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Sonipat News: नागरिक अस्पताल में बंद पड़े वेंटिलेटरों काे संजीवनी की जरूरत

Sat, 03 Aug 2024 11:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 03 Aug 2024 11:02 PM IST
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Ventilators lying closed in Civil Hospital need Sanjeevani
सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में बंद रखे वेंटिलेटरों काे संजीवन की जरूरत है। वेंटिलनेटर चलाने के लिए मैनपावर के अभाव में मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर जिला नागरिक अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है। सरकार ने वेंटिलेटरों के संचालन के लिए पांच चिकित्सक, एक इंटेंसिविस्ट (एक चिकित्सक जो गहन देखभाल के रोगियों की देखभाल और उपचार में माहिर हो) व 20 स्टाफ कर्मी की जरूरत बताई है। सिविल सर्जन के अनुसार सरकार ने पहले चरण में पांच जिलों के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर चालू करने का निर्णय लिया है। दूसरे चरण में सोनीपत के जिला नागरिक अस्पताल को शामिल करने की तैयारी है।
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जिला नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा होते हुए भी मरीजों को उनका लाभ नहीं मिल पा रहा। हालात ऐसे हैं कि वेंटिलेटरों को चलाने के लिए स्टाफ कर्मी दक्ष नहीं है। अस्पताल प्रशासन की अनदेखी कहे या सरकार की लापरवाही, क्योंकि कोरोना काल में सरकार व दानी सज्जनों की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को 17 वेंटिलेटर मिले थे। इनमें पीएम केयर फंड से दो वेंटिलेटर मिले थे। पांच वेंटिलेटर पहले से ही उपलब्ध हैं। कोरोना काल बीते हुए दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अस्पताल में धूल फांक रहे करोड़ों रुपये के वेंटिलेटरों की सुध नहीं ली जा रही है।
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रोजाना गंभीर मरीज हो रहे रेफर

जिला अस्पताल में रोजाना गंभीर मरीज आते हैं। इसमें हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को तत्काल वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है। इसके जरिए उनके फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाया जाता है, ताकि मरीज काे बीमारी से लड़ने में मदद मिलें। मगर वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने के कारण मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है।
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तत्कालीन सांसद ने स्वास्थ्य विभाग को दिए थे 50 लाख रुपये
जिला अस्पताल में कोरोना की दूसरे लहर के दौरान मात्र छह वेंटिलेटर थे। उस समय एक माह में वेंटिलेटर पर 36 मरीजों को रखा गया था। इसमें से 16 मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। ऐसे में तत्कालीन सांसद रमेश कौशिक ने 10 वेंटिलेटर की खरीद के लिए 50 लाख रुपये स्वास्थ्य विभाग दिए थे। वेंटिलेटर की खरीद के लिए विभाग ने टेंडर भी लगाया, लेकिन किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला। इस बीच सरकार व दानी सज्जनों के सहयोग से 16 वेंटिलेटर मिलने के बाद विभाग ने अन्य उपकरण खरीदे थे। इनमें इंफ्युजन पंप, ऑटोमेटिक एक्सटर्नल डिवाइस डिफेबिलिटर, आर्टियल ब्लड गैस एनालाइजर, ईसीजी मशीन, प्लस रेट करने की मशीनों के साथ अन्य उपकरण शामिल थे।


वर्जन
जिला नागरिक अस्पताल में बंद रखे वेंटिलेटरों को चलाने के लिए सरकार की ओर से दूसरे चरण में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इनके संचालन के लिए मैनपावर भी उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन, सोनीपत
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