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Sonipat News: नंद के लाल प्रगटे तो चारों तरफ बिखरीं खुशियां
Sun, 17 Aug 2025 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 17 Aug 2025 01:31 AM IST
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फोटो 63: सोनीपत के गीता भवन मंदिर में कान्हा को झूला झुलाते हुए दंपती। संवाद
सोनीपत। जिलाभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धाभाव व हर्षोल्लास से मनाया गया। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर लड्डू गोपाल को झूला झुलाया। विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित झांकियां सजाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। शहरभर के बाजारों में मेले जैसा माहौल रहा। देर रात भगवान श्रीकृष्ण का बाल गोपाल के रूप में जन्म हुआ तो पांडव नगरी धर्ममय हो उठी। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर उपवास खोला।
इससे पहले प्राचीन मंदिरों में भजन मंडलियों ने संकीर्तन किया। मंदिरों को लाइटों, फूलमालाओं व रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया। जिससे मंदिरों की छटा अलग ही दिखाई दे रही थी। मंदिरों में दिनभर नंदलाल के स्वागत के लिए भगवान श्रीकृष्ण के भजन गूंजते रहे। बालगोपाल के जन्म को लेकर जहां मंदिरों को एक दिन पहले ही सजाया गया था, वहीं, सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, वैसे-वैसे मंदिरों में लोगों की भीड़ भी बढ़ती गई। मंदिरों में विशेष तौर पर झूले, प्रसाद का प्रबंध किया गया था। बाल गोपाल का शृंगार कर उन्हें चंदन, अक्षत व रोली का तिलक लगाकर माखन मिश्री, फलों व अन्य सामग्री का भाेग लगाया गया।
देर रात तक झांकियों से दर्शाई श्रीकृष्ण की लीलाएं
दिनभर श्रीकृष्ण जन्म की झांकियाें के बाद देर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दिखाया गया। कई झांकियों के जरिये दर्शाया गया कि किस तरह से राजा कंस ने वासुदेव व देवकी को जेल में बंद किया। देवकी के सभी बच्चों को कंस ने किस प्रकार मौत के घाट उतारा। वहीं आठवें बालक के रूप में कृष्ण ने जन्म तो लिया, लेकिन वासुदेव उन्हें तेज बारिश के बीच यशोदा के पास छोड़ आए। देर रात को भगवान श्रीकृष्ण स्वरूप लड्डू गोपाल को स्नान करवाकर उन्हें नए वस्त्र पहनाकर शृंगार किया गया। मंदिरों में रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती रही।
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इन प्रमुख मंदिरों में रही भारी भीड़
शहर के कामी रोड स्थित बाबा धाम मंदिर, रोहतक रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर सोनीपत धाम, मॉडल टाउन स्थित गीता भवन मंदिर, नवदुर्गा माता मंदिर, काली माता मंदिर, ककरोई चौक स्थित शंभू दयाल मंदिर, कैलाश कॉलोनी स्थित ओम शिव धाम मंदिर, सुनारों वाली गली स्थित चिटाने वाली माता मंदिर, बड़ा बाजार स्थित ठाकुर द्वारा मंदिर, जटवाड़ा स्थित शिव मंदिर, सेक्टर-23 स्थित शिव मंदिर, एटलस रोड स्थित कृष्ण मंदिर, कच्चे क्वार्टर बाजार, नंदवानी नगर, सेक्टर-14 मंदिर, इंदिरा काॅलोनी, सेक्टर-15, सेक्टर-23, चार मरला शांति नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर, न्यू ब्रह्मा काॅलोनी स्थित दुर्गा मंदिर, गोहाना रोड बाइपास स्थित हनुमान मंदिर, मुरथल रोड स्थित शिव मंदिर, राई स्थित शिव मंदिर, गांव सेवली स्थित प्राचीन शिव मंदिर, खरखौदा के छपड़ेश्वर धाम मंदिर, राम चौक स्थित कुंडी नाथ मंदिर, दिल्ली बाइपास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, पुराना बाजार स्थित बैजनाथ मंदिर, गोहाना के मस्तनाथ शिवाला मंदिर व पुरानी अनाज मंडी स्थित अग्रवाल सत्संग भवन में जन्माष्टमी उत्सव पर भक्तिमय माहौल रहा।
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इससे पहले प्राचीन मंदिरों में भजन मंडलियों ने संकीर्तन किया। मंदिरों को लाइटों, फूलमालाओं व रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया। जिससे मंदिरों की छटा अलग ही दिखाई दे रही थी। मंदिरों में दिनभर नंदलाल के स्वागत के लिए भगवान श्रीकृष्ण के भजन गूंजते रहे। बालगोपाल के जन्म को लेकर जहां मंदिरों को एक दिन पहले ही सजाया गया था, वहीं, सुबह से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, वैसे-वैसे मंदिरों में लोगों की भीड़ भी बढ़ती गई। मंदिरों में विशेष तौर पर झूले, प्रसाद का प्रबंध किया गया था। बाल गोपाल का शृंगार कर उन्हें चंदन, अक्षत व रोली का तिलक लगाकर माखन मिश्री, फलों व अन्य सामग्री का भाेग लगाया गया।
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देर रात तक झांकियों से दर्शाई श्रीकृष्ण की लीलाएं
दिनभर श्रीकृष्ण जन्म की झांकियाें के बाद देर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म दिखाया गया। कई झांकियों के जरिये दर्शाया गया कि किस तरह से राजा कंस ने वासुदेव व देवकी को जेल में बंद किया। देवकी के सभी बच्चों को कंस ने किस प्रकार मौत के घाट उतारा। वहीं आठवें बालक के रूप में कृष्ण ने जन्म तो लिया, लेकिन वासुदेव उन्हें तेज बारिश के बीच यशोदा के पास छोड़ आए। देर रात को भगवान श्रीकृष्ण स्वरूप लड्डू गोपाल को स्नान करवाकर उन्हें नए वस्त्र पहनाकर शृंगार किया गया। मंदिरों में रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती रही।
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इन प्रमुख मंदिरों में रही भारी भीड़
शहर के कामी रोड स्थित बाबा धाम मंदिर, रोहतक रोड स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर सोनीपत धाम, मॉडल टाउन स्थित गीता भवन मंदिर, नवदुर्गा माता मंदिर, काली माता मंदिर, ककरोई चौक स्थित शंभू दयाल मंदिर, कैलाश कॉलोनी स्थित ओम शिव धाम मंदिर, सुनारों वाली गली स्थित चिटाने वाली माता मंदिर, बड़ा बाजार स्थित ठाकुर द्वारा मंदिर, जटवाड़ा स्थित शिव मंदिर, सेक्टर-23 स्थित शिव मंदिर, एटलस रोड स्थित कृष्ण मंदिर, कच्चे क्वार्टर बाजार, नंदवानी नगर, सेक्टर-14 मंदिर, इंदिरा काॅलोनी, सेक्टर-15, सेक्टर-23, चार मरला शांति नगर स्थित दुर्गा माता मंदिर, न्यू ब्रह्मा काॅलोनी स्थित दुर्गा मंदिर, गोहाना रोड बाइपास स्थित हनुमान मंदिर, मुरथल रोड स्थित शिव मंदिर, राई स्थित शिव मंदिर, गांव सेवली स्थित प्राचीन शिव मंदिर, खरखौदा के छपड़ेश्वर धाम मंदिर, राम चौक स्थित कुंडी नाथ मंदिर, दिल्ली बाइपास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, पुराना बाजार स्थित बैजनाथ मंदिर, गोहाना के मस्तनाथ शिवाला मंदिर व पुरानी अनाज मंडी स्थित अग्रवाल सत्संग भवन में जन्माष्टमी उत्सव पर भक्तिमय माहौल रहा।

फोटो 63: सोनीपत के गीता भवन मंदिर में कान्हा को झूला झुलाते हुए दंपती। संवाद

फोटो 63: सोनीपत के गीता भवन मंदिर में कान्हा को झूला झुलाते हुए दंपती। संवाद

फोटो 63: सोनीपत के गीता भवन मंदिर में कान्हा को झूला झुलाते हुए दंपती। संवाद

फोटो 63: सोनीपत के गीता भवन मंदिर में कान्हा को झूला झुलाते हुए दंपती। संवाद