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सेंटरों पर डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे प्रश्न, परीक्षा देने के लिए इंतजार करते रहे विद्यार्थी
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सेंटरों पर डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे प्रश्न, परीक्षा देने के लिए इंतजार करते रहे विद्यार्थी
-131 स्कूलों में कक्षा 6वीं, 7वीं व 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं लगभग एक से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई
बिलासपुर। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण खंड के लगभग 131 स्कूलों में कक्षा 6वीं, 7वीं व 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं लगभग एक से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई। जिसके कारण अध्यापकों व बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षा विभाग की लापरवाही से खंड के सरकारी स्कूलों के हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर है। जबकि गांव चंगनौली, ककडऩोनी, हैबतपुर, मारवा सहित दर्जनों स्कूलों में बच्चों की संख्या से कम पेपर पहुंचने से अध्यापकों ने फोटो कॉपी करवा बच्चों का पेपर लिया। बता दें 11 मार्च से कक्षा छठी, सातवीं व आठवीं की वार्षिक परीक्षाएं आरंभ हो गई। जिसमें कक्षा छह का हिंदी, सातवीं का अग्रेंजी व आठवीं का गणित का पेपर सुबह साढ़े 8 बजे शुरू होना था। लेकिन खंड़ के 131 स्कूलों में बने 10 कैलशटरों में सुबह नौ बजे तक भी पेपर नहीं पहुंच पाया।
बॉक्स
सुबह ही बंडलों की छटनी करने लग गए थे टीचर
साढ़े 9 बजे तक खंड के विभिन्न स्कूलों के अध्यापक खंड शिक्षा कार्यालय में अपने अपने स्कूलों के पेपरों के बैंडल छांटने में लग गए। परीक्षाओं के शुरू होने का समय साढ़े आठ बजे का है। जैसे ही कार्यालय खोला गया तो अध्यापकों में अपने-अपने स्कूलों के पेपर लेने के लिए मारामारी मच गई। आनन-फानन में बोरों को खोलकर पेपरों के बंडलों को फर्स पर बिखेर दिया और अध्यापक अपने अपने स्कूलों के पेपर लेने के लिए झपट पड़े। करीब साढ़े 9 बजे तक भी कुछ स्कूल के अध्यापक पेपर छटनी में लगे रहे। इंचार्ज नत्थू लाल ने बताया कि खंड शिक्षा कार्यालय बिलासपुर से कुछ स्कूलों जैसे काठगढ़, धनोरा, मुसिमबल सहित अनेक स्कूलों की दूरी लगभग 20 किलोमीटर से भी अधिक है उन स्कूलों में पेपर पहुंचने में समय लगा।
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प्रश्न पत्र देरी से आए
विभाग के कर्मचारी यशपाल ने बताया कि रविवार 10 मार्च को देर शाम प्रश्न पत्र कार्लालय में पहुंचे है। अगले दिन ही प्रश्न पत्रों को बांट पाना संभव था। ओर सुबह होते ही प्रश्न पत्र वितरित कर दिए गए थे।
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-131 स्कूलों में कक्षा 6वीं, 7वीं व 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं लगभग एक से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई
बिलासपुर। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण खंड के लगभग 131 स्कूलों में कक्षा 6वीं, 7वीं व 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं लगभग एक से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई। जिसके कारण अध्यापकों व बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिक्षा विभाग की लापरवाही से खंड के सरकारी स्कूलों के हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर है। जबकि गांव चंगनौली, ककडऩोनी, हैबतपुर, मारवा सहित दर्जनों स्कूलों में बच्चों की संख्या से कम पेपर पहुंचने से अध्यापकों ने फोटो कॉपी करवा बच्चों का पेपर लिया। बता दें 11 मार्च से कक्षा छठी, सातवीं व आठवीं की वार्षिक परीक्षाएं आरंभ हो गई। जिसमें कक्षा छह का हिंदी, सातवीं का अग्रेंजी व आठवीं का गणित का पेपर सुबह साढ़े 8 बजे शुरू होना था। लेकिन खंड़ के 131 स्कूलों में बने 10 कैलशटरों में सुबह नौ बजे तक भी पेपर नहीं पहुंच पाया।
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सुबह ही बंडलों की छटनी करने लग गए थे टीचर
साढ़े 9 बजे तक खंड के विभिन्न स्कूलों के अध्यापक खंड शिक्षा कार्यालय में अपने अपने स्कूलों के पेपरों के बैंडल छांटने में लग गए। परीक्षाओं के शुरू होने का समय साढ़े आठ बजे का है। जैसे ही कार्यालय खोला गया तो अध्यापकों में अपने-अपने स्कूलों के पेपर लेने के लिए मारामारी मच गई। आनन-फानन में बोरों को खोलकर पेपरों के बंडलों को फर्स पर बिखेर दिया और अध्यापक अपने अपने स्कूलों के पेपर लेने के लिए झपट पड़े। करीब साढ़े 9 बजे तक भी कुछ स्कूल के अध्यापक पेपर छटनी में लगे रहे। इंचार्ज नत्थू लाल ने बताया कि खंड शिक्षा कार्यालय बिलासपुर से कुछ स्कूलों जैसे काठगढ़, धनोरा, मुसिमबल सहित अनेक स्कूलों की दूरी लगभग 20 किलोमीटर से भी अधिक है उन स्कूलों में पेपर पहुंचने में समय लगा।
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प्रश्न पत्र देरी से आए
विभाग के कर्मचारी यशपाल ने बताया कि रविवार 10 मार्च को देर शाम प्रश्न पत्र कार्लालय में पहुंचे है। अगले दिन ही प्रश्न पत्रों को बांट पाना संभव था। ओर सुबह होते ही प्रश्न पत्र वितरित कर दिए गए थे।
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