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Yamuna Nagar News: बाढ़ से बचाव का प्रशिक्षण लेंगे 40 जवान
Tue, 04 Jun 2024 05:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 04 Jun 2024 05:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। मानसून से पहले ही प्रशासन ने बाढ़ से निपटने व बचाव राहत कार्यों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए प्रदेश भर से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 40 कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए हथिनी कुंड बैराज पर पांच दिवसीय शिविर लगाया गया सोमवार को शिविर का शुभारंभ अंबाला मंडल की आयुक्त रेणु एस फुलिया ने किया।
इस दौरान मंडल आयुक्त ने जिले में चल रहे बाढ़ आपदा राहत कार्यों के बारे जानकारी भी ली। वहीं उन्होंने पश्चिमी यमुना नहर की लिंक चैनल की जानकारी ली। आयुक्त आरएस फुलिया शिविर उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं। यहां उन्होंने कहा कि एक अच्छा तैराक किसी का जीवन बचा सकता है।
बाढ़ जैसी आपदा आती है तो प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति ही बाढ़ में फंसे लोगों की बेहतर ढंग से सहायता कर सकते हैं। किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण लेने से जहां व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है वहीं उसमें दूसरों की सहायता करने की भावना बढ़ती है। कमीशनर रेणु एस फुलिया ने कहा कि हर तैराक को चाहिए कि वह पानी में उतरने से पहले अपनी ऊर्जा पानी से ज्यादा बनाकर रखें, ताकि पानी पर विजय प्राप्त की जा सके, इसके लिए हर तैराक को मानसिक रूप से तैयार रहना है।
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इस पांच दिवसीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण में प्रदेश से 40 प्रशिक्षणार्थी व 13 प्रशिक्षक भाग ले रहें है। आयुक्त ने कहा कि मानवता की सेवा व समाज की रक्षा के लिए ऐसे प्रशिक्षणों को जरूर सीखना चाहिए। जब प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक आपदा आती है तो ऐसे में आपदा से सही समय पर सही ढंग से निपटने के लिए बेहतर नेतृत्व की आवश्यकता होती है। चूंकि आपदा पर बेहतर नेतृत्व लोगों को मिल जाए तो इससे निपटने में सहायता मिलती है।
मुख्य प्रशिक्षक भगत सिंह ने बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को चलते पानी में मोटर बोट चलाना, चप्पू से नाव चलाना, तैराकी व प्राथमिक उपचार इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान डीडीपीओ नरेंद्र, छछरौली एसडीएम राजेश पूनिया, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी श्यामलाल, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह, छछरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी केंद्र डॉ. वागीश गुटेन, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रताप नगर के एसएमओ डॉ. जितेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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प्रतापनगर। मानसून से पहले ही प्रशासन ने बाढ़ से निपटने व बचाव राहत कार्यों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए प्रदेश भर से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 40 कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए हथिनी कुंड बैराज पर पांच दिवसीय शिविर लगाया गया सोमवार को शिविर का शुभारंभ अंबाला मंडल की आयुक्त रेणु एस फुलिया ने किया।
इस दौरान मंडल आयुक्त ने जिले में चल रहे बाढ़ आपदा राहत कार्यों के बारे जानकारी भी ली। वहीं उन्होंने पश्चिमी यमुना नहर की लिंक चैनल की जानकारी ली। आयुक्त आरएस फुलिया शिविर उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं। यहां उन्होंने कहा कि एक अच्छा तैराक किसी का जीवन बचा सकता है।
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बाढ़ जैसी आपदा आती है तो प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति ही बाढ़ में फंसे लोगों की बेहतर ढंग से सहायता कर सकते हैं। किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण लेने से जहां व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है वहीं उसमें दूसरों की सहायता करने की भावना बढ़ती है। कमीशनर रेणु एस फुलिया ने कहा कि हर तैराक को चाहिए कि वह पानी में उतरने से पहले अपनी ऊर्जा पानी से ज्यादा बनाकर रखें, ताकि पानी पर विजय प्राप्त की जा सके, इसके लिए हर तैराक को मानसिक रूप से तैयार रहना है।
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इस पांच दिवसीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण में प्रदेश से 40 प्रशिक्षणार्थी व 13 प्रशिक्षक भाग ले रहें है। आयुक्त ने कहा कि मानवता की सेवा व समाज की रक्षा के लिए ऐसे प्रशिक्षणों को जरूर सीखना चाहिए। जब प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक आपदा आती है तो ऐसे में आपदा से सही समय पर सही ढंग से निपटने के लिए बेहतर नेतृत्व की आवश्यकता होती है। चूंकि आपदा पर बेहतर नेतृत्व लोगों को मिल जाए तो इससे निपटने में सहायता मिलती है।
मुख्य प्रशिक्षक भगत सिंह ने बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को चलते पानी में मोटर बोट चलाना, चप्पू से नाव चलाना, तैराकी व प्राथमिक उपचार इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान डीडीपीओ नरेंद्र, छछरौली एसडीएम राजेश पूनिया, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी श्यामलाल, सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह, छछरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी केंद्र डॉ. वागीश गुटेन, उप जिला शिक्षा अधिकारी शिव कुमार धीमान, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रताप नगर के एसएमओ डॉ. जितेंद्र आदि उपस्थित रहे।