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राहत के साथ आफत भी लाई धूल भरी आंधी संग बारिश

Thu, 05 May 2022 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 12:00 AM IST
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With relief, disaster also brought rain with dust storm
गांव रोहट में बारिश के बीच मस्ती करते बच्चे। संवाद - फोटो : Sonipat
सोनीपत। पश्चिमी राजस्थान में चक्रवात बनने से दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ फिर सक्रिय हो गया है। इससे बुधवार को दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ जिले के अधिकतर हिस्सों में बारिश तो कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी रही। इससे राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। देर रात तक बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। बारिश व ठंडी हवाएं चलने से तापमान में भी गिरावट आई है, जिससे लोगों ने राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर वीरवार तक बना रहेगा और जिले वासियों को 7 मई तक गर्मी से हल्की राहत मिलती रहेगी। हालांकि उसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
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कई दिनों से जिले में रिकॉर्ड गर्मी पड़ रही थी। राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण लू के थपेड़े जिला वासियों को झेलने पड़ रहे थे। बुधवार को दोपहर तक तेज धूप खिली रही। उसके बाद अचानक आसमान पर बादल छा गए। कुछ ही देर बाद धूल भरी आंधी चलने लगी। राई क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृृष्टि हुई। वहीं दिन ढलते ही शहर में भी बारिश शुरू हो गई। पश्चिमी विक्षोभ अधिक असर एनएच-44 पर दिखाई दिया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद तापमान में भी करीब 5 डिग्री तक की गिरावट आई है। भीषण गर्मी के बीच जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया था। जिससे दिन में लू तन को झुलसा रही थी तो रात को भी गर्मी सताने लगी थी। बुधवार को बारिश के बाद जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर 7 मई तक बना रहेगा। हालांकि उसके बाद एक बार फिर से तापमान में वृद्धि होनी शुरू हो जाएगी।
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बिजाई प्रक्रिया में जुटे किसानों को होगा लाभ
बारिश से खरीफ सीजन की बिजाई प्रक्रिया में जुटे किसानों को भी लाभ होगा। वहीं हरे चारे की फसलों को फायदा हुआ है। इसके अतिरिक्त पिछले कुछ समय से गर्मी की वजह से खेतों में आगजनी की घटनाएं भी काफी बढ़ गई थी। बारिश से इन घटनाओं पर भी विराम लगेगा। यही नहीं प्रदूषण के स्तर में भी बड़ी गिरावट आएगी। किसानों के लिए खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई करने में भी आसानी रहेगी और खर्च भी कम होगा।
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बारिश से मिली राहत, शहर की सभी सड़कों व गलियों में भरा पानी
गन्नौर। तेज आंधी के साथ हुई बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं शहर की सड़कों व गलियों में पानी जमा हो गया। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश से जनस्वास्थ्य विभाग व नगरपालिका कार्यालय परिसर जलमग्न हो गया। पानी निकासी दुरुस्त न होने से जलभराव की स्थिति बनी रही। बारिश के चलते बादशाही रोड, रेलवे रोड, नपा रोड पर इतना पानी भर गया कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गलियों व सड़कों पर भी जमा हो गया। जिससे ग्रामीणों के साथ वाहन चालकों को आवागमन में भी परेशानी हुई। उधर बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी। किसानों का कहना है कि आजकल गेहूं की फसल की कटाई के बाद अगली फसल के लिए खेतों की जुताई की जा रही है। जिसमें काफी पानी की जरुरत है और बिजली पर्याप्त नहीं मिल रही है। अब बारिश के बाद वे खेत की जुताई कर सकेंगे।

कोट
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बुधवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई है। बारिश से तापमान में गिरावट आई है। लोगों को 7 मई तक राहत मिलेगी। इसके बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी होगी।
प्रो. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ
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