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Sonipat News: फैक्टरी से उड़ रही राख से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी, फसलों को पहुंच रहा नुकसान

Mon, 16 Dec 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 16 Dec 2024 01:32 AM IST
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Villagers are facing increasing problems due to the ash flying from the factory, causing damage to crops
फोटो 05: सोनीपत के गांव मलिकपुर के खेतों में मिट्टी पर जमी फैक्टरी की राख। संवाद
सोनीपत। गांव मलिकपुर में फैक्टरी से उड़ रही राख से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। राख के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। सांस के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हो रही है और खेतों में फसलों को नुकसान हो रहा है। इस समस्या से परेशान ग्रामीण रविवार को एकत्रित हुए और फैक्टरी संचालक के खिलाफ रोष जताया। उनका कहना है कि दूषित पानी जमीन के अंदर छोड़े जाने से भूमिगत जल भी प्रदूषित होने लगा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं की तो वह मुख्यमंत्री को शिकायत करेंगे।
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फैक्टरी की चिमनी से धुएं के साथ राख उड़ रही है। इससे गांव में प्रदूषण बढ़ने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। फैक्टरी से राख लोगों का स्वास्थ्य बिगाड़ रही है। ग्रामीण धर्मपाल, सूरजभान, महावीर, नितिन त्यागी, आर्यन का आरोप है कि फैक्टरी संचालक की ओर से पानी शोधन किए बिना जमीन में छोड़ा जा रहा है। इससे भूमिगत जल भी प्रदूषित हो रहा है। फैक्टरी में राख के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हवा चलने पर राख उड़ती है और आमजन के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री को शिकायत करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीण प्रवीन, छोटू, सत्ता, रोबिन, सन्नी, मनोज ने बताया कि फैक्टरी से निकल रही राख की वजह से राहगीरों को काफी परेशानी होती है और आसपास की फसलें भी खराब हो रही हैं। लोगों ने बताया कि हवा में धुआं घुल जाता है, जिससे सांस लेने में भी दिक्कत होती है। उनका कहना है कि चिमनी से निकलने वाले धुएं के कारण सुबह घर की छतों व आंगन में राख की एक परत जमी होती है। ऐसे में ग्रामीणों को रोजाना आंगन के साथ छत की सफाई करनी पड़ रही है।
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राख हो या दूषित पानी दोनों से स्किन और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है। राख संक्रमण, खांसी, सांस की बीमारियां, स्किन, दिल और दमा के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है। पानी के संपर्क में आने से या उसके आसपास की हवा से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
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- डॉ. राजेश सिंघल, चर्म रोग विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग


गांव मलिकपुर में फैक्टरी से उड़ रही राख को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर वहां पर कोई समस्या है तो एक टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही टीम की तरफ से आगामी कार्रवाई की जाएगी। जहां भी चेकिंग की जाती है, कमी मिलने पर पहले नोटिस दिया जाता है।
- प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत
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