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पश्चिमी यमुना नहर का पुल ढहा
अमर उजाला, करनाल
Updated Mon, 16 Sep 2013 11:36 PM IST
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करनाल के जुंडला में बीती रात गांव बड़ौता के समीप पश्चिमी यमुना नहर का पुल अचानक टूट जाने से आने-जाने वालों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
इसकी वजह से करीब दर्जन गांव सहित बड़ौता गांव के किसानों का नहर पार के इलाके से संपर्क टूट गया।
इसी दौरान एक युवक बाइक सहित नहर में जा गिरा। युवक को जैसे-तैसे बच निकला,पर बाइक का अभी तक सुराग नहीं लग सका है।
किसानों का कहना है कि अब उन्हें गांव घोघड़ीपुर से गुजर कर करीब 12 किलोमीटर का रास्ता तय करना पडे़गा।
ग्रामीण गुलाब सिंह, रामनिवास, रमेश कुमार, प्रेम सिंह आदि का कहना है कि यह पुल करीब 150 साल पुराना हो चुका था।
इसको नहरी विभाग ने करीब सात साल पहले पुल को कंडम घोषित करते हुए बंद कर दिया गया था। तभी विभाग की ओर से नया पुल बनाने घोषणा की गई थी।
लेकिन इस पुल के मामले को विभाग की ओर से गंभीरता से नहीं लिया गया।
ग्रामीणों की प्रदेश सरकार से मांग की है कि नया पुल बनाए जाने से पहले आने-जाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने पाए।
भाकियू कार्यकर्ता रमेश पुनिया ने बताया कि इस मामले को जोर-शोर से उठाया जाएगा। ताकि इस समस्या से जल्द छुटकारा मिल सके।
वहीं, नहर के पुल टूटने की घटना में एक दुकानदार पुल से गिरकर घायल हो गया।
गांव नरूखेड़ी वासी धर्मबीर सिंह बड़ौता गांव में मिठाई की दुकान चलाता है।
रविवार रात करीब नौ बजे वह अपनी दुकान को बंद करके बाइक पर सवार होकर अपने घर आ रहा था। वह पुल से गुजर रहा था, तो अचानक पुल धड़ाम की आवाज के साथ टूट गया।
इसकी चपेट में दुकानदार आ गया और बाइक समेत नहर में गिर गया।
पानी में तैर कर दुकानदार धर्मबीर ने अपनी जान बचाई। इस घटना में धर्मबीर की बाई टांग में चोट आई है।
इस घटना को लेकर धर्मबीर सहमा हुआ है।
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इसकी वजह से करीब दर्जन गांव सहित बड़ौता गांव के किसानों का नहर पार के इलाके से संपर्क टूट गया।
इसी दौरान एक युवक बाइक सहित नहर में जा गिरा। युवक को जैसे-तैसे बच निकला,पर बाइक का अभी तक सुराग नहीं लग सका है।
किसानों का कहना है कि अब उन्हें गांव घोघड़ीपुर से गुजर कर करीब 12 किलोमीटर का रास्ता तय करना पडे़गा।
ग्रामीण गुलाब सिंह, रामनिवास, रमेश कुमार, प्रेम सिंह आदि का कहना है कि यह पुल करीब 150 साल पुराना हो चुका था।
इसको नहरी विभाग ने करीब सात साल पहले पुल को कंडम घोषित करते हुए बंद कर दिया गया था। तभी विभाग की ओर से नया पुल बनाने घोषणा की गई थी।
लेकिन इस पुल के मामले को विभाग की ओर से गंभीरता से नहीं लिया गया।
ग्रामीणों की प्रदेश सरकार से मांग की है कि नया पुल बनाए जाने से पहले आने-जाने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने पाए।
भाकियू कार्यकर्ता रमेश पुनिया ने बताया कि इस मामले को जोर-शोर से उठाया जाएगा। ताकि इस समस्या से जल्द छुटकारा मिल सके।
वहीं, नहर के पुल टूटने की घटना में एक दुकानदार पुल से गिरकर घायल हो गया।
गांव नरूखेड़ी वासी धर्मबीर सिंह बड़ौता गांव में मिठाई की दुकान चलाता है।
रविवार रात करीब नौ बजे वह अपनी दुकान को बंद करके बाइक पर सवार होकर अपने घर आ रहा था। वह पुल से गुजर रहा था, तो अचानक पुल धड़ाम की आवाज के साथ टूट गया।
इसकी चपेट में दुकानदार आ गया और बाइक समेत नहर में गिर गया।
पानी में तैर कर दुकानदार धर्मबीर ने अपनी जान बचाई। इस घटना में धर्मबीर की बाई टांग में चोट आई है।
इस घटना को लेकर धर्मबीर सहमा हुआ है।