरता से पूरे कराने के निर्देश हैं। यदि कोई लापरवाही बरती गई तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाएंगे।
- सुमन बहमनी, मेयर नगर निगम।
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बारिश से न सिर्फ निचले इलाके बल्कि मॉडल टाउन से सटे शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी में भी तीन फीट जलभराव हुआ। गांधीनगर व जमना गली में बने अंडरपास में तीन फीट तक पानी भरने से दोपहर तक आवाजाही ठप रही, वहीं पुराने एनएच-73 व अन्य सड़कों पर भी एक-डेढ़ फीट पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। दिनभर लोगों को जलभराव फिर कीचड़ की परेशानी झेलनी पड़ी।
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शहरी में अधिक, ग्रामीण इलाकों में नाममात्र
जिले में सुबह पांच बजे से बारिश हुई, जो अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर दस बजे तक होती रही। शहरी क्षेत्र में अधिक तो ग्रामीण इलाकों में नाममात्र बारिश रही। जिले में औसत 10 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में 47 एमएम और सबसे कम रादौर में एक एमएम बारिश हुई। ऐसे ही प्रतापनगर में दो, व्यासपुर में तीन, सरस्वती नगर में चार, छछरौली में सात, साढौरा में आठ एमएम बारिश हुई। यमुनानगर व जगाधरी शहरों में अधिक बारिश से लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत पाई, वहीं ग्रामीण इलाकों में नाममात्र बारिश ने उमस बढ़ाने का काम किया। दिनभर उमस से लोग बेहाल नजर आए।
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शहर की इन कॉलोनियों में भरा पानी
गुरु अर्जुन नगर, दुर्गा गार्डन, जगाधरी रेलवे बाजार, बूड़िया गेट रोड, पथरावाला बाजार, टाउन हाल, सिविल रोड, प्रकाश चौक रोड, देवी भवन बाजार रोड, आजाद नगर, शांति कॉलोनी, दशमेश कॉलोनी, मॉडल टाउन के साथ शक्तिनगर, प्रोफेसर कॉलोनी, टैगोर गार्डन, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, गुलाबनगर व कैंप जैसे इलाकों में एक-डेढ़ फीट जलभराव रहा। सुबह नींद खुलते ही लोग घरों व गलियों से पानी की निकासी करने में लग गए।
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जिनकी सफाई पर 72 लाख खर्चे, वहीं नाले ओवरफ्लो-
पूर्व पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, नीरज राणा ने कहा कि जिन नालों की सफाई पर नगर निगम की ओर से 72 लाख रुपये खर्चे गए, उन्हीं नालों का पानी बारिश में ओवरफ्लो होकर जलभराव कर रहा है। चूंकि नालों की सफाई सही तरीके से नहीं हो पाई। अभी भी नालों में गंदगी साफ देखी जा सकती है, पर निगम अफसरों को नहीं दिखी। यही हाल सीवरेज की पाइप लाइनों के है, जो जगह-जगह जाम पड़ी हैं। जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के अफसरों ने भी सीवरेज सफाई के दावे गलत साबित हो रहे हैं। चूंकि बारिश होने पर सीवरेज के मेन होल के ढक्कनों से ही पानी निकलने लगता है। नगर निगम व जनस्वास्थ्य मानसून में लगातार बारिश में स्थिति बिगड़ सकती है। नालों-सीवरेज की सफाई में बरती गई लापरवाही का खामियाजा पूरे मानसून शहर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्जन-
जलभराव के हालात न हों, इसके लिए नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग अफसरों को सभी काम गंभीरता से पूरे कराने के निर्देश हैं। यदि कोई लापरवाही बरती गई तो जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाएंगे।
- सुमन बहमनी, मेयर नगर निगम।