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24 घंटे के भीतर ही खनन माफिया ने खोला बांध का रास्ता, सिंचाई विभाग ने फिर किया बंद
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:16 AM IST
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24 घंटे के भीतर ही खनन माफिया ने खोला बांध का रास्ता, सिंचाई विभाग ने फिर किया बंद
खिजराबाद। बेलगढ़ बांध पर प्रशासनिक कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए स्क्रिनिंग संचालकों ने 24 घंटे पहले बंद किए गए बांध के रास्ते को दोबारा से खोल दिया। रास्ता खुलते ही डंपर आदि बेलगढ़ बांध के ऊपर से एक बार फिर सरपट दौड़ने लग गए हैं। सिंचाई विभाग को इस बारे में शिकायत मिली तो शनिवार को वे फिर से मौके पर पहुंचे और जेसीबी से दोबारा से खाई खुदवाकर रास्ता बंद किया।
कई करोड़ रुपये खर्च कर बनाया बांध: बेलगढ़ में कई करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बांध पर चल रहे वाहनों को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले कोई कार्रवाई नहीं की थी। शुक्रवार को पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने मौके पर सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाकर कार्रवाई को अंजाम दिलवाया था, लेकिन अगले दिन निर्मल सिंह के अंबाला चले जाने के बाद बांध के पास लगे स्क्रीन संचालकों ने खाई को पाटकर दोबारा से रास्ता बना लिया है।
दो डंपर पकड़े थे : सिंचाई विभाग के एक्सईएन हरिदेव कांबोज और एसडीओ सुभाष ने बेलगढ़ बांध पर चल रहे दो डंपरों को पकड़कर खिजराबाद थाने में खड़ा कर दिया था, जिसका पुलिस ने चालान कर दिया था।
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बांध को हो रहा है नुकसान : पूर्व मंत्री
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से दर्जनों गांवों को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए उन्होंने सरकार में मंत्री रहते हुए बांध बनवाया था। इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन भी दे दी थी। लेकिन खनन माफिया इस बांध को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे बांध के अस्तित्व को खतरा है। जिससे बरसात के सीजन में दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है।
पूर्व मंत्री ने बंद कर दिया था रास्ता
दरअसल खनन माफिया द्वारा जबरन उनकी जमीन में से रास्ता बनाने के लिए 24 मई को राजनीति के दबाव में पूर्व मंत्री को गोली कांड में जेल में बंद कर दिया था। उसके बाद दो जून को जिला प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद बेलगढ़ में टेंट लगाकर शांतिपूर्वक अपनी जमीन में धरने पर बैठ गए थे। अपनी जमीन में धरने पर बैठने के बाद पूर्व मंत्री ने यमुना के किनारे चल रहे दर्जनों स्क्रिनिंग प्लांटों व क्रशर संचालकों का रास्ता बंद कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बांध का रास्ता पकड़ लिया था।
इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ सुभाष का कहना है कि विभाग द्वारा बेलगढ़ बांध पर खाई खोदकर वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता बंद किया गया था और दोबारा से रास्ता खोलने की सूचना पर मैं मौके पर गया था। दोबारा से खाई खोदकर बांध पर वाहनों के जाने का रास्ता बंद कर दिया गया है और आगे से चौकसी बरती जाएगी।
फोटो नंबर 10, 11, 12, 13
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खिजराबाद। बेलगढ़ बांध पर प्रशासनिक कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए स्क्रिनिंग संचालकों ने 24 घंटे पहले बंद किए गए बांध के रास्ते को दोबारा से खोल दिया। रास्ता खुलते ही डंपर आदि बेलगढ़ बांध के ऊपर से एक बार फिर सरपट दौड़ने लग गए हैं। सिंचाई विभाग को इस बारे में शिकायत मिली तो शनिवार को वे फिर से मौके पर पहुंचे और जेसीबी से दोबारा से खाई खुदवाकर रास्ता बंद किया।
कई करोड़ रुपये खर्च कर बनाया बांध: बेलगढ़ में कई करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बांध पर चल रहे वाहनों को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले कोई कार्रवाई नहीं की थी। शुक्रवार को पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने मौके पर सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाकर कार्रवाई को अंजाम दिलवाया था, लेकिन अगले दिन निर्मल सिंह के अंबाला चले जाने के बाद बांध के पास लगे स्क्रीन संचालकों ने खाई को पाटकर दोबारा से रास्ता बना लिया है।
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दो डंपर पकड़े थे : सिंचाई विभाग के एक्सईएन हरिदेव कांबोज और एसडीओ सुभाष ने बेलगढ़ बांध पर चल रहे दो डंपरों को पकड़कर खिजराबाद थाने में खड़ा कर दिया था, जिसका पुलिस ने चालान कर दिया था।
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बांध को हो रहा है नुकसान : पूर्व मंत्री
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से दर्जनों गांवों को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए उन्होंने सरकार में मंत्री रहते हुए बांध बनवाया था। इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन भी दे दी थी। लेकिन खनन माफिया इस बांध को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे बांध के अस्तित्व को खतरा है। जिससे बरसात के सीजन में दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है।
पूर्व मंत्री ने बंद कर दिया था रास्ता
दरअसल खनन माफिया द्वारा जबरन उनकी जमीन में से रास्ता बनाने के लिए 24 मई को राजनीति के दबाव में पूर्व मंत्री को गोली कांड में जेल में बंद कर दिया था। उसके बाद दो जून को जिला प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने के बाद बेलगढ़ में टेंट लगाकर शांतिपूर्वक अपनी जमीन में धरने पर बैठ गए थे। अपनी जमीन में धरने पर बैठने के बाद पूर्व मंत्री ने यमुना के किनारे चल रहे दर्जनों स्क्रिनिंग प्लांटों व क्रशर संचालकों का रास्ता बंद कर दिया था। इसके बाद उन्होंने बांध का रास्ता पकड़ लिया था।
इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ सुभाष का कहना है कि विभाग द्वारा बेलगढ़ बांध पर खाई खोदकर वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता बंद किया गया था और दोबारा से रास्ता खोलने की सूचना पर मैं मौके पर गया था। दोबारा से खाई खोदकर बांध पर वाहनों के जाने का रास्ता बंद कर दिया गया है और आगे से चौकसी बरती जाएगी।
फोटो नंबर 10, 11, 12, 13