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पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को छेड़ा
कैथल
Updated Wed, 11 Sep 2013 12:27 AM IST
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हरियाणा के कलायत में रक्षक ही भक्षक बन गया। पंचकूला से रात 11 बजे आंगनबाड़ी एवं हेल्पर यूनियन की ओर से आयोजित कार्यक्रम से घर लौट रहीं तीन महिलाओं से जिप्सी सवार पुलिस कर्मियों के छेड़छाड़ किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
पीड़ित महिलाओं ने जबरन गाड़ी में बैठाकर छेड़छाड़ के साथ-साथ लूटपाट, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला को लाने गए उसके भाई को भी पुलिसकर्मियों ने जबरन थाने में रखकर पिटाई की। घटना पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एकत्रित हो पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसके बाद नगर में प्रदर्शन करते हुए पुलिस स्टेशन पहुंच कर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दो सब इंस्पेक्टर सहित एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता के पतिने आरोप लगाया कि महिला और बाल विकास कल्याण विभाग में कार्यरत उसकी पत्नी और दो अन्य महिलाएं सोमवार को पंचकूला में यूनियन के एक कार्यक्रम से रात्रि करीब 11 बजे वापस घर लौट रही थी।
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इसी दौरान रेलवे रोड पर सुनसान स्थान पर खड़ी जिप्सी में बैठे एएसआई ईश्वर, कर्मवीर और सिपाही बजिंद्र ने महिलाओं पर अश्लील फिकरे कसे।
आरोप है कि कर्मचारी काफी दूर से उनका पीछा करते आ रहे थे।
महिलाओं ने डर से जैसे ही शोर मचाया तो जिप्सी सवार पुलिसकर्मियों ने गाड़ी आगे लगाकर महिलाओं का रास्ता रोक लिया।
हालांकि इन महिलाओं ने बताया कि वे यूनियन के कार्यक्रम से लौट रही हैं। उनके पास पहचान पत्र है। इसके बावजूद आरोपी पुलिसकर्मियों ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों के चरित्र पर अंगुलियां उठाते हुए जबरन महिलाओं को वाहन में खींच लिया और छेड़छाड़ शुरू कर दी।
आरोप लगाया गया कि पुलिस वालों ने उसकी पत्नी के गले से सोने की चेन व पर्स से 3350 रुपये छीन लिए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि हालांकि उसकी पत्नी ने कलायत कैंची चौक पर पहुंचते ही मोबाइल से काल कर उससे ले जाने के लिए कहा था और वह अपने एक संबंधी के साथ उन्हें लाने के लिए चले तो रास्ते में शोर सुनकर रुक गए।
आरोप लगाया कि जब उसके साले ने मामले की जानकारी लेनी चाही तो पुलिस वाले उसको एक तरफ ले गए व जमकर उसकी पिटाई की व जिप्सी में डालकर थाने में ले गए।
जाते जाते उन्होंने महिला को वाहन से नीचे फेंक दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी पत्नी व अन्य दोनों महिलाओं के साथ थाने पहुंचे तो मुख्य प्रवेश द्वार बंद था और अंदर से उसके साले की चीखने की आवाजें आ रही थी।
उसकी पत्नी ने महिला हेल्पलाइन पर और मैंने पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह को मामले की जानकारी दी और पुलिस से उसके साले को छुड़वाया।
इसके बाद चारों घायलों को अस्पताल में दाखिल करवाया। शिकायत कर्ता ने सभी कर्मचारियों के साथ महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने जाति सूचक गालियां देने और जान से माने की धमकी देने के आरोप में अपेक्षित कार्रवाई की मांग की।
आरोपी पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
महिला कर्मियों से पुलिस कर्मियों के अभद्र व्यवहार के चलते विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद लघुसचिवालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों की बातों को डीएसपी मुख्यालय सुरेंद्र सिंह भौरिया ने सुना। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से तीनों पुलिस कर्मियों एएसआई ईश्वर, इएएसआई कर्मवीर व हेड कांस्टेबल बिजेंद्र को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया।
उन्होंने शिकायतकर्ता व प्रदर्शनकारियों को बताया कि बुधवार दोपहर 2 बजे तक मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित महिलाओं ने जबरन गाड़ी में बैठाकर छेड़छाड़ के साथ-साथ लूटपाट, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला को लाने गए उसके भाई को भी पुलिसकर्मियों ने जबरन थाने में रखकर पिटाई की। घटना पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एकत्रित हो पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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इसके बाद नगर में प्रदर्शन करते हुए पुलिस स्टेशन पहुंच कर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दो सब इंस्पेक्टर सहित एक सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता के पतिने आरोप लगाया कि महिला और बाल विकास कल्याण विभाग में कार्यरत उसकी पत्नी और दो अन्य महिलाएं सोमवार को पंचकूला में यूनियन के एक कार्यक्रम से रात्रि करीब 11 बजे वापस घर लौट रही थी।
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इसी दौरान रेलवे रोड पर सुनसान स्थान पर खड़ी जिप्सी में बैठे एएसआई ईश्वर, कर्मवीर और सिपाही बजिंद्र ने महिलाओं पर अश्लील फिकरे कसे।
आरोप है कि कर्मचारी काफी दूर से उनका पीछा करते आ रहे थे।
महिलाओं ने डर से जैसे ही शोर मचाया तो जिप्सी सवार पुलिसकर्मियों ने गाड़ी आगे लगाकर महिलाओं का रास्ता रोक लिया।
हालांकि इन महिलाओं ने बताया कि वे यूनियन के कार्यक्रम से लौट रही हैं। उनके पास पहचान पत्र है। इसके बावजूद आरोपी पुलिसकर्मियों ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों के चरित्र पर अंगुलियां उठाते हुए जबरन महिलाओं को वाहन में खींच लिया और छेड़छाड़ शुरू कर दी।
आरोप लगाया गया कि पुलिस वालों ने उसकी पत्नी के गले से सोने की चेन व पर्स से 3350 रुपये छीन लिए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि हालांकि उसकी पत्नी ने कलायत कैंची चौक पर पहुंचते ही मोबाइल से काल कर उससे ले जाने के लिए कहा था और वह अपने एक संबंधी के साथ उन्हें लाने के लिए चले तो रास्ते में शोर सुनकर रुक गए।
आरोप लगाया कि जब उसके साले ने मामले की जानकारी लेनी चाही तो पुलिस वाले उसको एक तरफ ले गए व जमकर उसकी पिटाई की व जिप्सी में डालकर थाने में ले गए।
जाते जाते उन्होंने महिला को वाहन से नीचे फेंक दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी पत्नी व अन्य दोनों महिलाओं के साथ थाने पहुंचे तो मुख्य प्रवेश द्वार बंद था और अंदर से उसके साले की चीखने की आवाजें आ रही थी।
उसकी पत्नी ने महिला हेल्पलाइन पर और मैंने पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह को मामले की जानकारी दी और पुलिस से उसके साले को छुड़वाया।
इसके बाद चारों घायलों को अस्पताल में दाखिल करवाया। शिकायत कर्ता ने सभी कर्मचारियों के साथ महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने जाति सूचक गालियां देने और जान से माने की धमकी देने के आरोप में अपेक्षित कार्रवाई की मांग की।
आरोपी पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
महिला कर्मियों से पुलिस कर्मियों के अभद्र व्यवहार के चलते विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद लघुसचिवालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों की बातों को डीएसपी मुख्यालय सुरेंद्र सिंह भौरिया ने सुना। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों पर संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से तीनों पुलिस कर्मियों एएसआई ईश्वर, इएएसआई कर्मवीर व हेड कांस्टेबल बिजेंद्र को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया।
उन्होंने शिकायतकर्ता व प्रदर्शनकारियों को बताया कि बुधवार दोपहर 2 बजे तक मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।