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विश्व मिर्गी दिवस : मस्तिष्क की ईईजी जांच को अस्पताल में मशीन नहीं, दी जाती है दवा

Mon, 10 Feb 2025 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 10 Feb 2025 01:23 AM IST
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World Epilepsy Day: For EEG test of brain, no machine is used in hospital, medicine is given
फोटो 06: सोनीपत में स्थित जिला नागरिक अस्पताल। संवाद
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में मिर्गी या दौरे का इलाज तो किया जा रहा है, लेकिन मरीजों को मस्तिष्क की इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक के चक्कर काटने पड़ते हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद मनोरोग ओपीडी में मरीजों का इलाज शुरू किया जाता है। मिर्गी के प्रत्येक मरीज का पर्याप्त इलाज करने के साथ काउंसिलिंग की जाती है। अस्पताल में मनोरोग ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज दौरे पड़ने का उपचार कराने पहुंचते हैं।
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10 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों का उपचार किया जाता है। इससे पहले मस्तिष्क की विद्युत जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेजा जाता है। अस्पताल में मस्तिष्क की विद्युत जांच के लिए इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) नहीं है। ओपीडी में आने वाले मरीजों की शुरुआती जांच करने के लिए सीटी स्कैन कराया जाता है। अगर शुगर लेवल (मधुमेह स्तर) कम है तो मरीजों की एक साल के लिए दवा शुरू कराई जाती है। अगर शुगर लेवल ज्यादा है तो मिर्गी के मरीज को ईईजी मशीन से मस्तिष्क की विद्युत जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेज दिया जाता है। उसके बाद तीन साल के लिए दवा का कोर्स कराया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद अगर दोबारा से मिर्गी आती है तो पांच साल के लिए दवा दी जाती है। उसके बावजूद कोई मरीज ठीक नहीं होता है उसे जीवनभर के लिए दवा लेनी पड़ती है।
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मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप आंतिल ने बताया कि तंत्रिका तंत्रीय विकार (न्यूरोलाॅजिकल डिसार्डर) है, जिसमें रोगी को बार-बार दौरे पड़ते हैं। सामान्य तौर पर अनुवांशिक रोग है। मस्तिष्क में किसी गड़बड़ी के कारण बार-बार दौरे पड़ने की समस्या हो जाती है। ईईजी, एमआरआई और सीटी स्कैन जांच से रोग का पता चलता है। ईईजी से स्मृति हानि और बेहोशी जैसे लक्षणों के कारणों का भी पता चलता है। यह कोमा में पड़े किसी व्यक्ति की मस्तिष्क गतिविधि भी दिखा सकता है। समाज में इस रोग को लोग छिपाते हैं, जो ठीक नहीं है। समय पर इलाज शुरू होने से रोग को ठीक किया जा सकता है।
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मिर्गी रोग के कारण
- सिर में गंभीर चोट से भी रोग उभरता है।
- अत्यधिक रक्तचाप से भी रोग की आशंका रहती है।
- अत्यधिक शोर-शराबा वाली जगहों पर बैठने से दौरे पड़ने की आशंका रहती है।
यह है जरूरी
- मिर्गी ग्रसित मरीजों को देर रात तक नहीं जागना चाहिए।
- मिर्गी के मरीजों को खाली पेट रहना ठीक नहीं है।
- तनाव को कम करना बहुत जरूरी है।
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मिर्गी रोग नियमित इलाज से ठीक किया जा सकता है। मिर्गी के मरीजों को चिकित्सक के परामर्श लेकर इलाज ले तो लोग जल्द इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है।
- डाॅ. संदीप आंतिल, मनोरोग चिकित्सक, जिला नागरिक अस्पताल
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