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अच्छे संस्कारो से मनुष्य धरती पर स्वर्ग का वातावरण उत्पन्न कर सकता है
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:54 AM IST
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अच्छे संस्कारों से मनुष्य धरती पर स्वर्ग का वातावरण उत्पन्न कर सकता है
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हुड्डा सेक्टर 17 श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन धाम से पधारे बृजभूषण बृजवासी द्वारा कथावाचन किया गया। दूसरे दिन उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता भगवान की दिव्य वाणी है। जिसमें कर्म, भक्ति, ज्ञान के असंख्य मोती भरे पड़े हैं। मन को ईश्वर में लगाना भक्ति है। मोह सब चिंताओं की जड़ है। जैसे युद्ध के मैदान में अर्जुन मोह के कारण अपने कर्तव्य को भूल जाता है और बाद में श्रीकृष्ण उस अज्ञानता के अंधकार से अपनी दिव्य शक्ति से उसको बाहर निकालते हैं। जब मन ईश्वर में लगाता है तो विषाद उसको कुछ नुकसान नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के तार परमात्मा से जुड़े रहते है व संसार में रहते हुए भी वे सुखी रहते है। अगर मन किसी महापुरुष से जुड़ जाए, तो वह जीव भवसागर से तर जाता है। यदि मनुष्य को अच्छे संस्कार दिए जाए तो वह देवता बन सकता है। धरती पर स्वर्ग का वातावरण उत्पन्न कर सकता है। क्योंकि परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है।
इस अवसर पर उद्योगपति रमन गोयल व गीता गोयल ने श्रीमद्भागवत गीता का पूजन किया। वही जितेंद्र गुप्ता, अनिल छाबड़ा, नीरज कालडा, एडवोकेट केवल कृष्ण सैनी, सतीश गोयल, विजय मदान, राम सेवक व देवकी नंदन समेत काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
फोटो नंबर 6
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हुड्डा सेक्टर 17 श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन धाम से पधारे बृजभूषण बृजवासी द्वारा कथावाचन किया गया। दूसरे दिन उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता भगवान की दिव्य वाणी है। जिसमें कर्म, भक्ति, ज्ञान के असंख्य मोती भरे पड़े हैं। मन को ईश्वर में लगाना भक्ति है। मोह सब चिंताओं की जड़ है। जैसे युद्ध के मैदान में अर्जुन मोह के कारण अपने कर्तव्य को भूल जाता है और बाद में श्रीकृष्ण उस अज्ञानता के अंधकार से अपनी दिव्य शक्ति से उसको बाहर निकालते हैं। जब मन ईश्वर में लगाता है तो विषाद उसको कुछ नुकसान नहीं पहुंचा सकते। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के तार परमात्मा से जुड़े रहते है व संसार में रहते हुए भी वे सुखी रहते है। अगर मन किसी महापुरुष से जुड़ जाए, तो वह जीव भवसागर से तर जाता है। यदि मनुष्य को अच्छे संस्कार दिए जाए तो वह देवता बन सकता है। धरती पर स्वर्ग का वातावरण उत्पन्न कर सकता है। क्योंकि परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का निर्माण होता है।
इस अवसर पर उद्योगपति रमन गोयल व गीता गोयल ने श्रीमद्भागवत गीता का पूजन किया। वही जितेंद्र गुप्ता, अनिल छाबड़ा, नीरज कालडा, एडवोकेट केवल कृष्ण सैनी, सतीश गोयल, विजय मदान, राम सेवक व देवकी नंदन समेत काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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