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हड़ताल पर रहे निजी स्कूल संचालक, स्कूल बंद
फतेहाबाद/ब्यूरो।
Updated Tue, 24 Sep 2013 09:39 PM IST
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हरियाणा में शिक्षा विभाग के गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के निर्णय के विरोध में प्राइवेट स्कूल संघ के आह्वान पर मंगलवार को जिले के सभी निजी स्कूल संचालक हड़ताल पर रहे। संचालकों ने अध्यापकों के साथ मिलकर फतेहाबाद में प्रदर्शन किया और उपायुक्त डा. साकेत कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार को जिलेभर से अध्यापक अनाजमंडी के शेड में एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शनकारी प्राइवेट स्कूल संघ के जिला प्रधान ओपी बिश्नोई के नेतृत्व में नेशनल हाईवे पर रोष मार्च निकालते हुए सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होंने उपायुक्त डा. साकेत कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ओपी बिश्नोई ने कहा कि सरकार शैक्षणिक सत्र के मध्य में इस तरह के फैसले लेकर न केवल स्कूल संचालकों को तंग कर रही है बल्कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रही है।
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अध्यापक नेता अंशुल तनेजा ने कहा कि सरकार ने अगर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करना ही था तो शैक्षणिक सत्र के आरंभ करना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्कूलों के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया था कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को प्रोविजनल मान्यता दी जाएगी।
अब कोर्ट का हवाला देकर सरकार अपने वायदे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देशानुसार इन स्कूलों ने प्रोविजन मान्यता के लिए आन लाइन आवेदन भी किया था, मगर फिर भी सरकार इन स्कूलों को बंद करने पर आमादा है। प्राइवेट स्कूल संघ के जिला सचिव शैलेन भास्कर ने सरकार से मांग की कि सरकार इन स्कूलों के लिए कोई नीति निर्धारित करे।
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मंगलवार को जिलेभर से अध्यापक अनाजमंडी के शेड में एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शनकारी प्राइवेट स्कूल संघ के जिला प्रधान ओपी बिश्नोई के नेतृत्व में नेशनल हाईवे पर रोष मार्च निकालते हुए सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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उन्होंने उपायुक्त डा. साकेत कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ओपी बिश्नोई ने कहा कि सरकार शैक्षणिक सत्र के मध्य में इस तरह के फैसले लेकर न केवल स्कूल संचालकों को तंग कर रही है बल्कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रही है।
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अध्यापक नेता अंशुल तनेजा ने कहा कि सरकार ने अगर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करना ही था तो शैक्षणिक सत्र के आरंभ करना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्कूलों के प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया था कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को प्रोविजनल मान्यता दी जाएगी।
अब कोर्ट का हवाला देकर सरकार अपने वायदे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देशानुसार इन स्कूलों ने प्रोविजन मान्यता के लिए आन लाइन आवेदन भी किया था, मगर फिर भी सरकार इन स्कूलों को बंद करने पर आमादा है। प्राइवेट स्कूल संघ के जिला सचिव शैलेन भास्कर ने सरकार से मांग की कि सरकार इन स्कूलों के लिए कोई नीति निर्धारित करे।