{"_id":"5b9ab8d2867a557fe30480aa","slug":"15368664989-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन पर रहेगा ग्रामीणों का ठिकरी पहरा, पकड़ा जाने पर भिजवाएंगे जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन पर रहेगा ग्रामीणों का ठिकरी पहरा, पकड़ा जाने पर भिजवाएंगे जेल
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध खनन पर रहेगा ठीकरी पहरा, पकड़े जाने पर भिजवाएंगे जेल
-पहरे के लिए ग्रामीणों ने बनाई रणनीति, टीमों का भी किया गठन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जहां गुमथला में हुई 25 गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए। वहीं गुरुवार को भी ग्रामीणों ने एक ओर रणनीति अख्तियार की। इसमें अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगे का ठीकरी पहरा लगाने का फैसला लिया गया। इस दौरान ग्रामीणों की कई टीमों का भी गठन किया गया। जो अलग-अलग जगहों पर दिन-रात नजर रखेगी। मीटिंग में ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा यदि कोई अवैध खनन करते हुए मिला तो उसे सीधा जेल भिजवाया जाएगा।
दरअसल क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के कारण 200 एकड़ जमीन यमुना के बहाव में बच चुकी है। इससे किसानों को नुकसान तो हुआ। साथ ही आगे की भविष्य की चिंता बढ़ा दी। मीटिंग के दौरान अनिल कांबोज, वरयाम सिंह, राम कुमार, डॉ सुखबीर, अमरजीत सिंह, बलविन्दर, देशराज, राजेश, रजिंदर, अमल कांबोज, अनिल, रवि कुमार, मनजीत सिंह, राजेश कुमार, जितेन्द्र, विनोद बतरा, विजय गर्ग, अमिलाल, रमेश, देवनंद, महावीर, दीपक, सोनू, पंकज व काला आदि मौजूद रहे।
मजबूरन अपनाना पड़ा संघर्ष का रास्ता
एडवोकेट वरयाम सिंह ने कहा कि अवैध खनन को रोक के लिए ठीकरी पहरा लगाने के लिए टीमें बनाई जा चुकी हैं। ये टीम अलग-अलग जगहों पर पहरा देगी। इसके अलावा पुलिस को भी इसके बारे में सूचित कर दिया जा चुका है। अगर इस दौरान अवैध खनन करते हुए पाया गया तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
फोटो-49
विज्ञापन
-पहरे के लिए ग्रामीणों ने बनाई रणनीति, टीमों का भी किया गठन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जहां गुमथला में हुई 25 गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत में कई अहम फैसले लिए गए। वहीं गुरुवार को भी ग्रामीणों ने एक ओर रणनीति अख्तियार की। इसमें अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगे का ठीकरी पहरा लगाने का फैसला लिया गया। इस दौरान ग्रामीणों की कई टीमों का भी गठन किया गया। जो अलग-अलग जगहों पर दिन-रात नजर रखेगी। मीटिंग में ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा यदि कोई अवैध खनन करते हुए मिला तो उसे सीधा जेल भिजवाया जाएगा।
दरअसल क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन के कारण 200 एकड़ जमीन यमुना के बहाव में बच चुकी है। इससे किसानों को नुकसान तो हुआ। साथ ही आगे की भविष्य की चिंता बढ़ा दी। मीटिंग के दौरान अनिल कांबोज, वरयाम सिंह, राम कुमार, डॉ सुखबीर, अमरजीत सिंह, बलविन्दर, देशराज, राजेश, रजिंदर, अमल कांबोज, अनिल, रवि कुमार, मनजीत सिंह, राजेश कुमार, जितेन्द्र, विनोद बतरा, विजय गर्ग, अमिलाल, रमेश, देवनंद, महावीर, दीपक, सोनू, पंकज व काला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मजबूरन अपनाना पड़ा संघर्ष का रास्ता
एडवोकेट वरयाम सिंह ने कहा कि अवैध खनन को रोक के लिए ठीकरी पहरा लगाने के लिए टीमें बनाई जा चुकी हैं। ये टीम अलग-अलग जगहों पर पहरा देगी। इसके अलावा पुलिस को भी इसके बारे में सूचित कर दिया जा चुका है। अगर इस दौरान अवैध खनन करते हुए पाया गया तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
फोटो-49