{"_id":"5b43b4204f1c1bc6248b56d7","slug":"153116367920-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दादूपुर नलवी नहर मामले में कोर्ट ने नहर विभाग के खाते सील करने के निर्देश दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दादूपुर नलवी नहर मामले में कोर्ट ने नहर विभाग के खाते सील करने के निर्देश दिए
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दादूपुर नलवी नहर मामले में कोर्ट ने नहर विभाग के खाते सील करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादूपुर नलवी नहर के मामले में एडीजे नरेश कत्याल ने नहर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मुआवजा राशि जमा न कराने पर नहरी विभाग के मुख्य कार्यालय के खाते सील करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अगली तारीख 24 जुलाई को नहरी विभाग के चीफ सेक्रेटरी को न्यायालय में पेश होने को कहा है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान नहर विभाग के अधिकारियों ने एक बार फिर नहर को डिनोटिफाई करने का रोना रोया, लेकिन अधिकारी डी नोटिफाई से संबंधित कोई भी कागजात कोर्ट के सामने पेश नहीं कर पाया। वहीं, मुआवजे को लेकर पिछले 11 महीने से धरने पर बैठे किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष कश्मीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि मौजूदा सरकार अलोकतांत्रिक फैसले ले रही है। जो कि न्यायालय के फैसले को न मानकर न्यायपालिका का भी अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान इस फैसले के विरोध में उच्च न्यायालय में अवमानना की अपील दायर करेंगे। इस मौके पर अर्जुन सुढैल ने कहा कि जब तक सरकार न्यायालय के आदेश अनुसार मुआवजा राशि का भुगतान नहीं कर देती और किसानों का हक नहीं देगी, तब तक सरकार के खिलाफ इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर पवन कंबोज, आज्ञापाल, कृष्ण कांबोज, राजेश दहिया, सतीश प्रजापति, रमेश, राजू मेहला, रामकुमार मेहला, पवन कांबोज, परमिंदर धीमान, दलवीर, सुखविंदर, ईश्वर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो नंबर 22
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादूपुर नलवी नहर के मामले में एडीजे नरेश कत्याल ने नहर विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मुआवजा राशि जमा न कराने पर नहरी विभाग के मुख्य कार्यालय के खाते सील करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अगली तारीख 24 जुलाई को नहरी विभाग के चीफ सेक्रेटरी को न्यायालय में पेश होने को कहा है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान नहर विभाग के अधिकारियों ने एक बार फिर नहर को डिनोटिफाई करने का रोना रोया, लेकिन अधिकारी डी नोटिफाई से संबंधित कोई भी कागजात कोर्ट के सामने पेश नहीं कर पाया। वहीं, मुआवजे को लेकर पिछले 11 महीने से धरने पर बैठे किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के अध्यक्ष कश्मीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि मौजूदा सरकार अलोकतांत्रिक फैसले ले रही है। जो कि न्यायालय के फैसले को न मानकर न्यायपालिका का भी अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान इस फैसले के विरोध में उच्च न्यायालय में अवमानना की अपील दायर करेंगे। इस मौके पर अर्जुन सुढैल ने कहा कि जब तक सरकार न्यायालय के आदेश अनुसार मुआवजा राशि का भुगतान नहीं कर देती और किसानों का हक नहीं देगी, तब तक सरकार के खिलाफ इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर पवन कंबोज, आज्ञापाल, कृष्ण कांबोज, राजेश दहिया, सतीश प्रजापति, रमेश, राजू मेहला, रामकुमार मेहला, पवन कांबोज, परमिंदर धीमान, दलवीर, सुखविंदर, ईश्वर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो नंबर 22