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पश्चिमी यमुना नहर में पहुंचने लगा शहर का गंदा पानी

Tue, 05 Feb 2019 12:49 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Feb 2019 12:49 AM IST
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पश्चिमी यमुना नहर में पहुंचने लगा शहर का गंदा पानी

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पश्चिमी यमुना नहर में पहुंचा शहर का गंदा पानी
रादौर। महाराजा हर्षवर्धन द्वारा दिल्ली तक पानी पहुंचाने के लिए सैकड़ों वर्षों पहले खुदवाई गई पश्चिमी यमुना नहर आज बूंद बूंद को तरस गई है। कभी 12 महीने पश्चिमी यमुना नहर लबालब पानी से भरी रहती थी। आज पश्चिमी यमुना नहर में केवल बरसात के दिनों में ही पानी देखने को मिलता है। सूखी पड़ी पश्चिमी यमुना नहर में रादौर शहर का गंदा पानी खड़ा हुआ है। जिससे यह नहर अब एक गंदे पानी का नाला बनकर रह गई है। रादौर क्षेत्र की जीवन रेखा कही जाने वाली पश्चिमी यमुनानहर के सूखने का असर पुरे क्षेत्र पर पड़ा है। सूखी पड़ी पश्चिमी यमुना नहर से क्षेत्र का जहां जल स्तर काफी नीचे चला गया है, वहीं पश्चिमी यमुना नहर के सूखने से रादौर क्षेत्र डार्क जोन की चपेट में आता जा रहा है। यदि इसी प्रकार नहर सूखी रही तो आने वाले कुछ वर्षों में रादौर क्षेत्र को सरकार डार्क जोन में शामिल कर सकती है। रादौर के साथ लगता लाडवा जोन पहले ही डार्क जोन में शामिल हो चुका है। ऐसे में पश्चिमी यमुना नहर के सूखने से क्षेत्र के लोगो में भारी रोष है। लंबे समय से लोग पश्चिमी यमुनानहर में सरकार से पानी छोड़ने की मांग करते आ रहे है। लेकिन सरकार व सिंचाई विभाग आंख मूंदकर बैठा हुआ है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के लोग भुगतेंगे। रादौर निवासी सतीश वर्मा, धीरपाल, संदीप सैनी, रोशनलाल, रोहित अरोडा, धर्मेन्द्र आदि ने बताया कि सैकड़ों वर्षों से पश्चिमी यमुना नहर क्षेत्र के लोगों की जीवन रेखा है। जब तक पश्चिमी यमुनानहर में सरकार पानी छोड़ती रही तब तक क्षेत्र का जल स्तर ऊपर रहा। पिछले कुछ वर्षों से वर्ष में 9 से 10 महीने पश्चिमी यमुनानहर सूखी रहने लगी है। जिससे जल स्तर भी तेजी से नीचे गया है। जल स्तर नीचे जाने से किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो गया है। यदि इसी प्रकार कुछ वर्ष ओर पश्चिमी यमुनानहर सुखी रही तो रादौर क्षेत्र मरूस्थल बन जाएगा। नहर में इस समय केवल गंदा पानी खडा हुआ है। जिससे वातावरण दूषित हो रहा है। शहर के लोगों ने सरकार से मांग की है कि पश्चिमी यमुनानहर मेें सरकार पानी छोड़कर रादौर क्षेत्र में नीचे जा रहे जलस्तर को बनाए रखने में सहयोग करें। जिससे रादौर डार्क जोन में जाने से बच जाएगा।
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