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किंगपिन भूपेंद्र बोला- मेरे मोबाइल के मैसेज से होगा बड़ा खुलासा, इंस्पेक्टर की सेटिंग का राज भी खुलेगा
Fri, 15 May 2020 10:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
अंकित चौहान, सोनीपत
अंकित चौहान, सोनीपत
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2020 10:37 AM IST
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खरखौदा में गोदामों से तस्करी की जब्त शराब गायब करने के मामले में जहां पुलिस सुबूत तलाश रही है। वहीं शराब तस्कर भूपेंद्र ने खुद ऐसा खुलासा किया है, जिससे मामले में बड़े नाम सामने आ सकते हैं तो इससे जुड़ी काफी अहम जानकारियां भी मिल सकती है। भूपेंद्र ने कहा है कि उसके मोबाइल में कुछ मैसेज है, जिनसे बड़ा खुलासा हो जाएगा तो उन मैसेज से इंस्पेक्टर की सेटिंग के राज भी खुल जाएंगे।
भूपेंद्र ने यहां तक दावा कर दिया है कि अगर उसके पास मोबाइल होता तो शराब तस्करी से जुड़े मैसेज दिखाकर सब कुछ साफ कर देता। खरखौदा में तस्करी की जब्त की गई शराब गोदाम से गायब मिलने पर छानबीन शुरू हुई तो वहां से 11066 पेटी गायब मिली। जिसमें शराब माफिया भूपेंद्र के साथ दो इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है तो इस मामले में दो टीम छानबीन कर रही है। जबकि इसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने अलग से एसआईटी बनाई है जो इसकी जांच शुरू करेगी।
वहीं शराब तस्कर भूपेंद्र को जब खरखौदा पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए मेडिकल जांच को लेकर जा रही थी तो उसने बातचीत में कहा कि उसके मोबाइल के मैसेज में शराब तस्करी से जुड़ा बड़ा खुलासा होगा। जिसमें उसने कई लोगों को इंस्पेक्टर जसबीर की सेटिंग को लेकर भी मैसेज किए हुए है। भूपेंद्र ने कहा कि अगर मोबाइल उसके पास होता तो वह सभी मैसेज दिखा सकता था, लेकिन मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिए थे और पुलिस चाहे तो उसके मैसेज को देख सकती है। वहीं इस मामले में एसएचओ रहे जसबीर को सबसे बड़ा सूत्रधार बताया जा रहा है और वह डीएसपी के सामने पेश भी नहीं हो रहा है, जबकि उसे लगातार नोटिस दिए गए है।
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इंस्पेक्टर अरुण ने एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराए
खरखौदा में गोदाम से तस्करी की जब्त शराब गायब होने के मामले में इंस्पेक्टर अरुण ने डीएसपी जितेंद्र कुमार की एसआईटी के सामने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने कहा है कि वह मार्च 2019 से दिसंबर 2019 तक एसएचओ रहा है और उसके समय में शराब उन गोदाम में नहीं रखी गई थी तो उसके समय में शराब निकाली भी नहीं गई है। उसने कहा कि अगर वह जांच में दोषी मिलते है तो उनको कोई भी सजा दी जाएगी, वह उनको मंजूर है। एसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर अरुण जांच में सहयोग कर रहे है और उनके बयान दर्ज करके भेज दिया गया है।
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भूपेंद्र ने यहां तक दावा कर दिया है कि अगर उसके पास मोबाइल होता तो शराब तस्करी से जुड़े मैसेज दिखाकर सब कुछ साफ कर देता। खरखौदा में तस्करी की जब्त की गई शराब गोदाम से गायब मिलने पर छानबीन शुरू हुई तो वहां से 11066 पेटी गायब मिली। जिसमें शराब माफिया भूपेंद्र के साथ दो इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है तो इस मामले में दो टीम छानबीन कर रही है। जबकि इसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने अलग से एसआईटी बनाई है जो इसकी जांच शुरू करेगी।
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वहीं शराब तस्कर भूपेंद्र को जब खरखौदा पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए मेडिकल जांच को लेकर जा रही थी तो उसने बातचीत में कहा कि उसके मोबाइल के मैसेज में शराब तस्करी से जुड़ा बड़ा खुलासा होगा। जिसमें उसने कई लोगों को इंस्पेक्टर जसबीर की सेटिंग को लेकर भी मैसेज किए हुए है। भूपेंद्र ने कहा कि अगर मोबाइल उसके पास होता तो वह सभी मैसेज दिखा सकता था, लेकिन मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लिए थे और पुलिस चाहे तो उसके मैसेज को देख सकती है। वहीं इस मामले में एसएचओ रहे जसबीर को सबसे बड़ा सूत्रधार बताया जा रहा है और वह डीएसपी के सामने पेश भी नहीं हो रहा है, जबकि उसे लगातार नोटिस दिए गए है।
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इंस्पेक्टर अरुण ने एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराए
खरखौदा में गोदाम से तस्करी की जब्त शराब गायब होने के मामले में इंस्पेक्टर अरुण ने डीएसपी जितेंद्र कुमार की एसआईटी के सामने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने कहा है कि वह मार्च 2019 से दिसंबर 2019 तक एसएचओ रहा है और उसके समय में शराब उन गोदाम में नहीं रखी गई थी तो उसके समय में शराब निकाली भी नहीं गई है। उसने कहा कि अगर वह जांच में दोषी मिलते है तो उनको कोई भी सजा दी जाएगी, वह उनको मंजूर है। एसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर अरुण जांच में सहयोग कर रहे है और उनके बयान दर्ज करके भेज दिया गया है।