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Yamuna Nagar News: जाट आरक्षण आंदोलन में नामजद 42 लोग बरी
Tue, 25 Feb 2025 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 25 Feb 2025 12:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर (यमुनानगर)। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान नामजद किए गए जिले के 42 लोगों को अदालत ने बरी कर दिया। अदालत के फैसले समाज में खुशी का माहौल है।
जाट समाज के वरिष्ठ नेता काशी राम पीरूवाला ने बताया कि हरियाणा के जाट समाज ने आरक्षण को लेकर आंदोलन किया था। साल 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के केस में यमुनानगर के गांव कैल में रोड जाम करने के आरोप में सरकार ने एक मुकदमा चलाया था। जिसमे गांव कैल, काठवाला, हरिपुर खुंडेवाला, रुलाखेड़ी एवं सुढल के करीब 42 लोगों के नाम शामिल थे। इस केस की सुनवाई लगातार पिछले नौ साल चली।
अदालत ने मामले में नामजद सभी लोगों बरी कर दिया है। हरियाणा की जाट बिरादरी आरक्षण की मांग को लेकर यह आंदोलन कर रही थी। वकीलों जाट समाज के लोगों के लिए यह केस नि:शुल्क में लड़ा। इस लड़ाई को लड़ते-लड़ते कई लोगों का देहांत हो गया। फिर भी सभी ने एकजुटता के साथ संघर्ष को स्वीकार किया।
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व्यासपुर (यमुनानगर)। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान नामजद किए गए जिले के 42 लोगों को अदालत ने बरी कर दिया। अदालत के फैसले समाज में खुशी का माहौल है।
जाट समाज के वरिष्ठ नेता काशी राम पीरूवाला ने बताया कि हरियाणा के जाट समाज ने आरक्षण को लेकर आंदोलन किया था। साल 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के केस में यमुनानगर के गांव कैल में रोड जाम करने के आरोप में सरकार ने एक मुकदमा चलाया था। जिसमे गांव कैल, काठवाला, हरिपुर खुंडेवाला, रुलाखेड़ी एवं सुढल के करीब 42 लोगों के नाम शामिल थे। इस केस की सुनवाई लगातार पिछले नौ साल चली।
अदालत ने मामले में नामजद सभी लोगों बरी कर दिया है। हरियाणा की जाट बिरादरी आरक्षण की मांग को लेकर यह आंदोलन कर रही थी। वकीलों जाट समाज के लोगों के लिए यह केस नि:शुल्क में लड़ा। इस लड़ाई को लड़ते-लड़ते कई लोगों का देहांत हो गया। फिर भी सभी ने एकजुटता के साथ संघर्ष को स्वीकार किया।
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