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किसानों ने मनाया काला दशहरा, मंत्रिमंडल का दस मुंह वाला पुतला फूंका
Updated Sun, 01 Oct 2017 12:39 AM IST
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किसानों ने मनाया काला दशहरा, मंत्रिमंडल का दस मुंह वाला पुतला फूंका
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादुपुर-नलवी नहर बंद करने के विरोध में जगाधरी अनाज मंडी गेट पर 40 दिन से धरना दे रहे किसानों ने शनिवार को काली पट्टियां बांध काला दशहरा मनाया। साथ ही सीएम खट्टर सहित मंत्रिमंडल के दस मुंह वाले पुतले को जलाया। इधर, नहर बंद करने पर राजनीति तेज हो गई है। आज किसानों के समर्थन में धरनास्थल पर राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा पहुंचीं। यहां सांसद ने भी भाजपा पर निशाना साधा और नहर बंद करने के फैसले का विरोध जताया। इसको लेकर डीसी रोहतास सिंह खरब को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
कुमारी शैलजा कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। दादुपुर-नलवी नहर को बंद कर किसानों को जमीन वापस देने के निर्णय का कांग्रेस विरोध करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार केवल वादे ही कर सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कहा कि मोदी केवल भाषण देकर लोगों को बहलाना-फुसलाना जानते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री पर भी निशाना साधा। कहा कि, मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि किसानों की आमदनी बढ़ाना तो राज्य सरकार का काम है, यह दुखद है। देवेंद्र चावला ने कहा कि लोगों का भरोसा बीजेपी सरकार से खत्म हो गया है। मौके पर पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी, दर्शनालाल खेड़ा, श्यामसुंदर बतरा, राकेश काका, अनिल गोयल, कपिल खेत्रपाल, सतपाल कौशिक, हरपाल, मेहर सिंह दहिया, सचिन शर्मा, अर्जुन व अन्य मौजूद रहे।
किसानों के पास कुछ रहा नहीं तो कैसे मनेगा दशहरा?
भाकियू के बैनर तले धरने के 40वें दिन किसानों ने हाथों और माथे पर काली पट्टियां लगाकर काला दशहरा मनाया। इसके अलावा उन्होंने एक पुतला भी बनाया, जिसमें सीएम खट्टर सहित प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों के फोटो लगे थे। किसान नारेबाजी करते हुए अनाज मंडी से सचिवालय के सामने आए, जहां उन्होंने पुतले का दहन किया। किसानों ने कहा कि जब किसानों के पास कुछ रहा ही नहीं तो वह दशहरा कैसे मना सकते हैं। अब किसान काला दशहरा ही मना पाएंगे, क्योंकि सरकार ने जो फैसला लिया है, वह सही नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादुपुर-नलवी नहर बंद करने के विरोध में जगाधरी अनाज मंडी गेट पर 40 दिन से धरना दे रहे किसानों ने शनिवार को काली पट्टियां बांध काला दशहरा मनाया। साथ ही सीएम खट्टर सहित मंत्रिमंडल के दस मुंह वाले पुतले को जलाया। इधर, नहर बंद करने पर राजनीति तेज हो गई है। आज किसानों के समर्थन में धरनास्थल पर राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा पहुंचीं। यहां सांसद ने भी भाजपा पर निशाना साधा और नहर बंद करने के फैसले का विरोध जताया। इसको लेकर डीसी रोहतास सिंह खरब को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
कुमारी शैलजा कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। दादुपुर-नलवी नहर को बंद कर किसानों को जमीन वापस देने के निर्णय का कांग्रेस विरोध करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार केवल वादे ही कर सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कहा कि मोदी केवल भाषण देकर लोगों को बहलाना-फुसलाना जानते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री पर भी निशाना साधा। कहा कि, मंत्री ने तो यहां तक कह दिया कि किसानों की आमदनी बढ़ाना तो राज्य सरकार का काम है, यह दुखद है। देवेंद्र चावला ने कहा कि लोगों का भरोसा बीजेपी सरकार से खत्म हो गया है। मौके पर पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी, दर्शनालाल खेड़ा, श्यामसुंदर बतरा, राकेश काका, अनिल गोयल, कपिल खेत्रपाल, सतपाल कौशिक, हरपाल, मेहर सिंह दहिया, सचिन शर्मा, अर्जुन व अन्य मौजूद रहे।
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किसानों के पास कुछ रहा नहीं तो कैसे मनेगा दशहरा?
भाकियू के बैनर तले धरने के 40वें दिन किसानों ने हाथों और माथे पर काली पट्टियां लगाकर काला दशहरा मनाया। इसके अलावा उन्होंने एक पुतला भी बनाया, जिसमें सीएम खट्टर सहित प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों के फोटो लगे थे। किसान नारेबाजी करते हुए अनाज मंडी से सचिवालय के सामने आए, जहां उन्होंने पुतले का दहन किया। किसानों ने कहा कि जब किसानों के पास कुछ रहा ही नहीं तो वह दशहरा कैसे मना सकते हैं। अब किसान काला दशहरा ही मना पाएंगे, क्योंकि सरकार ने जो फैसला लिया है, वह सही नहीं है।
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