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मासूम बच्ची के दो हत्यारों को फांसी की सजा

Mon, 18 Nov 2013 10:58 PM IST
सिरसा/ब्यूरो
सिरसा/ब्यूरो Updated Mon, 18 Nov 2013 10:58 PM IST
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Two murderers hanged
साढ़े चार वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर उससे गैंगरेप करने और फिर उसे
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जिंदा ही गंदे नाले में फेंककर मार डालने वाले दो दरिंदों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने सोमवार को सजा सुनाते हुए कहा कि इस प्रकार की दरिंदगी अक्षम्य है। ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं। अदालत ने इसके साथ ही कानूनी सेवा प्राधिकरण को मामला भेजकर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की सिफारिश भी की।


डबवाली निवासी परिवार की साढ़े चार वर्षीय बच्ची 25 जनवरी 2013 की शाम अपनी सात वर्षीय फुफेरी बहन के साथ घर के बाहर गली में खेल रही थी। घर के ठीक सामने रहने वाला विकास उर्फ विक्की पुत्र विजय कुमार बच्ची को रंजिशन बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। 26 जनवरी को शहर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतका की फुफेरी बहन के बयान के आधार पर विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान विकास ने बच्ची के का अपहरण की बात कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि उसने बच्ची को रामबाग के नजदीक अपने साथी पवन उर्फ चीला को सौंप दिया था। चीला ने विक्की की मदद से बच्ची से दुराचार किया और बच्ची को बेहोशी की हालत में ही गंदे पानी के नाले में फेंककर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने पवन को भी काबू कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर रामबाग के निकट गंदे पानी के नाले से बच्ची का शव बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने सात फरवरी 2013 को 165 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की थी।


ऐसे फैसलों से रुकेंगे अपराध : सुखीजा
पीड़ित पक्ष के वकील कृष्ण सुखीजा ने कहा कि इस मामले में 16 गवाहों को पेश किया गया। पीड़ित परिवार को अदालत ने न्याय देते हुए संदेश दिया है कि समाज में इस प्रकार के कुकृत्य करने वाले दरिंदों के लिए कोई जगह नहीं है। इससे अवश्य ही महिलाओं और बच्चियों का अपमान करने वालों पर लगाम लगेगी।


रंजिश में किया था अपहरण
डबवाली (सिरसा)। गैंगरेप के बाद बच्ची की हत्या रंजिश के चलते की गई थी। हत्यारे विकास ने पुलिस को बताया था कि मृतका के चाचा का उसकी मौसी की लड़की से रिश्ता तय हुआ था। लेकिन वह नहीं चाहता था कि रिश्ता हो क्योंकि वह अपने पड़ोस के ही युवक को जीजा नहीं कहना चाहता था। उसने बार-बार दोनों परिवारों को रिश्ता न करने को कहा, लेकिन उसकी बात को नहीं सुना गया। विकास ने बताया कि इस रिश्ते को तुड़वाने और दोनों परिवारों को सबक सिखाने के लिए ही उसने वारदात को अंजाम दिया।

फुफेरी बहन के बयान से पकड़े गए हत्यारे
बच्ची के अपहरण की घटना के बाद उमड़े जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने इस मामले को सुलझाने में दिन-रात एक कर दिए थे। बच्ची के साथ खेलने गई उसकी सात वर्षीय फुफेरी बहन ने ही पुलिस को बताया कि विकास उसकी बहन को लेकर गया था। इसी बयान के आधार पर यह मामला सुलझा और हत्यारों को सजा मिल सकी।

कब-क्या हुआ
25 जनवरी : शाम करीब 6.30 बजे डबवाली से साढ़े चार वर्षीय बच्ची का अपहरण
26 जनवरी : बच्ची के पिता पेंटर की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज
26 जनवरी : बच्ची की फुफेरी बहन की शिनाख्त पर विकास को पुलिस ने हिरासत में लिया। देर रात पुलिस ने बस्ती के पवन उर्फ चीला को हिरासत में लिया।
27 जनवरी : युवकों की निशानदेही पर रात करीब 10 बजे रामबाग के पास बने गंदे पानी के तालाबनुमा गड्ढे से बच्ची का शव बरामद
28 जनवरी : सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने धारा 365/302/34 आईपीसी के साथ-साथ दफा 376/377 जोड़ी। रामबाग में शव को मिट्टी देने के समय भीड़ ने एसएसपी को घेरा।
31 जनवरी : हत्याकांड के आरोपियों की फांसी की मांग को लेकर शहर के लोगों ने निकाला रोष मार्च
04 फरवरी : कम्युनिटी हॉल में बच्ची की याद में शोक सभा आयोजित
04 फरवरी : जन संघर्ष समिति की बैठक में पुलिस को 12 फरवरी तक चार्जशीट प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम
07 फरवरी : पुलिस ने दोनों आरोपियों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की
18 नवंबर : अदालत ने दोनों हत्यारों को सुनाई फांसी की सजा
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