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यमुना के लिए आंसू बहाने वाले सांसद ने नहीं ली यमुना की सुध : यमुना बचाओ समिति
Updated Fri, 19 Jan 2018 11:29 PM IST
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विधायक को ज्ञापन देकर यमुना को प्रदूषण से बचाने की मांग की
यमुनानगर। यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए यमुना बचाओ समिति की ओर से प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन विधायक घनश्यामदास अरोड़ा को सौंपा गया। उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा व कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल के नेतृत्व में व्यापारियों ने विधायक को शहर में जगह-जगह प्रदूषित हो रही यमुना के बारे में विस्तार से बताया।
संजय मित्तल ने बताया कि यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम व पब्लिक हेल्थ की कार्यप्रणाली के कारण यमुना का जल प्रदूषित हो रहा है। कोई भी सरकारी विभाग सफाई के प्रति जागरूक नहीं है। यमुना में जो गंदा पानी गिराया जा रहा है उसको साफ करवाने के लिए पिछले 10 सालों से उद्योग व्यापार मंडल व यमुना बचाओ समिति के द्वारा समाजसेवी व अध्यक्ष महेंद्र मित्तल की अध्यक्षता में समय-समय पर सरकार से सफाई की मांग की गई। लेकिन कोई भी सरकारी व प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी स्वच्छता के प्रति समर्पित नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यमुना जल इतना ज्यादा प्रदूषित हो चुका है की कोई भी भक्त व आम जन भी आचमन भी नहीं कर पा रहा है। यमुना जल प्रदूषित होने के कारण यमुना के किनारे पर मनाए जाने वाले त्योहार भी प्रभावित हो रहे हैं। संजय मित्तल ने कहा कि जब अंबाला लोकसभा से सांसद प्रत्याशी रतन लाल कटारिया यमुनानगर आए थे तो वे यमुना की हालत देख कर रो पड़े थे। तब उन्होंने कहा था कि मैं सांसद बनते ही यमुना की सफाई के लिए भरसक प्रयास करूंगा। लेकिन सांसद बनते ही वे भूल गए। एक बार भी संसद में यमुना की सफाई का विषय नहीं उठाया। सांसद बन कर कभी दोबारा से यमुना की दुर्दशा पर अपने विचार भी व्यक्त नहीं किए। समिति ने ज्ञापन के माध्यम से यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए कुछ सुझाव दिए।
ये हैं सुझाव
-यमुना को प्रदूषित करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
-यमुना जल बोर्ड बनाया जाये ताकि यमुना को गंदा नाला बनने से बचाया जा सके।
-यमुना जल बोर्ड में जिला उपायुक्त यमुना बचाओ समिति के कार्यकर्ताओं को जोड़ कर संयुक्त रूप से कार्य करें।
-यमुना के घाटों पर दोनों तरफ पक्के घाट बनाये जाए व अतिक्रमण हटवाए जाए।
- यमुना के इतिहास के कथात्मक बोर्ड लगवा कर समाज को जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
-यमुना का जल प्रदूषित होने से यमुना जी में रहने वाले जलचर प्राणी, मछली व सभी अन्य जलचर प्राणी समाप्त हो रहे हैं इसलिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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-सरकार यमुना की सफाई करने के लिए व्यवस्था करे।
-सरकार यमुना के घाटों के दोनों तरफ हो चुके अतिक्रमण को शीघ्रता से हटवाए।
-यमुना के घाटों पर अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना व दंड का प्रावधान करें।
फोटो-31
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यमुनानगर। यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए यमुना बचाओ समिति की ओर से प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन विधायक घनश्यामदास अरोड़ा को सौंपा गया। उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा व कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के कार्यकारी अध्यक्ष संजय मित्तल के नेतृत्व में व्यापारियों ने विधायक को शहर में जगह-जगह प्रदूषित हो रही यमुना के बारे में विस्तार से बताया।
संजय मित्तल ने बताया कि यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम व पब्लिक हेल्थ की कार्यप्रणाली के कारण यमुना का जल प्रदूषित हो रहा है। कोई भी सरकारी विभाग सफाई के प्रति जागरूक नहीं है। यमुना में जो गंदा पानी गिराया जा रहा है उसको साफ करवाने के लिए पिछले 10 सालों से उद्योग व्यापार मंडल व यमुना बचाओ समिति के द्वारा समाजसेवी व अध्यक्ष महेंद्र मित्तल की अध्यक्षता में समय-समय पर सरकार से सफाई की मांग की गई। लेकिन कोई भी सरकारी व प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी स्वच्छता के प्रति समर्पित नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यमुना जल इतना ज्यादा प्रदूषित हो चुका है की कोई भी भक्त व आम जन भी आचमन भी नहीं कर पा रहा है। यमुना जल प्रदूषित होने के कारण यमुना के किनारे पर मनाए जाने वाले त्योहार भी प्रभावित हो रहे हैं। संजय मित्तल ने कहा कि जब अंबाला लोकसभा से सांसद प्रत्याशी रतन लाल कटारिया यमुनानगर आए थे तो वे यमुना की हालत देख कर रो पड़े थे। तब उन्होंने कहा था कि मैं सांसद बनते ही यमुना की सफाई के लिए भरसक प्रयास करूंगा। लेकिन सांसद बनते ही वे भूल गए। एक बार भी संसद में यमुना की सफाई का विषय नहीं उठाया। सांसद बन कर कभी दोबारा से यमुना की दुर्दशा पर अपने विचार भी व्यक्त नहीं किए। समिति ने ज्ञापन के माध्यम से यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए कुछ सुझाव दिए।
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ये हैं सुझाव
-यमुना को प्रदूषित करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
-यमुना जल बोर्ड बनाया जाये ताकि यमुना को गंदा नाला बनने से बचाया जा सके।
-यमुना जल बोर्ड में जिला उपायुक्त यमुना बचाओ समिति के कार्यकर्ताओं को जोड़ कर संयुक्त रूप से कार्य करें।
-यमुना के घाटों पर दोनों तरफ पक्के घाट बनाये जाए व अतिक्रमण हटवाए जाए।
- यमुना के इतिहास के कथात्मक बोर्ड लगवा कर समाज को जानकारी देकर जागरूक किया जाए।
-यमुना का जल प्रदूषित होने से यमुना जी में रहने वाले जलचर प्राणी, मछली व सभी अन्य जलचर प्राणी समाप्त हो रहे हैं इसलिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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-सरकार यमुना की सफाई करने के लिए व्यवस्था करे।
-सरकार यमुना के घाटों के दोनों तरफ हो चुके अतिक्रमण को शीघ्रता से हटवाए।
-यमुना के घाटों पर अतिक्रमण करने वालों पर जुर्माना व दंड का प्रावधान करें।
फोटो-31