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साढौरा नगर पंचायत को नहीं बनने देंगे नगर पालिका, विरोध कर सचिवालय में गरजे ग्रामीण
Updated Thu, 07 Jun 2018 01:04 AM IST
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साढौरा नगर पंचायत को नहीं बनने देंगे नगर पालिका, सचिवालय में गरजे ग्रामीण
- एसडीएम को सीएम के नाम ज्ञापन सौंप साढौरा में पंचायत ही कायम रखने की रखी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/साढौरा।
साढौरा नगर पंचायत को नगर पालिका न बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने नगर पंचायत संघर्ष समिति के प्रधान अशोक कुमार मेहता के नेतृत्व में एसडीएम बीबी कौशिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने साढौरा में पंचायत ही कायम रखने की मांग की।
नगर पंचायत संघर्ष समिति के प्रधान अशोक मेहता के नेतृत्व में सैकड़ों कस्बावासी पंचायत को बरकरार रखने की मांग को लेकर बुधवार सुबह साढौरा के रेस्ट हाउस में यहां से सभी कस्बावासी जगाधरी अनाजमंडी गेट पर पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए सभी ग्रामीण नेशनल हाइवे से होते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और नारेबाजी की। प्रधान अशोक मेहता ने बताया कि लाहौर व कस्बा की नगरपालिका का गठन एक साथ हुआ था। 115 साल नगरपालिका का कार्यकाल कस्बे में स्थापित रहा, लेकिन आमदनी का कोई जरिया न होने के कारण वर्ष 2000 में नगरपालिका को भंग करके, पंचायत को बहाल कर दिया गया था। पंचायत के 15 वर्ष के कार्यकाल में कस्बे का सर्वांगीण विकास हुआ है। जोकि नगरपालिका के 115 वर्षों में नहीं हो सका था। प्रदेश सरकार व प्रशासन को कस्बे के प्रत्येक नागरिक की भावनाओं के अनुरूप ही पंचायत का चुनाव करवाना चाहिए। सचिव गोपाल दास ने बताया कि समिति के 20 सदस्यों ने दो माह पूर्व सीएम के ओएसडी भुवनेश्वर दयाल ने मुलाकात की थी। समिति के सदस्यों ने ओएसडी को बताया कि कस्बे में 90 प्रतिशत लोग पंचायत के पक्ष में है। नगर पंचायत संघर्ष समिति द्वारा पंचायत कायम रखने के संदर्भ में सीएम के नाम एक लिखित प्रस्ताव भी सौंपा गया था। शामलाल अग्रवाल ने बताया कि कस्बे की पंचायत को भंग करके नपा का गठन करना जनहितैषी नहीं है। समिति के सदस्यों पवन बख्शी व रमेश जैन ने बताया कि पंचायत कायम रखने के लिए कई बार मुख्यमंत्री से मिलने चंडीगढ़ गए। लेकिन मुख्यमंत्री के अतिव्यस्त होने के कारण उनको एक बार भी मिलने का समय नहीं मिल पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश सरकार जबरन नगरपालिका थोपेगी, तो नगर पंचायत संघर्ष समिति द्वारा सरेआम खुलकर विरोध स्वरूप आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में दिलावर हुसैन, पवन कुमार, इंद्रजीत, श्याम लाल, जयसिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो : 22 व 23
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- एसडीएम को सीएम के नाम ज्ञापन सौंप साढौरा में पंचायत ही कायम रखने की रखी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/साढौरा।
साढौरा नगर पंचायत को नगर पालिका न बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को जिला सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने नगर पंचायत संघर्ष समिति के प्रधान अशोक कुमार मेहता के नेतृत्व में एसडीएम बीबी कौशिक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने साढौरा में पंचायत ही कायम रखने की मांग की।
नगर पंचायत संघर्ष समिति के प्रधान अशोक मेहता के नेतृत्व में सैकड़ों कस्बावासी पंचायत को बरकरार रखने की मांग को लेकर बुधवार सुबह साढौरा के रेस्ट हाउस में यहां से सभी कस्बावासी जगाधरी अनाजमंडी गेट पर पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए सभी ग्रामीण नेशनल हाइवे से होते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और नारेबाजी की। प्रधान अशोक मेहता ने बताया कि लाहौर व कस्बा की नगरपालिका का गठन एक साथ हुआ था। 115 साल नगरपालिका का कार्यकाल कस्बे में स्थापित रहा, लेकिन आमदनी का कोई जरिया न होने के कारण वर्ष 2000 में नगरपालिका को भंग करके, पंचायत को बहाल कर दिया गया था। पंचायत के 15 वर्ष के कार्यकाल में कस्बे का सर्वांगीण विकास हुआ है। जोकि नगरपालिका के 115 वर्षों में नहीं हो सका था। प्रदेश सरकार व प्रशासन को कस्बे के प्रत्येक नागरिक की भावनाओं के अनुरूप ही पंचायत का चुनाव करवाना चाहिए। सचिव गोपाल दास ने बताया कि समिति के 20 सदस्यों ने दो माह पूर्व सीएम के ओएसडी भुवनेश्वर दयाल ने मुलाकात की थी। समिति के सदस्यों ने ओएसडी को बताया कि कस्बे में 90 प्रतिशत लोग पंचायत के पक्ष में है। नगर पंचायत संघर्ष समिति द्वारा पंचायत कायम रखने के संदर्भ में सीएम के नाम एक लिखित प्रस्ताव भी सौंपा गया था। शामलाल अग्रवाल ने बताया कि कस्बे की पंचायत को भंग करके नपा का गठन करना जनहितैषी नहीं है। समिति के सदस्यों पवन बख्शी व रमेश जैन ने बताया कि पंचायत कायम रखने के लिए कई बार मुख्यमंत्री से मिलने चंडीगढ़ गए। लेकिन मुख्यमंत्री के अतिव्यस्त होने के कारण उनको एक बार भी मिलने का समय नहीं मिल पाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश सरकार जबरन नगरपालिका थोपेगी, तो नगर पंचायत संघर्ष समिति द्वारा सरेआम खुलकर विरोध स्वरूप आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में दिलावर हुसैन, पवन कुमार, इंद्रजीत, श्याम लाल, जयसिंह आदि मौजूद रहे।
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फोटो : 22 व 23