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डेंगू के 10 और नए मरीज मिले
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जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। वीरवार को दस नए केस सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 152 हो चुकी है। वहीं जिले में अब तक तीन की बुखार से जान भी चुकी है, हालांकि विभाग ने मृतकों को डेंगू होने की पुष्टि नहीं की है।
जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सर्दी के साथ बुखार, शरीर व जोड़ों में दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की रोजाना कतार लग रही है। आंकड़ों के अनुसार निजी अस्पतालों में पहुंच रहे बुखार के मरीजों में 90 फीसदी को डेंगू का उपचार चल रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की रिपोर्ट नहीं मानता है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम शहर भर में फॉगिंग का दावा कर रहा है, लेकिन शहर की अधिकांश कॉलोनियों में एक बार भी फॉगिंग नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम अपने मुताबिक फॉगिंग करवा कर महज खानापूर्ति कर रहा है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक महीने से शहर में फॉगिंग करने का दावा किया जा रहा है, बावजूद इसके केस कम नहीं हो रहे हैं।
मुख्यालय के आसपास ही निगम करा रहा फॉगिंग
शहर में चार सौ से ज्यादा कॉलोनियां हैं, जबकि नगर निगम की ओर से मुख्यालय के आसपास की कॉलोनियों व क्षेत्रों में ही फॉगिंग करवाई गई है। जबकि शहर की ऐसी कॉलोनियां जहां पानी जमा होता है, जहां खाली प्लाट और गंदगी अधिक हैं वहां फॉगिंग नहीं करवाई गई है। इसके अलावा वह गलियां जो कच्ची हैं वहां तो सर्वे ही नहीं किया गया है।
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159 की रिपोर्ट का इंतजार
डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अभी विभाग को 159 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। यह वे लोग हैं, जिनमें डेंगू के ज्यादा लक्षण मिले हैं।
वर्जन
डेंगू के लिए टीम बनाकर सर्वे करवाया जा रहा है। टीम लारवा ढूंढ रही है और लोगों के सैंपल भी ले रही है। लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम को क्षेत्रों की सूची भेजकर कॉलोनियों में फॉगिंग करवाने के लिए भी कहा जाएगा।
---डॉ. वागेश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।
-----------
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ही फॉगिंग करवाई जाती है। पानी जमा होने वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर फागिंग कराई जाएगी। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--अजय तोमर, आयुक्त, नगर निगम।
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जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सर्दी के साथ बुखार, शरीर व जोड़ों में दर्द के मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की रोजाना कतार लग रही है। आंकड़ों के अनुसार निजी अस्पतालों में पहुंच रहे बुखार के मरीजों में 90 फीसदी को डेंगू का उपचार चल रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों की रिपोर्ट नहीं मानता है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम शहर भर में फॉगिंग का दावा कर रहा है, लेकिन शहर की अधिकांश कॉलोनियों में एक बार भी फॉगिंग नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम अपने मुताबिक फॉगिंग करवा कर महज खानापूर्ति कर रहा है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक महीने से शहर में फॉगिंग करने का दावा किया जा रहा है, बावजूद इसके केस कम नहीं हो रहे हैं।
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मुख्यालय के आसपास ही निगम करा रहा फॉगिंग
शहर में चार सौ से ज्यादा कॉलोनियां हैं, जबकि नगर निगम की ओर से मुख्यालय के आसपास की कॉलोनियों व क्षेत्रों में ही फॉगिंग करवाई गई है। जबकि शहर की ऐसी कॉलोनियां जहां पानी जमा होता है, जहां खाली प्लाट और गंदगी अधिक हैं वहां फॉगिंग नहीं करवाई गई है। इसके अलावा वह गलियां जो कच्ची हैं वहां तो सर्वे ही नहीं किया गया है।
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159 की रिपोर्ट का इंतजार
डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अभी विभाग को 159 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। यह वे लोग हैं, जिनमें डेंगू के ज्यादा लक्षण मिले हैं।
वर्जन
डेंगू के लिए टीम बनाकर सर्वे करवाया जा रहा है। टीम लारवा ढूंढ रही है और लोगों के सैंपल भी ले रही है। लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम को क्षेत्रों की सूची भेजकर कॉलोनियों में फॉगिंग करवाने के लिए भी कहा जाएगा।
---डॉ. वागेश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ही फॉगिंग करवाई जाती है। पानी जमा होने वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर फागिंग कराई जाएगी। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--अजय तोमर, आयुक्त, नगर निगम।