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स्टेट पेज के लिए- गन्ना बकाया भुगतान को लेकर लामबंद हुए किसान, बोले-जब तक पेमेंट नहीं होगी तब तक नहीं जाएगे अपने घर
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:56 AM IST
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डीसी साहब! पेमेंट दिलवाओ या जहर की पुड़िया लाकर दे दो
गन्न के बकाया भुगतान के लिए डीसी ऑफिस के बाहर हाईवे पर बैठे किसान, मिला आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गन्ना बकाया के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को यमुनानगर में किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने अनाज मंडी से धरना उठाया और डीसी कार्यालय के बाहर नेशनल हाईवे नंबर 73 पर बैठ गए और वहीं पर महापंचायत शुरू कर दी। यहां किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
लघु सचिवालय के बाहर हाईवे पर किसानों का धरना शुरू होने से अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। डीसी गिरीश अरोड़ा तुरंत अपने कार्यालय से निकले और बाहर किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों उन्हें कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे घर नहीं जाएंगे। किसानों ने डीसी से कहा किया तो पेमेंट दे दो वरना जहर की पुड़िया दे दो। डीसी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी चंडीगढ़ में बात हुई है और दस दिन के भीतर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। जाम की वजह से करीब आधा घंटा यमुनानगर और जगाधरी के बीच लंबा जाम लग गया।
इससे पहले भाकियू की अगुवाई में किसानों ने अनाज मंडी में महापंचायत शुरू की। किसानों ने महापंचायत को वहां से उठाया और हाईवे पर बैठ गए। उनका गुस्सा देख पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाला। वहीं, किसानों को समझाने के लिए तहसीलदार आए लेकिन किसानों ने तहसीलदार की एक न सुनी और बोले कि डीसी साहब जो कमेंट करेंगे उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। डीसी ने मौके पर आकर किसानों को समझाया और एक सप्ताह से दस दिन के भीतर पेमेंट कराने का निर्णय लिया। लेकिन किसानों ने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा जब तक पेमेंट नहीं होता। इस मौके पर भाकियू के वरिष्ठ नेता सुरेश कोत और प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह मौजूद रहे।
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फोटो नंबर- 1,2
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गन्न के बकाया भुगतान के लिए डीसी ऑफिस के बाहर हाईवे पर बैठे किसान, मिला आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गन्ना बकाया के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को यमुनानगर में किसान आक्रोशित हो गए। किसानों ने अनाज मंडी से धरना उठाया और डीसी कार्यालय के बाहर नेशनल हाईवे नंबर 73 पर बैठ गए और वहीं पर महापंचायत शुरू कर दी। यहां किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
लघु सचिवालय के बाहर हाईवे पर किसानों का धरना शुरू होने से अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। डीसी गिरीश अरोड़ा तुरंत अपने कार्यालय से निकले और बाहर किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों उन्हें कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे घर नहीं जाएंगे। किसानों ने डीसी से कहा किया तो पेमेंट दे दो वरना जहर की पुड़िया दे दो। डीसी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी चंडीगढ़ में बात हुई है और दस दिन के भीतर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। जाम की वजह से करीब आधा घंटा यमुनानगर और जगाधरी के बीच लंबा जाम लग गया।
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इससे पहले भाकियू की अगुवाई में किसानों ने अनाज मंडी में महापंचायत शुरू की। किसानों ने महापंचायत को वहां से उठाया और हाईवे पर बैठ गए। उनका गुस्सा देख पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाला। वहीं, किसानों को समझाने के लिए तहसीलदार आए लेकिन किसानों ने तहसीलदार की एक न सुनी और बोले कि डीसी साहब जो कमेंट करेंगे उसी के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। डीसी ने मौके पर आकर किसानों को समझाया और एक सप्ताह से दस दिन के भीतर पेमेंट कराने का निर्णय लिया। लेकिन किसानों ने अपना आंदोलन खत्म नहीं किया उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा जब तक पेमेंट नहीं होता। इस मौके पर भाकियू के वरिष्ठ नेता सुरेश कोत और प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह मौजूद रहे।
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