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Yamuna Nagar News: यमुना के पानी से 10 एकड़ जंगल जलमग्न
Tue, 19 Aug 2025 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 19 Aug 2025 12:06 AM IST
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मांडेवाला जंगल की भूमि पर होता कटाव। विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुना नदी के पानी ने कलेसर रेंज के संरक्षित जंगल मांडेवाला को काफी नुकसान पहुंचाया है। कटाव के कारण 10 एकड़ से अधिक जंगल जलमग्न हो गया और खैर के सैकड़ों पेड़ नदी में बह गए हैं।
वर्ष 2023 में भी इस क्षेत्र के 20-25 एकड़ जंगल नदी में समा गए थे। लेकिन, यदि कटाव नहीं रुका तो अगले कुछ दिनों में हजारों पेड़-पौधे नष्ट हो सकते हैं। जंगल के पश्चिमी हिस्से में स्थित कोलीवाला गांव भी इस कटाव से खतरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास पंचायती भूमि और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन ने जमीन को गहरा कर दिया है। जंगल और गांव की ऊंचाई में 50-70 फीट का अंतर होने के कारण, कटाव बढ़ने पर गांव की आबादी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
जिला वन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि पानी का बहाव अभी तेज है, जिसके कारण तत्काल कोई बड़ा उपाय संभव नहीं है। वन कर्मचारियों को हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बहाव कम होते ही तट की सुरक्षा के लिए तटबंध और अन्य संरचनाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा।
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यमुनानगर। यमुना नदी के पानी ने कलेसर रेंज के संरक्षित जंगल मांडेवाला को काफी नुकसान पहुंचाया है। कटाव के कारण 10 एकड़ से अधिक जंगल जलमग्न हो गया और खैर के सैकड़ों पेड़ नदी में बह गए हैं।
वर्ष 2023 में भी इस क्षेत्र के 20-25 एकड़ जंगल नदी में समा गए थे। लेकिन, यदि कटाव नहीं रुका तो अगले कुछ दिनों में हजारों पेड़-पौधे नष्ट हो सकते हैं। जंगल के पश्चिमी हिस्से में स्थित कोलीवाला गांव भी इस कटाव से खतरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास पंचायती भूमि और अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन ने जमीन को गहरा कर दिया है। जंगल और गांव की ऊंचाई में 50-70 फीट का अंतर होने के कारण, कटाव बढ़ने पर गांव की आबादी पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
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जिला वन अधिकारी संदीप सैनी ने बताया कि पानी का बहाव अभी तेज है, जिसके कारण तत्काल कोई बड़ा उपाय संभव नहीं है। वन कर्मचारियों को हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बहाव कम होते ही तट की सुरक्षा के लिए तटबंध और अन्य संरचनाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा।
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