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बदला मौसम, न्यूनतम तापमान 13 डिग्री पहुंचा
जींद/ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2013 08:47 PM IST
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जिले में वीरवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आया। दिन भर आसमान में घने बादल छाए रहे। रात को हुई बूंदाबांदी और चली तेज हवा से मौसम और ठंडा हो गया है।
वीरवार को जिले का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि हवा की रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटा रही और आर्र्दता 66 प्रतिशत रही। मौसम ने बुधवार शाम को ही करवट बदल ली थी। देर शाम को आकाश में बादलों के जमवाड़े के साथ तेज हवा चलनी शुरू हो गई थी।
वीरवार अल सुबह हल्की बूंदाबांदी भी हुई और ठंडी तेज हवाआें का सिलसिला जारी रहा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। जिसके चलते आकाश में बादल छाए हुए हैं और बूंदाबांदी हो सकती है। हवा की गति भी बढ़ सकती है।
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वहीं मौसम के बिगड़ते मिजाज से किसान परेशान हैं। अगेती गेहूं बिजाई का सीजन जारी है। इसके साथ ही धान की फसल निकल रही है और नरमा की चुगाई का काम भी जारी है।
मौसम को देखते हुए बिजाई के कार्य में दो तीन दिन का ठहराव हो सकता है। इसके अलावा नरमा की चुगाई का कार्य भी प्रभावित हो सकता है। नमी युक्त नरमा चुगाई से गुणवत्ता खराब हो सकती है। जिले में दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक लगभग तीस हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हो चुकी है। कृषि उपनिदेशक डॉ. रामप्रताप सिहाग ने बताया कि नवंबर आ चुका है। मौसम में बदलाव आना स्वाभाविक है। फिलहाल ठंड बढ़ना फसलों के अनुकूल है। अगर बारिश ज्यादा होती है तो गेहूं बिजाई का कार्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि नरमा की चुगाई सूरज निकलने के बाद करें, ताकि नरमा की गुणवत्ता खराब न हो।
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वीरवार को जिले का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि हवा की रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटा रही और आर्र्दता 66 प्रतिशत रही। मौसम ने बुधवार शाम को ही करवट बदल ली थी। देर शाम को आकाश में बादलों के जमवाड़े के साथ तेज हवा चलनी शुरू हो गई थी।
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वीरवार अल सुबह हल्की बूंदाबांदी भी हुई और ठंडी तेज हवाआें का सिलसिला जारी रहा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। जिसके चलते आकाश में बादल छाए हुए हैं और बूंदाबांदी हो सकती है। हवा की गति भी बढ़ सकती है।
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वहीं मौसम के बिगड़ते मिजाज से किसान परेशान हैं। अगेती गेहूं बिजाई का सीजन जारी है। इसके साथ ही धान की फसल निकल रही है और नरमा की चुगाई का काम भी जारी है।
मौसम को देखते हुए बिजाई के कार्य में दो तीन दिन का ठहराव हो सकता है। इसके अलावा नरमा की चुगाई का कार्य भी प्रभावित हो सकता है। नमी युक्त नरमा चुगाई से गुणवत्ता खराब हो सकती है। जिले में दो लाख 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक लगभग तीस हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हो चुकी है। कृषि उपनिदेशक डॉ. रामप्रताप सिहाग ने बताया कि नवंबर आ चुका है। मौसम में बदलाव आना स्वाभाविक है। फिलहाल ठंड बढ़ना फसलों के अनुकूल है। अगर बारिश ज्यादा होती है तो गेहूं बिजाई का कार्य प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि नरमा की चुगाई सूरज निकलने के बाद करें, ताकि नरमा की गुणवत्ता खराब न हो।