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Yamuna Nagar News: शाम के 6 से रात 12 बजे तक 135 लोगों की जा चुकी जान

Fri, 26 Jan 2024 03:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 26 Jan 2024 03:32 AM IST
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135 people lost their lives from 6 pm to 12 midnight
यमुनानगर। सड़कों में कमियां, संकेतक न होना और तेज रफ्तारी हादसों का कारण बन रही है। परंतु 24 घंटे में से तीन घंटे ऐसे हैं जिनमें सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। इस समय में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। आईआरएडी (इंटीग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटा) एजेंसी द्वारा वर्ष 2023 का जो डाटा जुटाया गया है उसमें यह खुलासा हुआ है। शाम छह से नौ बजे के बीच वर्ष 2023 में 78 सड़क हादसे हुए। इनमें 47 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा लोग गंभीर रूप से 42 लोग घायल हुए जबकि 33 वाहन चालकों को मामूली चोट लगी। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए कोई खास प्रयास नहीं किए जा रहे। सड़कों पर गड्ढे हैं। यदि सड़क बना दी जाती है तो उस पर सफेद पट्टी, संकेतक, चेतावनी बोर्ड, कैटआई आदि खमियां छोड़ दी जाती हैं।
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शाम पांच बजे के बाद सड़कों पर हादसे ज्यादा होने की वजह ट्रैफिक का दबाव बढ़ना है। शाम के समय सड़कों पर वाहनों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि शहर में जाम तक लग जाता है। दरअसल जो लोग प्राइवेट या सरकारी नौकरी करने वाले हैं उनकी शाम को पांच से आठ बजे तक छुट्टी हो जाती है। छुट्टी के बाद लोगों में अपने घर जाने की होड़ मची रहती है। इसके अलावा लोग घर जाते समय सामान भी लेकर जाते हैं। कई बार तो सामान इतना ज्यादा होता है कि बाइक सवार सवार अनियंत्रित हो जाते हैं।दूसरा रात को सड़कों पर अंधेरा भी हो जाता है। सड़कों किनारे खड़े खराब वाहन लोगों को दिखाई नहीं देते। जिससे पीछे से आ रहे वाहन उनमें भिड़ जाते हैं जिससे हादसा हो जाता है। यही वजह है कि शाम को छह से रात नौ बजे तक तक ज्यादा हादसे हाे रहे हैं।
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सर्दी में घना कोहरा भी हादसों की बड़ी वजह
सर्दियों में घना कोहरा भी बहुत ज्यादा पड़ता है। इस बार तो घने कोहरे ने सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए हैं। शाम होते ही सड़कों पर कोहरा छा जाता है। कोहरे में वाहन दिखाई नहीं देते और हादसा हो जाता है। इससे बचाव के लिए जिला परिवहन कार्यालय की ओर से वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है। रिफ्लेक्टर टेप वाहन की रोशनी पड़ने पर चमकने लगती है। जिससे पीछे से आ रहा चालक समय रहते ही अलर्ट हो जाता है।
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हादसे होने की कई वजह हैं : जितेंद्र भल्ला
आईआरएडी के जिला मैनेजर जितेंद्र भल्ला ने बताया कि वर्ष 2023 में हुए हादसों की समीक्षा करने पर पाया गया है कि सबसे ज्यादा सड़क हादसे शाम छह से रात नौ बजे के बीच हो रहे हैं। वाहनों की ज्यादा स्पीड, टूटी सड़कें, ओवरटेकिंग, अंधेरा व लापरवाही हादसों का बड़ा कारण है। इस समय में सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इसलिए निर्धारित गति पर ही वाहन चलाएं।
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- इस समय में जिले में हो रहे सबसे ज्यादा सड़क हादसे

समय हादसे मौत गंभीर सामान्य कुल
06-09 सुबह 35 23 20 08 51
09-12 सुबह 58 24 34 13 71
12-03 दोपहर 47 24 34 16 74
03-06 शाम 55 25 35 36 96
06-09 रात 78 47 42 33 122
09-12 रात 57 39 25 14 78
12-03 सुबह 22 12 13 05 30
03-06 सुबह 18 10 11 08 29
कुल 370 204 214 133 55
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