{"_id":"62684849afdeb63ac3600463","slug":"traveling-on-the-roads-built-on-the-banks-of-canals-is-become-deadly-sonipat-news-rtk6449870142","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा बन रहा नहरों के किनारे बनी सड़कों पर सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा बन रहा नहरों के किनारे बनी सड़कों पर सफर
विज्ञापन
एनसीआर वाटर चैनल नहर में डूबे बच्चे की तलाश करते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : Sonipat
जिले में नहरों के किनारे सड़कों पर सफर लगातार जानलेवा बन रहा है। झरोठ के पास मामा-भांजी की मौत और उनके बेटे के डूबने से पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। हलालपुर से आगे नाहरा-नाहरी के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गिरी कार ट्रांसपोर्टर, उनकी पत्नी व दो बेटों की मौत व महलाना के पास भी एक परिवार के चार सदस्यों के साथ ही रोहट पुल पर भी चार दोस्तों की मौत इस तरह हो चुकी है।
नहरों के बीच बनी सड़क पर सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जरा सी लापरवाही होते ही कार व अन्य वाहन के नहर में गिरने का डर बना रहता हैं। जिसके कारण यहां हादसे होते रहते हैं। नहरों के पास बसे गांवों के लोग भी सुरक्षा को लेकर मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई पहल नहीं हो सकी है। सड़क किनारे ही नहर का पानी बह रहा है। जिससे गाड़ी के नियंत्रण खोते ही सवार वाहन समेत नहर में जा गिरता है।
पहले हुए हादसे
अगस्त, 2020 में नाहरा-नाहरी के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में कार गिरने से ट्रांसपोर्टर, उनकी पत्नी व दो बेटों की मौत हुई।
गांव महलाना के पास 14 दिसंबर, 2019 को अनियंत्रित होकर कार नहर में गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान गई थी। जिसमें दंपती व उनके बेटा-बेटी शामिल थे।
विज्ञापन
21 जनवरी, 2018 की रात को गांव रोहट के पास कार नहर में गिरने से सांपला की पंजाबी कालोनी के चार युवकों की जान चली गई थी। नहर में गिरने से पहले भी हुए हादसे
दिसंबर, 2012 में ककरोई के पास कार अनियंत्रित होकर पश्चिमी यमुना नहर में गिरने से पांच लोगों की जान गई थी।
जनवरी 2015 में नहर में डूबने से तारानगर की पूनम की मौत हो गई थी उसका पति अमित बच गया था।
जुड़वा भाई बहन हैं तरुण व तमन्ना
नहर में डूबे तरुण की एक जुड़वा बहन है। जिसका नाम तमन्ना है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे में नहर के अंदर गिरी कार को उसने देखा था। जिसमें से चालक बाहर आया और इसी बीच दूसरे दरवाजे से एक बच्चे ने भी खुद को बाहर निकाला, लेकिन वह बहाव में डूब गया। मौके पर एकत्रित लोगों से चालक संदीप ने मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद लोग नहर में उतरे।
विज्ञापन
नहरों के बीच बनी सड़क पर सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जरा सी लापरवाही होते ही कार व अन्य वाहन के नहर में गिरने का डर बना रहता हैं। जिसके कारण यहां हादसे होते रहते हैं। नहरों के पास बसे गांवों के लोग भी सुरक्षा को लेकर मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई पहल नहीं हो सकी है। सड़क किनारे ही नहर का पानी बह रहा है। जिससे गाड़ी के नियंत्रण खोते ही सवार वाहन समेत नहर में जा गिरता है।
विज्ञापन
पहले हुए हादसे
अगस्त, 2020 में नाहरा-नाहरी के पास पश्चिमी यमुना लिंक नहर में कार गिरने से ट्रांसपोर्टर, उनकी पत्नी व दो बेटों की मौत हुई।
गांव महलाना के पास 14 दिसंबर, 2019 को अनियंत्रित होकर कार नहर में गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान गई थी। जिसमें दंपती व उनके बेटा-बेटी शामिल थे।
विज्ञापन
21 जनवरी, 2018 की रात को गांव रोहट के पास कार नहर में गिरने से सांपला की पंजाबी कालोनी के चार युवकों की जान चली गई थी। नहर में गिरने से पहले भी हुए हादसे
दिसंबर, 2012 में ककरोई के पास कार अनियंत्रित होकर पश्चिमी यमुना नहर में गिरने से पांच लोगों की जान गई थी।
जनवरी 2015 में नहर में डूबने से तारानगर की पूनम की मौत हो गई थी उसका पति अमित बच गया था।
जुड़वा भाई बहन हैं तरुण व तमन्ना
नहर में डूबे तरुण की एक जुड़वा बहन है। जिसका नाम तमन्ना है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे में नहर के अंदर गिरी कार को उसने देखा था। जिसमें से चालक बाहर आया और इसी बीच दूसरे दरवाजे से एक बच्चे ने भी खुद को बाहर निकाला, लेकिन वह बहाव में डूब गया। मौके पर एकत्रित लोगों से चालक संदीप ने मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद लोग नहर में उतरे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरखौदा में उपचाराधीन घायल कार चालक सुनील। संवाद- फोटो : Sonipat