{"_id":"5c5884adbdec221a3766883e","slug":"154930511713-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट केस जीतने के बाद खींची बस स्टैंड के अंदर दीवार, जीएम ने पहुंचकर जगह बदलवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट केस जीतने के बाद खींची बस स्टैंड के अंदर दीवार, जीएम ने पहुंचकर जगह बदलवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोर्ट केस जीतने के बाद खींची बस स्टैंड के अंदर दीवार, जीएम ने पहुंचकर जगह बदलवाई
बस स्टैंड के अंदर आ गई थी सुंदर लाल की जमीन, जिसके लिए चला था केस
छछरौली। सेशन कोर्ट से केस जीतने के बाद सुंदरलाल ने छछरौली बस स्टैंड में आई जमीन पर प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा किया। सुंदरलाल ने मिस्त्री लगाकर बस स्टैंड के बीचोंबीच दीवार करनी शुरू कर दी। जिससे बस स्टैंड में एंट्री करने का गेट नंबर एक भी उसकी जमीन के बीच आ गया। जिससे बसों की आवाजाही भी प्रभावित रही। बस स्टैंड के बीचोंबीच बनाई जा रही दीवार देख कस्बे के मौजूदा व्यक्ति और रोडवेज विभाग के जीएम मौके पर पहुंच गए। कस्बे के मौजूदा व्यक्ति व सरपंच प्रतिनिधि ने रोडवेज विभाग के जीएम के साथ मिलकर सुंदरलाल से बातचीत की।
बॉक्स
30 साल से चल रहा था कोर्ट केस
30 साल से छछरौली निवासी सुंदरलाल व रोडवेज विभाग के बीच जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा था। सुंदरलाल ने बताया कि एक कोने में 39 मरले जगह गोगा माडी की जगह है। जिसको लेकर उसके व रोडवेज विभाग के बीच कोर्ट में 30 साल से केस चल रहा था। केस जीतने के बाद उसने कोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा लिया है। उसने बताया कि जब बस स्टैंड का निर्माण हुआ तब रोडवेज विभाग ने गोगा माडी की खाली पड़ी जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। जिसको लेकर उसने 30 साल तक कोर्ट की लड़ाई लड़ी और कोर्ट ने फैसला दिया की जमीन सुंदरलाल की है और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में उसको जमीन का कब्जा दिलाया जाए।
बॉक्स
जगह की बदली करने पर हुई सहमति
सुंदरलाल ने मौके पर पहुंच मिस्त्री बुलाकर अपनी जमीन को कवर करने की कार्रवाई की तो मौके पर रोडवेज विभाग के जीएम और कस्बे के मौजूद व्यक्तियों ने उसके साथ बातचीत की और इसका फैसला किया गया कि जो जगह सुंदर लाल की निकल रही है। उस जगह में बस स्टैंड एंट्री का गेट व फ्रंट का काफी एरिया आया हुआ था। इस जगह की एवज में रोडवेज विभाग ने जगह का तबादला करते हुए सुंदरलाल को बस स्टैंड के पीछे एक कोने में जगह दे दी। जिससे सुंदरलाल सहमत हो गया और मामला सुलझा दिया गया। वहीं रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक का कहना है कि पिछले 30 साल से विभाग व सुंदरलाल के बीच जगह को लेकर कोर्ट में झगड़ा चल रहा था। जिसमें सुंदरलाल झगड़ा जीत गया है और वह अपनी जगह पर कब्जा ले रहा था। मौके पर जाकर कस्बा के मौजिज व्यक्तियों की बातचीत में निर्णय लिया गया कि सुंदरलाल को बस स्टैंड के कोने में जगह दी जाएगी।
विज्ञापन
फोटो- 28 व 29
बस स्टैंड के अंदर आ गई थी सुंदर लाल की जमीन, जिसके लिए चला था केस
छछरौली। सेशन कोर्ट से केस जीतने के बाद सुंदरलाल ने छछरौली बस स्टैंड में आई जमीन पर प्रशासन की मौजूदगी में कब्जा किया। सुंदरलाल ने मिस्त्री लगाकर बस स्टैंड के बीचोंबीच दीवार करनी शुरू कर दी। जिससे बस स्टैंड में एंट्री करने का गेट नंबर एक भी उसकी जमीन के बीच आ गया। जिससे बसों की आवाजाही भी प्रभावित रही। बस स्टैंड के बीचोंबीच बनाई जा रही दीवार देख कस्बे के मौजूदा व्यक्ति और रोडवेज विभाग के जीएम मौके पर पहुंच गए। कस्बे के मौजूदा व्यक्ति व सरपंच प्रतिनिधि ने रोडवेज विभाग के जीएम के साथ मिलकर सुंदरलाल से बातचीत की।
बॉक्स
30 साल से चल रहा था कोर्ट केस
30 साल से छछरौली निवासी सुंदरलाल व रोडवेज विभाग के बीच जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा था। सुंदरलाल ने बताया कि एक कोने में 39 मरले जगह गोगा माडी की जगह है। जिसको लेकर उसके व रोडवेज विभाग के बीच कोर्ट में 30 साल से केस चल रहा था। केस जीतने के बाद उसने कोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा लिया है। उसने बताया कि जब बस स्टैंड का निर्माण हुआ तब रोडवेज विभाग ने गोगा माडी की खाली पड़ी जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। जिसको लेकर उसने 30 साल तक कोर्ट की लड़ाई लड़ी और कोर्ट ने फैसला दिया की जमीन सुंदरलाल की है और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में उसको जमीन का कब्जा दिलाया जाए।
विज्ञापन
बॉक्स
जगह की बदली करने पर हुई सहमति
सुंदरलाल ने मौके पर पहुंच मिस्त्री बुलाकर अपनी जमीन को कवर करने की कार्रवाई की तो मौके पर रोडवेज विभाग के जीएम और कस्बे के मौजूद व्यक्तियों ने उसके साथ बातचीत की और इसका फैसला किया गया कि जो जगह सुंदर लाल की निकल रही है। उस जगह में बस स्टैंड एंट्री का गेट व फ्रंट का काफी एरिया आया हुआ था। इस जगह की एवज में रोडवेज विभाग ने जगह का तबादला करते हुए सुंदरलाल को बस स्टैंड के पीछे एक कोने में जगह दे दी। जिससे सुंदरलाल सहमत हो गया और मामला सुलझा दिया गया। वहीं रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक का कहना है कि पिछले 30 साल से विभाग व सुंदरलाल के बीच जगह को लेकर कोर्ट में झगड़ा चल रहा था। जिसमें सुंदरलाल झगड़ा जीत गया है और वह अपनी जगह पर कब्जा ले रहा था। मौके पर जाकर कस्बा के मौजिज व्यक्तियों की बातचीत में निर्णय लिया गया कि सुंदरलाल को बस स्टैंड के कोने में जगह दी जाएगी।
विज्ञापन
फोटो- 28 व 29