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Sonipat News: पानी निकासी के विरोध में उतरे जुआं-2 के ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी, पंप से निकासी की मांग की
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गांव जुआं में श्मशान घाट के गेट के पास प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवद
- फोटो : Sonipat
गांव जुआं के खेतों में भरे बारिश के पानी का विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब जुआं नंबर-2 के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर उनकी फसलों को बर्बाद करने के प्रयास का आरोप लगाया है। श्मशान घाट के गेट के पास एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पंपों के जरिये पंचायत नंबर-1 के खेतों में भरे पानी की निकासी कराने की मांग की। मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त कार्यालय में धरना शुरू करने की चेतावनी दी। वहीं जुआं नंबर-1 के ग्रामीणों ने पानी की निकासी को लेकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। जिससे 12 नवंबर को चुनाव नहीं हो पाए थे।
जुआं-1 के ग्रामीणों ने खेतों से पानी निकासी के लिए लघु सचिवालय परिसर में 25 दिन तक धरना दिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि जलभराव से करीब 500 एकड़ भूमि में खरीफ फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। पानी की निकासी के लिए ग्रामीण पाइप लाइन दबाने की मांग कर रहे थे। प्रशासन की तरफ से दोनों पंचायतों के ग्रामीणों के साथ बैठकर मुद्दे को सुलझाने की बात कही गई। समय बीत जाने के बाद पंचायत नंबर-2 के ग्रामीणों ने खेतों में रबी की फसल उगा दी है। अगर पानी की निकासी के लिए पाइप दबाकर निकासी की गई तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी।
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ग्रामीण राममेहर, सोनू, बिजेंद्र, अजीत, आनंद, सतबीर, रामभज, सतीश, प्रवीन, रामनिवास, सुमित आर्य, महाबीर, इंद्रपाल, पवन ने बताया कि बारिश के दिनों में उनके खेतों में पानी भर गया था। अपने स्तर पर उन्होंने अपने खेतों से भरे पानी को ड्रेन में निकाला। काफी दिन मेहनत के बाद खेत से पानी निकल पाया। पंचायत नंबर-1 की तरफ से प्रशासन जबरदस्ती पानी की निकासी करने पर अड़ा हुआ है। अगर पाइप दबाकर पानी की निकासी की तो उनके खेतों में फसल बर्बाद हो जाएगी। प्रशासन से मांग है कि पंचायत नंबर-1 की तरफ भरे पानी को पंप के जरिए ड्रेन के माध्यम से निकाले। अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो आगामी विरोध करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन पंपों से निकाल रहा था पानी, जुआं नंबर-1 के ग्रामीणों ने रोका
जुआं नंबर- 2 के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत नंबर-1 के ग्रामीण सीधे बहाव के अनुसार पानी की निकासी करवाने के लिए धरने पर बैठे थे। पूर्व सरपंच धर्मबीर सहित दो अन्य ग्रामीण काफी दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। प्रशासन की तरफ से पंपों के जरिये पानी निकालने का प्रयास किया तो जुआं नंबर-1 के ग्रामीणों ने पंप से पानी निकासी नहीं होने दी। जुआं नंबर-2 के ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन अब भी पंपों से पानी निकासी कर सकता है।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पंपों के जरिये पंचायत नंबर-1 के खेतों में भरे पानी की निकासी कराने की मांग की। मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त कार्यालय में धरना शुरू करने की चेतावनी दी। वहीं जुआं नंबर-1 के ग्रामीणों ने पानी की निकासी को लेकर पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। जिससे 12 नवंबर को चुनाव नहीं हो पाए थे।
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जुआं-1 के ग्रामीणों ने खेतों से पानी निकासी के लिए लघु सचिवालय परिसर में 25 दिन तक धरना दिया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि जलभराव से करीब 500 एकड़ भूमि में खरीफ फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। पानी की निकासी के लिए ग्रामीण पाइप लाइन दबाने की मांग कर रहे थे। प्रशासन की तरफ से दोनों पंचायतों के ग्रामीणों के साथ बैठकर मुद्दे को सुलझाने की बात कही गई। समय बीत जाने के बाद पंचायत नंबर-2 के ग्रामीणों ने खेतों में रबी की फसल उगा दी है। अगर पानी की निकासी के लिए पाइप दबाकर निकासी की गई तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी।
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ग्रामीण राममेहर, सोनू, बिजेंद्र, अजीत, आनंद, सतबीर, रामभज, सतीश, प्रवीन, रामनिवास, सुमित आर्य, महाबीर, इंद्रपाल, पवन ने बताया कि बारिश के दिनों में उनके खेतों में पानी भर गया था। अपने स्तर पर उन्होंने अपने खेतों से भरे पानी को ड्रेन में निकाला। काफी दिन मेहनत के बाद खेत से पानी निकल पाया। पंचायत नंबर-1 की तरफ से प्रशासन जबरदस्ती पानी की निकासी करने पर अड़ा हुआ है। अगर पाइप दबाकर पानी की निकासी की तो उनके खेतों में फसल बर्बाद हो जाएगी। प्रशासन से मांग है कि पंचायत नंबर-1 की तरफ भरे पानी को पंप के जरिए ड्रेन के माध्यम से निकाले। अगर उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो आगामी विरोध करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन पंपों से निकाल रहा था पानी, जुआं नंबर-1 के ग्रामीणों ने रोका
जुआं नंबर- 2 के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत नंबर-1 के ग्रामीण सीधे बहाव के अनुसार पानी की निकासी करवाने के लिए धरने पर बैठे थे। पूर्व सरपंच धर्मबीर सहित दो अन्य ग्रामीण काफी दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। प्रशासन की तरफ से पंपों के जरिये पानी निकालने का प्रयास किया तो जुआं नंबर-1 के ग्रामीणों ने पंप से पानी निकासी नहीं होने दी। जुआं नंबर-2 के ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन अब भी पंपों से पानी निकासी कर सकता है।