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पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हुई युवक की घुड़चढ़ी व खेड़े पर माथा टेकने की रस्म
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:44 PM IST
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पुलिस सुरक्षा में युवक की घुड़चढ़ी और खेड़े पर माथा टेकने की रस्म
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। क्षेत्र के गांव बेगमपुर में एक समुदाय के एक युवक की शादी पर खेड़े पर माथा टेकने पर हुए बवाल में अलसुबह पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बेगमपुर के युवक की घुड़चढ़ी और खेड़े पर माथा टेकने की रस्म पूरी हुई। जब तक युवक की बारात रवाना नहीं हुई तब पुलिस फोर्स बेगमपुर गांव में ही तैनात रही। बारात रवाना होने पर पुलिस ने भी राहत की सांस ली और गांव से वापस आई।
जोनी पुत्र गोविंद निवासी बेगमपुर की शादी रविवार को थी। वह बारात लेकर जिला अंबाला के थंबड जा रहा था। कई सालों के बाद बेगमपुर गांव में एक समुदाय के लोग गांव के खेड़े पर अंदर गए और जल से नहलाने की रस्म अदा की। गांव में इस समुदाय के युवक की शादी में गांव के लोग समस्या पैदा ना करें इसलिए लोगों ने गांव में पंचायत की थी। इसमें फैसला लिया गया था कि किसी भी समुदाय के लोग खेड़े पर माथा टेक सकते हैं। इससे गांव वालों कोई परहेज नहीं हैं। शादी की रस्मों में गांव में आशीर्वाद लेने के लिए माथा टेकने खेडे़ पर भी जाना होता है लेकिन बेगमपुर गांव दूसरे समुदाय का बाहुल्य है। वहां कुछ लोगों को समाज के लोगों द्वारा खेडे़ पर जाकर माथा टेकने से एतराज था। इस बात को लेकर गांव में पंचायत हुई कि कहीं दूसरे समाज के लोग युवक को खेड़े पर माथा टेकने के लिए ना जाने दें लेकिन गांव में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि भगवान सभी धर्मों के लिए समान होते हैं और इस पर कोई भी धर्म के लोग अपनी आस्था के चलते माथा टेक सकते हैं। गांव में अशांति का माहौल ना पैदा हो और कोई भी अप्रिय घटना ना घटित हो इसके लिए पंचायत की ओर से खिजराबाद पुलिस से गश्त की मांग की गई है ताकि शादी की रीति रिवाज शांतिपूर्वक ढंग से निपट जाएं।
गांव के सरपंच अल्का के देवर पंकज चौधरी ने बताया कि गांव में किसी भी धर्म के लोगों के साथ अन्याय ना हो इसके लिए गांव की पंचायत ने फैसला लिया था कि खेड़े पर किसी भी धर्म के लोग जा सकते हैं और माथा टेक सकते हैं। शादी वाले दिन कोई भी असामाजिक तत्व गांव में अशांति का माहौल ना पैदा करे इसके लिए खिजराबाद पुलिस को गांव में शादी के समय गश्त लगाने की मांग की गई है।
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फोटो : 51 व 52
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अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। क्षेत्र के गांव बेगमपुर में एक समुदाय के एक युवक की शादी पर खेड़े पर माथा टेकने पर हुए बवाल में अलसुबह पुलिस फोर्स की मौजूदगी में बेगमपुर के युवक की घुड़चढ़ी और खेड़े पर माथा टेकने की रस्म पूरी हुई। जब तक युवक की बारात रवाना नहीं हुई तब पुलिस फोर्स बेगमपुर गांव में ही तैनात रही। बारात रवाना होने पर पुलिस ने भी राहत की सांस ली और गांव से वापस आई।
जोनी पुत्र गोविंद निवासी बेगमपुर की शादी रविवार को थी। वह बारात लेकर जिला अंबाला के थंबड जा रहा था। कई सालों के बाद बेगमपुर गांव में एक समुदाय के लोग गांव के खेड़े पर अंदर गए और जल से नहलाने की रस्म अदा की। गांव में इस समुदाय के युवक की शादी में गांव के लोग समस्या पैदा ना करें इसलिए लोगों ने गांव में पंचायत की थी। इसमें फैसला लिया गया था कि किसी भी समुदाय के लोग खेड़े पर माथा टेक सकते हैं। इससे गांव वालों कोई परहेज नहीं हैं। शादी की रस्मों में गांव में आशीर्वाद लेने के लिए माथा टेकने खेडे़ पर भी जाना होता है लेकिन बेगमपुर गांव दूसरे समुदाय का बाहुल्य है। वहां कुछ लोगों को समाज के लोगों द्वारा खेडे़ पर जाकर माथा टेकने से एतराज था। इस बात को लेकर गांव में पंचायत हुई कि कहीं दूसरे समाज के लोग युवक को खेड़े पर माथा टेकने के लिए ना जाने दें लेकिन गांव में हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि भगवान सभी धर्मों के लिए समान होते हैं और इस पर कोई भी धर्म के लोग अपनी आस्था के चलते माथा टेक सकते हैं। गांव में अशांति का माहौल ना पैदा हो और कोई भी अप्रिय घटना ना घटित हो इसके लिए पंचायत की ओर से खिजराबाद पुलिस से गश्त की मांग की गई है ताकि शादी की रीति रिवाज शांतिपूर्वक ढंग से निपट जाएं।
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गांव के सरपंच अल्का के देवर पंकज चौधरी ने बताया कि गांव में किसी भी धर्म के लोगों के साथ अन्याय ना हो इसके लिए गांव की पंचायत ने फैसला लिया था कि खेड़े पर किसी भी धर्म के लोग जा सकते हैं और माथा टेक सकते हैं। शादी वाले दिन कोई भी असामाजिक तत्व गांव में अशांति का माहौल ना पैदा करे इसके लिए खिजराबाद पुलिस को गांव में शादी के समय गश्त लगाने की मांग की गई है।
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फोटो : 51 व 52