{"_id":"68bdeff4d34d9913b3066b09","slug":"yamuna-floods-swept-away-the-hopes-of-farmers-sonipat-news-c-197-1-snp1012-141911-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: किसानों की उम्मीदें बहा ले गई यमुना की बाढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: किसानों की उम्मीदें बहा ले गई यमुना की बाढ़
Mon, 08 Sep 2025 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 08 Sep 2025 02:19 AM IST
विज्ञापन
फोटो : 38 : सोनीपत में यमुना किनारे के जगदीशपुर गांव में बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेत की
सोनीपत। यमुना नदी के किनारे स्थित गांव जगदीशपुर और मनौली टोंकी में बाढ़ के पानी से ज्वार और मक्के की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। धान के खेतों में पानी भरा है। अगर जलनिकासी नहीं हुई तो धान की फसल भी बर्बाद हो जाएगी। इस बार आई बाढ़ किसानों की उम्मीदें भी बहा ले गई है। वर्तमान फसल खराब होने के साथ ही अगली फसल भी प्रभावित होने की आशंका है।
यमुना नदी के किनारे बसे गांव जगदीशपुर और मनौली टोंकी में खेतों की हालत खराब है। बाढ़ के पानी से ज्वार की फसल पूरी तरह से मिट्टी में मिल गई है। यमुना का जलस्तर घटा है लेकिन अभी भी खेतों में पानी भरा हुआ है। नमी के चलते रबी की फसल पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जगदीशपुर, मनौली टोंकी, खुर्मपुर के पास जलस्तर घटने के कारण यमुना के नजदीक बसे ग्रामवासियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन बाढ़ में सैकड़ों एकड़ मक्के की फसल खराब हो गई। इसके कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। धान के खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे धान की फसल भी खराब होने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन
फसल तो खराब हो ही गई है। गांवों में पानी उतरने के बाद किनारे लगे मलबे की वजह से भयंकर दुर्गंध आ रही है। इसकी वजह से बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
सीपीआईएम के जिला सचिव आनंद शर्मा ने कहा कि बंध के नजदीक गांव में विशेष गिरदावरी करवाई जाए और खराब हुई फसलों का एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जाए। इसके बाद किसानों को कुछ राहत मिलेगी। बाढ़ प्रभावित गावों में विशेष राहत की जरूरत है।
विज्ञापन
यमुना नदी के किनारे बसे गांव जगदीशपुर और मनौली टोंकी में खेतों की हालत खराब है। बाढ़ के पानी से ज्वार की फसल पूरी तरह से मिट्टी में मिल गई है। यमुना का जलस्तर घटा है लेकिन अभी भी खेतों में पानी भरा हुआ है। नमी के चलते रबी की फसल पर भी खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन
जगदीशपुर, मनौली टोंकी, खुर्मपुर के पास जलस्तर घटने के कारण यमुना के नजदीक बसे ग्रामवासियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन बाढ़ में सैकड़ों एकड़ मक्के की फसल खराब हो गई। इसके कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। धान के खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे धान की फसल भी खराब होने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन
फसल तो खराब हो ही गई है। गांवों में पानी उतरने के बाद किनारे लगे मलबे की वजह से भयंकर दुर्गंध आ रही है। इसकी वजह से बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
सीपीआईएम के जिला सचिव आनंद शर्मा ने कहा कि बंध के नजदीक गांव में विशेष गिरदावरी करवाई जाए और खराब हुई फसलों का एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जाए। इसके बाद किसानों को कुछ राहत मिलेगी। बाढ़ प्रभावित गावों में विशेष राहत की जरूरत है।