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स्टेट पेज के लिए- मोबाइल चार्जिंग पर, कान में इयरफोन, अचानक करंट लगने से युवक की मौत
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:44 AM IST
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मोबाइल चार्जिंग पर, कान में इयरफोन, करंट लगने से युवक की मौत
-साढ़ौरा सरकारी अस्पताल में सुविधा और एंबुलेंस नहीं मिली, ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर की जगह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने किया ईसीजी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
पांडो गांव में मंगलवार दोपहर मोबाइल चार्ज करते समय इयरफोन लगाकर गाना सुनना एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। इस दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता कृष्णलाल ने बताया कि उसका बेटा ठाठ सिंह (22) उर्फ शंटी मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर इयरफोन के जरिये गाना सुन रहा था। दोपहर करीब पौने एक बजे अचानक से तेज बिजली आ गई। इससे उसके बेटे को करंट लग गया। कुछ देर बाद दूसरे कमरे में मौजूद उसकी मां सुरेखा आई तो उसे शंटी बेसुध हालत में मिला। उसके इयरफोन लगा हुआ था। यह देखकर उसकी मां ने शोर मचा दिया। परिजन युवक को साढ़ौरा के सरकारी अस्पताल में लेकर आए। वहां ईसीजी की सुविधा नहीं मिलने पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि समय पर उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली तो वे अपनी कार में युवक को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों की लापरवाही का आलम ये रहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उसकी ईसीजी की। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। शंटी कॉलेज के बाद डिफेंस सर्विस की तैयारी कर रहा था। उसने नेवी में नौकरी के लिए आवेदन भी किया हुआ था। साथ ही अनाज मंडी में एक गोदाम पर चौकीदार की नौकरी कर रहा था।
------
यदि डॉक्टरों या एंबुलेंस की किसी स्तर पर भी लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा कि युवक की मौत की सही वजह क्या है?
-कुलदीप सिंह, सीएमओ
फोटो नंबर 20, 21, 22, 23
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-साढ़ौरा सरकारी अस्पताल में सुविधा और एंबुलेंस नहीं मिली, ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर की जगह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने किया ईसीजी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
पांडो गांव में मंगलवार दोपहर मोबाइल चार्ज करते समय इयरफोन लगाकर गाना सुनना एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। इस दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता कृष्णलाल ने बताया कि उसका बेटा ठाठ सिंह (22) उर्फ शंटी मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर इयरफोन के जरिये गाना सुन रहा था। दोपहर करीब पौने एक बजे अचानक से तेज बिजली आ गई। इससे उसके बेटे को करंट लग गया। कुछ देर बाद दूसरे कमरे में मौजूद उसकी मां सुरेखा आई तो उसे शंटी बेसुध हालत में मिला। उसके इयरफोन लगा हुआ था। यह देखकर उसकी मां ने शोर मचा दिया। परिजन युवक को साढ़ौरा के सरकारी अस्पताल में लेकर आए। वहां ईसीजी की सुविधा नहीं मिलने पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि समय पर उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली तो वे अपनी कार में युवक को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। वहां भी डॉक्टरों की लापरवाही का आलम ये रहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उसकी ईसीजी की। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। शंटी कॉलेज के बाद डिफेंस सर्विस की तैयारी कर रहा था। उसने नेवी में नौकरी के लिए आवेदन भी किया हुआ था। साथ ही अनाज मंडी में एक गोदाम पर चौकीदार की नौकरी कर रहा था।
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यदि डॉक्टरों या एंबुलेंस की किसी स्तर पर भी लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा कि युवक की मौत की सही वजह क्या है?
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-कुलदीप सिंह, सीएमओ
फोटो नंबर 20, 21, 22, 23