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खनन पर रोक के बाद याद आई ओवरलोडिंग, समय पर एक्शन लेते तो बच सकती थी सैकडों जान
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:25 AM IST
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सौ से ज्यादा मौतों के बाद जागा प्रशासन
- डीसी ने मातहतों को ओवरलोडिंग व तेज रफ्तारी पर सख्ती करने के दिए निर्देश
- खनन पर रोक के बाद याद आई ओवरलोडिंग, समय पर एक्शन लेते तो बच सकती थी सैकड़ों जान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। ओवरलोड वाहनों से जिले की सड़कें टूटी, सैकड़ों लोगों की मौत से सड़क लाल हुई। जनता ने ओवरलोडिंग का विरोध किया। यहां तक की एक्सीडेंट करने वाले ओवरलोड ट्रकों को आग भी लगाई। इतनी चीख पुकार के बाद भी जिम्मेदार आंख बंद किए बैठे रहे। क्योंकि यहां खनन माफिया पुलिस और प्रशासन पर भारी है। खुद डीसी ने इस बात को स्वीकार किया था कि अफसरों की मदद से ओवरलोडिंग का खेल चल रहा है। अब तीन महीने तक खनन का काम बंद हो गया है तो जिम्मेदारों की नींद खुली है। शनिवार को डीसी गिरीश अरोड़ा ने ओवरलोडिंग व तेज रफ्तारी पर सख्ती के निर्देश दिए हैं।
बड़ी दुर्घटनाएं
केस एक - साढौरा के पास तीन दिन पहले रस्म क्रिया से वापस लौट रहे परिवार की जायलो की टैंकर के साथ टक्कर। सात लोगों की दर्दनाक मौत।
केस दो
11 जून को हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के गांव मंधियाना से अस्थियां लेकर हरिद्वार जा रहे चाचा-भतीजे की दामला के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि हादसे में मृतक के पिता समेत दो घायल हो गए थे।
केस तीन
- सात मई को ओवरलोड ट्रकों की वजह से तीन युवकों की मौत हो गई थी। जवान युवकों की मौत से लोगों में ओवरलोड को लेकर गुस्सा।
केस चार
- 31 मार्च को फव्वारा चौक पर ओवरलोड ट्रक ने एक मजदूर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ की।
केस पांच
नौ मई को ओवरलोड ट्रक ने छछरौली रोड पर साइकिल सवार मां-बेटी को कुचला। महिला की मौत से गुस्साएं लोगों ने ट्रक को आग लगाई।
ये है जुर्माना : निर्धारित गति से अधिक गति से वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 183 के तहत दंडनीय अपराध है। इस अपराध में पहली बार पकडे़ जाने पर 400 रुपये तथा दूसरी बार पकडे़ जाने पर एक हजार रुपये के जुर्माने का मोटर वाहन अधिनियम में प्रावधान है।
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डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि वाहनों में ओवरलोडिंग व तेज रफ्तारी मौत की तैयारी है। जिले में ओवरलोडिंग व तेज रफ्तार रोकने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। तेज रफ्तारी पर अंकुश के लिए अतिरिक्त स्पीडोमीटर खरीदने के बारे में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालकों से भी अपील की कि वे अपने वाहनों को सरकार द्वारा निर्धारित गति सीमा के अनुसार ही चलाए। साथ ही चालक अपने वाहनों में ओवरलोडिंग न करें।
इस साल सौ से ज्यादा मौत
जनवरी 20
फरवरी 14
मार्च 16
अप्रैल 19
मई 20
जून 18
8 जुलाई तक 10
फोटो नंबर 11, 12
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- डीसी ने मातहतों को ओवरलोडिंग व तेज रफ्तारी पर सख्ती करने के दिए निर्देश
- खनन पर रोक के बाद याद आई ओवरलोडिंग, समय पर एक्शन लेते तो बच सकती थी सैकड़ों जान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। ओवरलोड वाहनों से जिले की सड़कें टूटी, सैकड़ों लोगों की मौत से सड़क लाल हुई। जनता ने ओवरलोडिंग का विरोध किया। यहां तक की एक्सीडेंट करने वाले ओवरलोड ट्रकों को आग भी लगाई। इतनी चीख पुकार के बाद भी जिम्मेदार आंख बंद किए बैठे रहे। क्योंकि यहां खनन माफिया पुलिस और प्रशासन पर भारी है। खुद डीसी ने इस बात को स्वीकार किया था कि अफसरों की मदद से ओवरलोडिंग का खेल चल रहा है। अब तीन महीने तक खनन का काम बंद हो गया है तो जिम्मेदारों की नींद खुली है। शनिवार को डीसी गिरीश अरोड़ा ने ओवरलोडिंग व तेज रफ्तारी पर सख्ती के निर्देश दिए हैं।
बड़ी दुर्घटनाएं
केस एक - साढौरा के पास तीन दिन पहले रस्म क्रिया से वापस लौट रहे परिवार की जायलो की टैंकर के साथ टक्कर। सात लोगों की दर्दनाक मौत।
केस दो
11 जून को हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के गांव मंधियाना से अस्थियां लेकर हरिद्वार जा रहे चाचा-भतीजे की दामला के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि हादसे में मृतक के पिता समेत दो घायल हो गए थे।
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केस तीन
- सात मई को ओवरलोड ट्रकों की वजह से तीन युवकों की मौत हो गई थी। जवान युवकों की मौत से लोगों में ओवरलोड को लेकर गुस्सा।
केस चार
- 31 मार्च को फव्वारा चौक पर ओवरलोड ट्रक ने एक मजदूर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ की।
केस पांच
नौ मई को ओवरलोड ट्रक ने छछरौली रोड पर साइकिल सवार मां-बेटी को कुचला। महिला की मौत से गुस्साएं लोगों ने ट्रक को आग लगाई।
ये है जुर्माना : निर्धारित गति से अधिक गति से वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 183 के तहत दंडनीय अपराध है। इस अपराध में पहली बार पकडे़ जाने पर 400 रुपये तथा दूसरी बार पकडे़ जाने पर एक हजार रुपये के जुर्माने का मोटर वाहन अधिनियम में प्रावधान है।
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डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि वाहनों में ओवरलोडिंग व तेज रफ्तारी मौत की तैयारी है। जिले में ओवरलोडिंग व तेज रफ्तार रोकने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। तेज रफ्तारी पर अंकुश के लिए अतिरिक्त स्पीडोमीटर खरीदने के बारे में पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालकों से भी अपील की कि वे अपने वाहनों को सरकार द्वारा निर्धारित गति सीमा के अनुसार ही चलाए। साथ ही चालक अपने वाहनों में ओवरलोडिंग न करें।
इस साल सौ से ज्यादा मौत
जनवरी 20
फरवरी 14
मार्च 16
अप्रैल 19
मई 20
जून 18
8 जुलाई तक 10
फोटो नंबर 11, 12