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केजरीवाल के नाम हुआ एक और रिकॉर्ड
राजेश शांडिल्य/ अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 26 Dec 2013 10:36 AM IST
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यह पहला मौका है, जब हरियाणा की किसी यूनिवर्सिटी में पढ़ा कोई छात्र मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा।
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यह गौरव कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को अरविंद केजरीवाल के कारण हासिल होगा, क्योंकि प्री इंजीनियरिंग में केजरीवाल केयू के टाप सेवन में शामिल थे।
केजरीवाल ने करीब 16 साल पहले केयू के अधीन डीएन कॉलेज से प्री इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था।
हरियाणा में 16 अगस्त 1968 को पैदा हुए अरविंद केजरीवाल संभवत इस समय देश के बहुचर्चित नेता के साथ-साथ एजुकेशन प्रोफाइल के लिहाज से पहले पायदान पर हैं।
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केजरीवाल के केमिस्ट्री के टीचर रहे डॉ. आरके तोमर के मुताबिक केजरीवाल ने 1984-1985 में प्री इंजीनियरिंग की और केयू के टाप सेवन में रहे।
डॉ. तोमर के अनुसार उन्हें याद है कि वह रेगुलर क्लास लगाते थे और लीडरशिप क्वालिटी और दमदार तरीके से बात कहने की क्षमता केजरीवाल में उस समय भी थी।
वहीं केयू के वीसी डॉ. डीडीएस संधू ने कहा उन्हें मालूम तो नहीं की केजरीवाल उनकी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र थे, अगर ऐसा है तो उनके लिए यह गर्व की बात है।
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गौरतलब है कि 1966 से अब तक भगवत दयाल शर्मा, राव वीरेंद्र सिंह, भजनलाल, बंसीलाल, बीडी गुप्ता, देवीलाल, हुकुम सिंह, ओमप्रकाश चौटाला और भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कुल आठ शख्सियतें ऐसी रहीं, जो हरियाणा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।
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इनमें से ताऊ देवीलाल देश के उपप्रधानमंत्री भी रहे, लेकिन इनमें से एक भी सख्श का नाता कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र के रूप में नहीं रहा।
हालांकि केयू ने देश की कई हस्तियों को मानद उपाधियों से नवाजा, इनमें मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉक्टर ऑफ ला की उपाधि से नवाजे चुके तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं।
हालांकि ये दोनों भी इससे पहले कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र रहे। दोनों का कैरियर वकालत से शुरू हुआ और बाद में राजनीति के अखाड़े तक पहुंचे।