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सात अगस्त को रोडवेज का चक्का जाम, कर्मचारियों ने बनाई रणनीति
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:45 AM IST
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रोडवेज का चक्का जाम सात को, कर्मचारियों ने बनाई रणनीति
-निजी परमिटों का विरोध व अन्य मांगों के पूरा न होने पर कर्मचारियों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। निजी परमिटों के विरोध व अन्य मांगों को लेकर प्रदेश में सात अगस्त को रोडवेज का चक्का जाम होगा। इसके लिए रोडवेज कर्मचारियों ने रणनीति तैयार की है। इसी को लेकर बुधवार को यमुनानगर बस स्टैंड की वर्कशॉप में मीटिंग हुई। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के डिपो प्रधान वरयाम सिंह व रत्न कलानोर ने संयुक्त रूप से की व मंच का संचालन अमर सिंह ने किया। समिति के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, पहल सिंह तंवर, जयबीर घनघस, नंद लाल, सरवन जांगड़ा ने मोटर व्हीकल एक्ट संशोधित बिल 2017 के खतरों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सात अगस्त की हड़ताल की सफलता के लिए चार टीम हरियाणा प्रदेश में चल रही है, जिसमे से एक टीम मे यमुनानगर पहुंची। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा प्राइवेट बसें ठेके पर लेने के निर्णय का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा ठेके पर बसें लेने से स्थाई रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे व विभाग भारी घाटे में चला जाएगा। सरकार घाटे का बहाना बना कर कर्मचारियों को बदनाम करके विभाग को बंद करने की तरफ ले जाएंगी। संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेताओ ने बताया कि परिवहन मंत्री से 17 जुलाई को हुई बातचीत की जानकारी देते हुए कहा सरकार विभाग में कर्मशाला सहित खाली पदों पर भर्ती करने, जोखिम भत्ता देने, तकनीकी वेतनमान देने, ठेके पर भर्ती चालकों को पक्का करने, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, समान काम समान वेतन लागू करने, बायोमैट्रिक सिस्टम बंद करने, 2003 से पहले भर्ती सभी कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, सभी खाली पड़े पदों पर पदोन्नति करने आदि लम्बित मांगों को लागू करने के प्रति गंभीर नहीं है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को लागू करने की बजाय 700 प्राईवेट बसें ठेके पर लेने की जिद्द पर अड़ी हुई है, जिस कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी नेताओं ने कहा मोटर व्हीकल एक्ट संशोधित बिल 2017 लागू होने पर केंद्र सरकार देश भर में सरकारी परिवहन सेवा समाप्त करेगी व परिवहन सेवा बड़े धन्नाशेठो के हवाले कर दी जाएगी। जिस कारण सरकारी रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। ये बिल पास होने पर सभी चालकों को रोड पर चलना दुर्भर हो जाएगा। दुर्भाग्यवश दुर्घटना होने पर सालों तक जेल में सड़ने के अलावा लाखों रुपये जुर्माना भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कर्मचारियों से राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट फेडरेशनों के आह्वान पर सात अगस्त की राष्ट्र व्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
फोटो नंबर- 16, 17
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-निजी परमिटों का विरोध व अन्य मांगों के पूरा न होने पर कर्मचारियों में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। निजी परमिटों के विरोध व अन्य मांगों को लेकर प्रदेश में सात अगस्त को रोडवेज का चक्का जाम होगा। इसके लिए रोडवेज कर्मचारियों ने रणनीति तैयार की है। इसी को लेकर बुधवार को यमुनानगर बस स्टैंड की वर्कशॉप में मीटिंग हुई। जिसकी अध्यक्षता हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के डिपो प्रधान वरयाम सिंह व रत्न कलानोर ने संयुक्त रूप से की व मंच का संचालन अमर सिंह ने किया। समिति के वरिष्ठ नेता इंद्र सिंह बधाना, पहल सिंह तंवर, जयबीर घनघस, नंद लाल, सरवन जांगड़ा ने मोटर व्हीकल एक्ट संशोधित बिल 2017 के खतरों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सात अगस्त की हड़ताल की सफलता के लिए चार टीम हरियाणा प्रदेश में चल रही है, जिसमे से एक टीम मे यमुनानगर पहुंची। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा प्राइवेट बसें ठेके पर लेने के निर्णय का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा ठेके पर बसें लेने से स्थाई रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे व विभाग भारी घाटे में चला जाएगा। सरकार घाटे का बहाना बना कर कर्मचारियों को बदनाम करके विभाग को बंद करने की तरफ ले जाएंगी। संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेताओ ने बताया कि परिवहन मंत्री से 17 जुलाई को हुई बातचीत की जानकारी देते हुए कहा सरकार विभाग में कर्मशाला सहित खाली पदों पर भर्ती करने, जोखिम भत्ता देने, तकनीकी वेतनमान देने, ठेके पर भर्ती चालकों को पक्का करने, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, समान काम समान वेतन लागू करने, बायोमैट्रिक सिस्टम बंद करने, 2003 से पहले भर्ती सभी कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, सभी खाली पड़े पदों पर पदोन्नति करने आदि लम्बित मांगों को लागू करने के प्रति गंभीर नहीं है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को लागू करने की बजाय 700 प्राईवेट बसें ठेके पर लेने की जिद्द पर अड़ी हुई है, जिस कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी नेताओं ने कहा मोटर व्हीकल एक्ट संशोधित बिल 2017 लागू होने पर केंद्र सरकार देश भर में सरकारी परिवहन सेवा समाप्त करेगी व परिवहन सेवा बड़े धन्नाशेठो के हवाले कर दी जाएगी। जिस कारण सरकारी रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। ये बिल पास होने पर सभी चालकों को रोड पर चलना दुर्भर हो जाएगा। दुर्भाग्यवश दुर्घटना होने पर सालों तक जेल में सड़ने के अलावा लाखों रुपये जुर्माना भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कर्मचारियों से राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट फेडरेशनों के आह्वान पर सात अगस्त की राष्ट्र व्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
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फोटो नंबर- 16, 17