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भारत को फिर एक बार पदक दिलाएंगी जिले की बेटी दीपिका
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:44 AM IST
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एक्सक्लूसिव
हॉकी में गोल्ड दिलाने के लिए दीपिका ठाकुर आतुर
दूसरा मैच आज, दीपिका के शानदार प्रदर्शन और अधिक गोल करने की प्रार्थना कर रहे परिजन
आशीष कुमार
यमुनानगर। उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय हॉकी टीम की उपकप्तान और यमुनानगर की बेटी दीपिका ठाकुर दहिया भारत को गोल्ड दिलाने के लिए आतुर हैं। भारत की टीम ने एशियन गेम्स में अपना पहला मैच 0-8 से जीत लिया है। इससे पूरी टीम के हौसले बुलंद हैं। वहीं, दीपिका के शानदार प्रदर्शन के लिए उनके परिजन भी कामना कर रहे हैं और लगातार उससे से फोन पर अपडेट ले रहे हैं।
स्व. राम नारायण सिंह के बेटी एक बार फिर एशियन गेम्स में अपना दबदबा बनाने के लिए जुटी हैं। जकार्ता से फोन पर एक्सक्लूसिव बातचीत में दीपिका ने अमर उजाला संवाददाता को बताया कि जो जिम्मेदारी उसे मिली है, उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की है। अब उनका एक ही लक्ष्य देश की झोली में गोल्ड मेडल डालना है। इस पर पूरी टीम प्लानिंग के साथ अपना प्रदर्शन कर रही है। इसी के चलते पहले ही मैच में इंडोनेशिया पर 8-0 से एकतरफा जीत हासिल की है।
मां ज्ञायंती देवी ने बताया कि पेपर मिल के थापर हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान दीपिका ने हॉकी खेलना शुरू किया था। उस समय उम्र 12 साल थी। स्कूल में चचेरे भाई भूपेंद्र सिंह हॉकी कोच थे। उन्होंने ही सबसे पहले दीपिका के हाथ में हॉकी स्टिक पकड़ाई।
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हॉकी में गोल्ड दिलाने के लिए दीपिका ठाकुर आतुर
दूसरा मैच आज, दीपिका के शानदार प्रदर्शन और अधिक गोल करने की प्रार्थना कर रहे परिजन
आशीष कुमार
यमुनानगर। उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय हॉकी टीम की उपकप्तान और यमुनानगर की बेटी दीपिका ठाकुर दहिया भारत को गोल्ड दिलाने के लिए आतुर हैं। भारत की टीम ने एशियन गेम्स में अपना पहला मैच 0-8 से जीत लिया है। इससे पूरी टीम के हौसले बुलंद हैं। वहीं, दीपिका के शानदार प्रदर्शन के लिए उनके परिजन भी कामना कर रहे हैं और लगातार उससे से फोन पर अपडेट ले रहे हैं।
स्व. राम नारायण सिंह के बेटी एक बार फिर एशियन गेम्स में अपना दबदबा बनाने के लिए जुटी हैं। जकार्ता से फोन पर एक्सक्लूसिव बातचीत में दीपिका ने अमर उजाला संवाददाता को बताया कि जो जिम्मेदारी उसे मिली है, उसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की है। अब उनका एक ही लक्ष्य देश की झोली में गोल्ड मेडल डालना है। इस पर पूरी टीम प्लानिंग के साथ अपना प्रदर्शन कर रही है। इसी के चलते पहले ही मैच में इंडोनेशिया पर 8-0 से एकतरफा जीत हासिल की है।
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मां ज्ञायंती देवी ने बताया कि पेपर मिल के थापर हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान दीपिका ने हॉकी खेलना शुरू किया था। उस समय उम्र 12 साल थी। स्कूल में चचेरे भाई भूपेंद्र सिंह हॉकी कोच थे। उन्होंने ही सबसे पहले दीपिका के हाथ में हॉकी स्टिक पकड़ाई।
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